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विराट पर सहारनपुर को भी गर्व
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Mon, 21 Mar 2016 01:11 AM IST
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कोच राजकुमार के साथ विराट कोहली। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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टी-20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के मंसूबों पर पानी फेरने वाले दुनिया के नंबर एक बल्लेबाज विराट कोहली के शानदार प्रदर्शन की सराहना हो रही है। विराट की इस उपलब्धि पर सहारनपुर को भी गर्व है।
विराट कोहली ने महज नौ साल की उम्र से बल्ला पकड़ना सहारनपुर निवासी राजकुमार शर्मा से ही सीखा। शहर के पटेलनगर निवासी राजकुमार शर्मा 36 साल से दिल्ली में हैं। वहां वे वेस्ट जोन क्रिकेट एकेडमी का संचालन करते हैं। विराट भी अपनी कामयाबी में इस कोच की अहम भूमिका को कभी नजरअंदाज नहीं करते हैं।
आपको बता दें कि राजकुमार शर्मा अपने जमाने के बेहतरीन खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने काफी समय कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में भी बिताया। इसके बाद वह वर्ष 1980 में दिल्ली चले गए। वहां चार साल तक वह दिल्ली की ओर से रणजी मैच खेले।
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उन्होंने अपनी कई बेहतरीन पारियों की बदौलत दिल्ली को कई मैच भी जिताए। उनके बेहतरीन प्रदर्शन की वजह से ही वर्ष 1987 में उनका चयन भारतीय टीम में हुआ। वह एक मात्र अंतरराष्ट्रीय मैच खेले, जो 1987 में पाकिस्तान के खिलाफ हुआ था।
इसके बाद उन्होंने दिल्ली में वेस्ट जोन क्रिकेट एकेडमी शुरू की। यहीं पर विराट कोहली अपने पैरेंट्स के साथ नौ साल की उम्र में कोचिंग लेने उनके पास पहुंचे थे।
अमर उजाला के साथ फोन परबातचीत में राजकुमार शर्मा ने विराट कोहली को बेहतरीन खिलाड़ी के साथ ही अच्छा इंसान भी बताया। बकौल राजकुमार विराट में शुरू से ही क्रिकेट के प्रति जुनून था, जो आज भी बरकरार है।
विराट आज भी अपने कोच की हर बात को उतना ही सम्मान देते हैं जितनी शुरुआती दिनों में दिया करते थे। देश में रहने के अलावा जब वह देेश से बाहर खेलने जाते हैं तो जाने से पहले कोच से मुलाकात करते हैं। इतना ही नहीं, ज्यादातर बड़े मुकाबलों से पहले वह अपने कोच से फोन पर बात कर टिप्स भी लेते हैं। कई बार मैच के बाद भी बात होती है।
राजकुमार ने बताया कि विराट एग्रेसिव खिलाड़ी है, जो मैदान पर जुबान से नहीं, बल्कि बल्ले से जवाब देना पसंद करता है। जब भी वह दिल्ली में रहता है तो अक्सर मैदान पर आकर प्रेक्टिस करता है।
सहारनपुर से है विशेष लगाव
कोच राजकुमार शर्मा ने बताया कि सहारनपुर उनकी मातृभूमि है। प्रत्येक व्यक्ति की तरह उन्हें भी अपनी जन्मस्थली से विशेष लगाव है। ऐसा कोई दिन नहीं जाता, तब उन्हें अपने शहर और यहां के अपने दोस्तों को याद न करते हों।
इसके अलावा जब भी मौका मिलता है या कोई त्योहार या पारिवारिक समारोह होता है तो वह सहारनपुर जरूर आते हैं। उनके भाई एनके शर्मा अब भी यहीं रहते हैं, जो सेंट्रल एक्साइज में अधिकारी हैं।
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विराट कोहली ने महज नौ साल की उम्र से बल्ला पकड़ना सहारनपुर निवासी राजकुमार शर्मा से ही सीखा। शहर के पटेलनगर निवासी राजकुमार शर्मा 36 साल से दिल्ली में हैं। वहां वे वेस्ट जोन क्रिकेट एकेडमी का संचालन करते हैं। विराट भी अपनी कामयाबी में इस कोच की अहम भूमिका को कभी नजरअंदाज नहीं करते हैं।
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आपको बता दें कि राजकुमार शर्मा अपने जमाने के बेहतरीन खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने काफी समय कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में भी बिताया। इसके बाद वह वर्ष 1980 में दिल्ली चले गए। वहां चार साल तक वह दिल्ली की ओर से रणजी मैच खेले।
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उन्होंने अपनी कई बेहतरीन पारियों की बदौलत दिल्ली को कई मैच भी जिताए। उनके बेहतरीन प्रदर्शन की वजह से ही वर्ष 1987 में उनका चयन भारतीय टीम में हुआ। वह एक मात्र अंतरराष्ट्रीय मैच खेले, जो 1987 में पाकिस्तान के खिलाफ हुआ था।
इसके बाद उन्होंने दिल्ली में वेस्ट जोन क्रिकेट एकेडमी शुरू की। यहीं पर विराट कोहली अपने पैरेंट्स के साथ नौ साल की उम्र में कोचिंग लेने उनके पास पहुंचे थे।
अमर उजाला के साथ फोन परबातचीत में राजकुमार शर्मा ने विराट कोहली को बेहतरीन खिलाड़ी के साथ ही अच्छा इंसान भी बताया। बकौल राजकुमार विराट में शुरू से ही क्रिकेट के प्रति जुनून था, जो आज भी बरकरार है।
विराट आज भी अपने कोच की हर बात को उतना ही सम्मान देते हैं जितनी शुरुआती दिनों में दिया करते थे। देश में रहने के अलावा जब वह देेश से बाहर खेलने जाते हैं तो जाने से पहले कोच से मुलाकात करते हैं। इतना ही नहीं, ज्यादातर बड़े मुकाबलों से पहले वह अपने कोच से फोन पर बात कर टिप्स भी लेते हैं। कई बार मैच के बाद भी बात होती है।
राजकुमार ने बताया कि विराट एग्रेसिव खिलाड़ी है, जो मैदान पर जुबान से नहीं, बल्कि बल्ले से जवाब देना पसंद करता है। जब भी वह दिल्ली में रहता है तो अक्सर मैदान पर आकर प्रेक्टिस करता है।
सहारनपुर से है विशेष लगाव
कोच राजकुमार शर्मा ने बताया कि सहारनपुर उनकी मातृभूमि है। प्रत्येक व्यक्ति की तरह उन्हें भी अपनी जन्मस्थली से विशेष लगाव है। ऐसा कोई दिन नहीं जाता, तब उन्हें अपने शहर और यहां के अपने दोस्तों को याद न करते हों।
इसके अलावा जब भी मौका मिलता है या कोई त्योहार या पारिवारिक समारोह होता है तो वह सहारनपुर जरूर आते हैं। उनके भाई एनके शर्मा अब भी यहीं रहते हैं, जो सेंट्रल एक्साइज में अधिकारी हैं।