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बारिश से आफत : बरसाती नदियां उफान पर, बाढ़ जैसे हालात
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बेहट क्षेत्र में पानी से लबालब बरसाती नदी।
- फोटो : SAHARANPUR
बेहट (सहारनपुर)। शुक्रवार की रात पहाड़ी एवं मैदानी क्षेत्र में भारी बारिश हुई, इसके चलते क्षेत्र की सभी बरसाती नदियों में पानी का जबरदस्त बहाव आया। इससे क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बन गए। भूमि कटाव एवं फसलें जलमग्न होने से किसानों के सामने समस्या हो गई। उधर, नदियों से घिरे गांवों का करीब 10 घंटे तक बाहरी दुनिया से संपर्क कटा रहा। वेस्ट यूपी के विख्यात सिद्धपीठ श्री शाकंभरी देवी में भी नदी में बाढ़ के चलते श्रद्धालुओं को मां के दर्शनों से वंचित रहना पड़ा। बेहट - शाकंभरी देवी और बेहट बिहारीगढ़ सड़क मार्ग भी नदियों में पानी के चलते पूरी तरह बंद रहे।
शुक्रवार की रात में करीब 11 बजे पहाड़ी एवं मैदानी क्षेत्र में बारिश शुरू, जो सुबह चार बजे तक लगातार होती रही। भारी बारिश के चलते सुबह करीब सवा चार बजे शिवालिक पहाड़ियों से निकलने वाली सभी नदियों में पानी का जबरदस्त बहाव आ गया। नदियां पूरे उफान पर रही, इससे इलाके में बाढ़ जैसे हालात बन गए। किसानों की फसलें जलमग्न हो गई। कई गांवों के संपर्क मार्ग तक जलभराव हो गया। तेज बहाव के चलते कई स्थानों पर भूमि कटाव भी हुआ।
क्षेत्र में नदियों से घिरे कई गांवों का करीब 10 घंटे तक बाहरी दुनिया से संपर्क कटा रहा। गांव की स्थिति किसी टापू से कम नहीं थी। वेस्ट यूपी के विख्यात सिद्धपीठ श्री शाकंभरी देवी में नदी में बाढ़ कर चलते श्रद्धालु आदि शक्ति मां शाकंभरी देवी के दर्शन नहीं कर पाए दोपहर दो बजे के बाद पानी कम होने के बाद ही हालात सामान्य होने शुरू हुए। बेहट-शाकंभरी देवी व बेहट-बिहारीगढ़ सड़क मार्ग भी दिन भर नदियों में पानी के चलते बंद रहे। सड़क मार्गों पर कई जगह नदियां बहती है।
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बारिश के ये गांवों बने रहे टापू
बरसाती नदियों में पानी आने से शाहपुर हुसैन और मलकपुर तो पूरी तरह चौतरफा पानी से घिरे रहे। इन गांवों के दोनों तरफ बरसाती नदियां बहती है, जबकि तीसरी तरफ पूर्वी यमुना नहर है। यही हालात जसमोर, पठानपुरा, बाकरपुर, जैतपुर खुर्द एवं जैतपुर कलां गांव के भी रहे। इसके अलावा इलाके के 20 से अधिक गांवों में जनजीवन प्रभावित रहा। कोठड़ी बहलोलपुर के किसान मदन और पहल सिंह ने बताया उनके यहां संहश्रा नदी के बहाव से भूमि कटाव शुरू हो गया है। सैकड़ों बीघा भूमि कटाव हुआ।
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शुक्रवार की रात में करीब 11 बजे पहाड़ी एवं मैदानी क्षेत्र में बारिश शुरू, जो सुबह चार बजे तक लगातार होती रही। भारी बारिश के चलते सुबह करीब सवा चार बजे शिवालिक पहाड़ियों से निकलने वाली सभी नदियों में पानी का जबरदस्त बहाव आ गया। नदियां पूरे उफान पर रही, इससे इलाके में बाढ़ जैसे हालात बन गए। किसानों की फसलें जलमग्न हो गई। कई गांवों के संपर्क मार्ग तक जलभराव हो गया। तेज बहाव के चलते कई स्थानों पर भूमि कटाव भी हुआ।
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क्षेत्र में नदियों से घिरे कई गांवों का करीब 10 घंटे तक बाहरी दुनिया से संपर्क कटा रहा। गांव की स्थिति किसी टापू से कम नहीं थी। वेस्ट यूपी के विख्यात सिद्धपीठ श्री शाकंभरी देवी में नदी में बाढ़ कर चलते श्रद्धालु आदि शक्ति मां शाकंभरी देवी के दर्शन नहीं कर पाए दोपहर दो बजे के बाद पानी कम होने के बाद ही हालात सामान्य होने शुरू हुए। बेहट-शाकंभरी देवी व बेहट-बिहारीगढ़ सड़क मार्ग भी दिन भर नदियों में पानी के चलते बंद रहे। सड़क मार्गों पर कई जगह नदियां बहती है।
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बारिश के ये गांवों बने रहे टापू
बरसाती नदियों में पानी आने से शाहपुर हुसैन और मलकपुर तो पूरी तरह चौतरफा पानी से घिरे रहे। इन गांवों के दोनों तरफ बरसाती नदियां बहती है, जबकि तीसरी तरफ पूर्वी यमुना नहर है। यही हालात जसमोर, पठानपुरा, बाकरपुर, जैतपुर खुर्द एवं जैतपुर कलां गांव के भी रहे। इसके अलावा इलाके के 20 से अधिक गांवों में जनजीवन प्रभावित रहा। कोठड़ी बहलोलपुर के किसान मदन और पहल सिंह ने बताया उनके यहां संहश्रा नदी के बहाव से भूमि कटाव शुरू हो गया है। सैकड़ों बीघा भूमि कटाव हुआ।

बेहट के गांव मुर्तजापुर में संपर्क मार्ग पर पहुंचा मशकरा नदी का पानी।- फोटो : SAHARANPUR

बेहट के गांव मुर्तजापुर के पास मशकरा नदी की बाढ़ से जलमग्न बाजरे की फसल- फोटो : SAHARANPUR