सहारनपुर। निजी स्कूलों की समस्याओं का अविलंब निराकरण करने की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त विद्यालय शिक्षक संघ ने धरना प्रदर्शन किया, साथ ही मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट विवेक चतुर्वेदी को सौंपा। उन्होंने कहा कि सरकार को पंजाब की तर्ज पर पूर्व सांसदों और विधायकों की पेंशन रोककर निजी स्कूलों की फीस प्रतिपूर्ति दिलानी चाहिए।
बृहस्पतिवार को हकीकत नगर स्थित धरना स्थल पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अशोक मलिक ने कहा कि पिछले 24 माह से निजी स्कूल संचालकों को फीस प्रतिपूर्ति नहीं मिल रही है। इसलिए वे अब 25 प्रतिशत गरीब बच्चों को नि:शुल्क नहीं पढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि कोविड संक्रमण के दौर में स्कूल संचालकों को काफी नुकसान हुआ है। इसलिए सरकार निजी स्कूल संचालकों के लिए आर्थिक राहत पैकेज जारी करे। प्रदेश सचिव अमजद अली, जिलाध्यक्ष केपी सिंह एवं महानगर अध्यक्ष गयूर आलम ने कहा कि उत्तर प्रदेश में करीब 800 संस्कृत विद्यालय बंद होने की कगार पर हैं। इन्हें भी मदरसा आधुनिकीकरण की तर्ज पर निजी संस्थाओं के द्वारा संचालित कराकर अनुदान दिया जाए। किसान नेता भगत सिंह वर्मा, बिरमपाल सिंह एवं अरविंद मलिक आदि ने भी विचार रखे। इस दौरान विरेंद्र पंवार, दिनेश रुपड़ी, प्रवीन गुप्ता, शबाना सिद्दिकी, खदीजा तौकिर, मुजाहिद हसन, मनोज मलिक, हंस कुमार, अशोक सैनी, नरेश वर्मा, ब्रह्मपाल सिंह, मनीष कुमार, ममता, शशिकांत शर्मा, प्रिया, हिमांशु कश्यप, रविन्द्र तोमर आदि मौजूद रहे।