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अधरंग और पक्षाघात के रोगियों के उपचार को मेडिकल कालेज में बना पुनर्वास क्लिनिक

Sun, 02 Jan 2022 11:45 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 02 Jan 2022 11:45 PM IST
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Rehabilitation clinic made in the medical college for the treatment of blind patients
डॉ विनय कनौजिया - फोटो : SAHARANPUR
सरसावा (सहारनपुर)। राजकीय मेडिकल कॉलेज में नए वर्ष से पैरालाइसिस (अधरंग) तथा स्ट्रोक (पक्षाघात) के मरीजों के लिए विशेष रिहैबिलिटेशन (पुनर्वास) क्लीनिक आरंभ होने जा रहा है। इसे लेकर मेडिकल प्रशासन तैयारियों में जुटा है। पश्चिम यूपी के किसी भी मेडिकल कॉलेज में इस तरह का यह पहला प्रयास किया जा रहा है।
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रविवार को मेडिकल कॉलेज के पीएमआर (फिजिकल मेडिकल रिहैबिलिटेशन) विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विनय कनौजिया (एमडी पीएमआर) ने बताया कि पैरालाइसिस तथा स्ट्रोक के मरीजों को अभी तक केवल मेडिकल ट्रीटमेंट दिया जाता था, जबकि वास्तविकता ये है कि इस प्रकार के मरीजों में मेडिसिन के साथ ही फिजियोथेरेपी आदि के माध्यम से किए गए उपचार के उपरांत स्वास्थ्य में अप्रत्याशित सुधार आता है। इसी अवधारणा के साथ अब राजकीय मेडिकल कॉलेज सरसावा में न्यूरोरिहैब क्लिनिक के नाम से एक रिहैबिलिटेशन (पुनर्वास) क्लीनिक खोला गया है। जहां इस प्रकार की बीमारियों से पीड़ित मरीजों को विशेषज्ञों द्वारा फिजियोथेरेपी एवं आधुनिक चिकित्सा मशीनों तथा अन्य प्रकार से पुनर्वास सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें पैरालाइसिस, स्ट्रोक, दिमागी चोट, पार्किंसन रोग, स्पाइनल कॉर्ड इंजरी तथा नस एवं मांसपेशियों से संबंधित बीमारियों से लड़ने के लिए दवाओं के साथ ही अन्य तरीकों से भी इलाज किया जाएगा।
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इसके लिए ओपीडी में प्रत्येक मंगलवार को सुबह 9 बजे दोपहर 1 बजे तक विशेष रूप से ऐसी ही बीमारियों से पीड़ित मरीजों का निशुल्क इलाज किया जाएगा। चार जनवरी से ओपीडी शुरू हो जाएगी। बताया कि न्यूरोरिहैब क्लीनिक शुरू करने से पहले उन्होंने अपने स्टाफ को प्रशिक्षित किया है। प्राचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी ने कहा कि राजकीय मेडिकल कॉलेज मरीजों के बेहतर इलाज के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में चिकित्सा क्षेत्र के नए अनुसंधान एवं नई तकनीकों को लगातार अपनाते हुए मरीजों को राहत पहुंचाने का काम किया जा रहा है।
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