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saharanpur: केदारनाथ गए युवक की मौत, 12 नवंबर को होनी थी शादी, भाई और दोस्त लापता
Sat, 03 Aug 2024 09:55 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Sat, 03 Aug 2024 09:55 PM IST
सार
केदारनाथ दर्शन के लिए गए वेद विहार कॉलोनी निवासी 24 शुभम की मौत हो गई। उसका शव मलबे में दबा मिला, जबकि उसका मौसेरा भाई और दोस्त लापता हैं। उनकी तलाश की जा रही है।
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शुभम का फाइल फोटो।
- फोटो : Amar ujala
विस्तार
वेदविहार कॉलोनी निवासी शुभम सब्जी मंडी में एक दुकान पर काम करता था। 30 जुलाई को वह घर से यह कहकर गया था कि नीलकंठ कांवड़ लेने जा रहा है। उसके साथ मौसेरा भाई प्रकाशलोक कॉलोनी निवासी 30 वर्षीय अरविंद और दोस्त सूरज पुत्र दल सिंह भी गए थे। परिजनों के अनुसार, वह बिना बताए केदारनाथ चले गए। 31 जुलाई को रात 11 बजे वीडियो कॉल पर शुभम ने अपने परिजनों को मंदिर के दर्शन कराए। इसके बाद तीनों से कोई संपर्क नहीं हुआ। शुभम के पिता कर्ण सिंह ने बताया कि शुक्रवार शाम केदारनाथ से पुलिस का फोन आया, जिन्होंने बताया कि शुभम का शव मलबे में दबा मिला है। उसके पास से दो मोबाइल मिले थे, जिनसे कॉल की जा रही है। पता चलने पर शुभम का बड़ा भाई और अन्य परिजन वहां के लिए रवाना हुए। शनिवार देर शाम वहां पहुंचकर उन्हें शव की पहचान की। पिता ने बताया कि शुभम की 12 नवंबर को शादी होनी थी। वहीं लापता युवकों के परिजनों में भी गम का माहौल है।
12 नवंबर को बंधना था सेहरा, उठ गई अर्थी
केदारनाथ में मारे गए 24 वर्षीय शुभम की 12 नवंबर को शादी होनी थी। परिवार शादी की तैयारियों में जुटा था, लेकिन परिजनों को क्या पता था कि जिस बेटे को घोड़ी पर बैठाकर दुल्हन लाने की तैयारी कर रहे हैं, उस बेटे की अर्थी उठानी पड़ेगी। वेदविहार निवासी कर्ण सिंह ने बताया कि उनका बेटा शुभम चार भाई बहनों में सबसे छोटा था। सभी की शादी हो चुकी है। शुभम की 12 नवंबर को शादी होनी थी। परिवार में कार्ड छपवाने की तैयारी चल रही थी। सभी तैयारियां धरी की धरी रह गईं, जब से टीवी में केदारनाथ में हुई घटना की खबरें देख रहे थे, तब से मन बड़ा बेचैन था। तीनों को फोन मिलाया, लेकिन संपर्क नहीं हुआ। भगवान से दुआ कर रहे थे कि तीनों ठीकठाक वापस आ जाएं। शुभम का शव रविवार शाम तक घर लाया जाएगा।
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12 नवंबर को बंधना था सेहरा, उठ गई अर्थी
केदारनाथ में मारे गए 24 वर्षीय शुभम की 12 नवंबर को शादी होनी थी। परिवार शादी की तैयारियों में जुटा था, लेकिन परिजनों को क्या पता था कि जिस बेटे को घोड़ी पर बैठाकर दुल्हन लाने की तैयारी कर रहे हैं, उस बेटे की अर्थी उठानी पड़ेगी। वेदविहार निवासी कर्ण सिंह ने बताया कि उनका बेटा शुभम चार भाई बहनों में सबसे छोटा था। सभी की शादी हो चुकी है। शुभम की 12 नवंबर को शादी होनी थी। परिवार में कार्ड छपवाने की तैयारी चल रही थी। सभी तैयारियां धरी की धरी रह गईं, जब से टीवी में केदारनाथ में हुई घटना की खबरें देख रहे थे, तब से मन बड़ा बेचैन था। तीनों को फोन मिलाया, लेकिन संपर्क नहीं हुआ। भगवान से दुआ कर रहे थे कि तीनों ठीकठाक वापस आ जाएं। शुभम का शव रविवार शाम तक घर लाया जाएगा।
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शुभम के गमजदा परिजन और पड़ोस के लोग।
- फोटो : Amar ujala
पिता बोले, क्या पता था बेटा हमेशा के लिए सो जाएगा
शुभम की मौत का पता चलते ही परिजनों में मातम छा गया। नम आंखों से पिता कर्ण सिंह ने बताया कि 31 जुलाई को रात करीब 11 बजे जब शुभम ने वीडियो कॉल से मंदिर के दर्शन कराए, उस समय वह काफी खुश था। तीनों के चेहरे पर खुशी दिख रही थी। दर्शन कराने के बाद कहा कि अब वह सोने जा रहे हैं, सुबह चार बजे उठना है। पिता का कहना है कि बेटे की वह आखिरी कॉल थी। क्या पता था कि बेटा हमेशा के लिए सो जाएगा। बेटे को याद कर कर्ण सिंह की आंखें बार-बार नम हो रही थीं। कर्ण सिंह का कहना था कि अगर बेटा पहले बता देता कि केदारनाथ जा रहा है, तो शायद मना कर देते।
शुभम की मौत का पता चलते ही परिजनों में मातम छा गया। नम आंखों से पिता कर्ण सिंह ने बताया कि 31 जुलाई को रात करीब 11 बजे जब शुभम ने वीडियो कॉल से मंदिर के दर्शन कराए, उस समय वह काफी खुश था। तीनों के चेहरे पर खुशी दिख रही थी। दर्शन कराने के बाद कहा कि अब वह सोने जा रहे हैं, सुबह चार बजे उठना है। पिता का कहना है कि बेटे की वह आखिरी कॉल थी। क्या पता था कि बेटा हमेशा के लिए सो जाएगा। बेटे को याद कर कर्ण सिंह की आंखें बार-बार नम हो रही थीं। कर्ण सिंह का कहना था कि अगर बेटा पहले बता देता कि केदारनाथ जा रहा है, तो शायद मना कर देते।