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Saharanpur News: नदी के जलस्रोतों से प्यास बुझा रहे मोहंड के बाशिंदे
Fri, 29 May 2026 12:37 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Fri, 29 May 2026 12:37 AM IST
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छुटमलपुर। शिवालिक तलहटी में बसे मोहंड की एक हजार की आबादी स्वच्छ पेयजल को तरस रही है। जल जीवन मिशन के तहत लगाया गया बोरिंग पिछले दो माह से बंद पड़ा है। ऐसे में ग्रामीणों को नदी के जल स्रोतों से अपने खर्च पर पाइप लाइन के माध्यम से अपनी पानी की जरूरतों को पूरा करना पड़ रहा है।
मुजफ्फराबाद विकासखंड की ग्राम पंचायत गणेशपुर के मजरे मोहंड में दो साल पहले जल जीवन मिशन के तहत बोरिंग करा दिया गया था। हालांकि वाटर टैंक और पाइप लाइन बिछाने का काम अभी पूरा नहीं हो सका है। गत वर्ष 70 घरों में कनेक्शन देकर बोरिंग से डायरेक्ट पानी देने की कवायद शुरू की गई थी, लेकिन वह पूरी तरह परवान नहीं चढ़ सकी। ग्रामीणों का आरोप है कि बोरिंग सही नहीं हुआ है। पिछले दो माह से बोरिंग ठप पड़ा है। वह पानी की एक बूंद तक नहीं उठा पा रहा है। ऐसे में इन सभी घरों में पेयजल टोंटियां सूख गई हैं।
गांव के अलाउद्दीन, शाहनवाज, राजू ठाकुर, हाजी अब्दुल रहमान, लियाकत आदि ने बताया कि बोरिंग होने के बाद उन्हें उम्मीद जगी थी कि अब स्वच्छ पेयजल मयस्सर हो सकेगा, लेकिन सब अधिकारियों और ठेकेदार की लापरवाही की भेंट चढ़ गया। गांव के कुछ संपन्न लोगों ने अपने खर्च पर पास से गुजर रही नदी के जल स्रोतों से मोटर के माध्यम से अपने घरों तक पानी लाने की व्यवस्था कर रखी है। इसी के बाकी के ग्रामीण भी अपनी जरूरत का पानी ले जाते हैं।
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दो माह से बोरिंग से पानी नहीं आया है। उसमें लाइनिंग बढ़ाना पड़ेगा। अधिकारियों को कहकर थक चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। -चरण सिंह राठौर ग्राम प्रधान गणेशपुर।
- बोरिंग लगाने का काम विद्युत यांत्रिकी विभाग का है। इस बारे में वही स्थिति स्पष्ट कर पाएंगे। बाकी अधूरे पड़े कार्य के लिए संबंधित फर्म को निर्देशित किया जा रहा है। - दुष्यंत कुमार, जेई जल निगम सहारनपुर
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मुजफ्फराबाद विकासखंड की ग्राम पंचायत गणेशपुर के मजरे मोहंड में दो साल पहले जल जीवन मिशन के तहत बोरिंग करा दिया गया था। हालांकि वाटर टैंक और पाइप लाइन बिछाने का काम अभी पूरा नहीं हो सका है। गत वर्ष 70 घरों में कनेक्शन देकर बोरिंग से डायरेक्ट पानी देने की कवायद शुरू की गई थी, लेकिन वह पूरी तरह परवान नहीं चढ़ सकी। ग्रामीणों का आरोप है कि बोरिंग सही नहीं हुआ है। पिछले दो माह से बोरिंग ठप पड़ा है। वह पानी की एक बूंद तक नहीं उठा पा रहा है। ऐसे में इन सभी घरों में पेयजल टोंटियां सूख गई हैं।
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गांव के अलाउद्दीन, शाहनवाज, राजू ठाकुर, हाजी अब्दुल रहमान, लियाकत आदि ने बताया कि बोरिंग होने के बाद उन्हें उम्मीद जगी थी कि अब स्वच्छ पेयजल मयस्सर हो सकेगा, लेकिन सब अधिकारियों और ठेकेदार की लापरवाही की भेंट चढ़ गया। गांव के कुछ संपन्न लोगों ने अपने खर्च पर पास से गुजर रही नदी के जल स्रोतों से मोटर के माध्यम से अपने घरों तक पानी लाने की व्यवस्था कर रखी है। इसी के बाकी के ग्रामीण भी अपनी जरूरत का पानी ले जाते हैं।
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दो माह से बोरिंग से पानी नहीं आया है। उसमें लाइनिंग बढ़ाना पड़ेगा। अधिकारियों को कहकर थक चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। -चरण सिंह राठौर ग्राम प्रधान गणेशपुर।
- बोरिंग लगाने का काम विद्युत यांत्रिकी विभाग का है। इस बारे में वही स्थिति स्पष्ट कर पाएंगे। बाकी अधूरे पड़े कार्य के लिए संबंधित फर्म को निर्देशित किया जा रहा है। - दुष्यंत कुमार, जेई जल निगम सहारनपुर