{"_id":"5723af804f1c1b3969a91ad7","slug":"prepare-for-flood-drought","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाढ़-सूखे से निपटने की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाढ़-सूखे से निपटने की तैयारी
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sat, 30 Apr 2016 12:31 AM IST
विज्ञापन
अधिकारियों की बैठक लेते डीएम पवन कुमार।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डीएम पवन कुुुमार ने शुक्रवार को बाढ़ स्टीयरिंग ग्रुप और सूखे से बचाव पर समीक्षा बैठक की। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से पूर्व में आई बाढ़ के बारे में विस्तृत जानकारी ली। साथ ही निर्देश दिए कि संबंधित विभाग तीन दिनों के अंदर कार्ययोजना तैयार कर भिजवा दें। बाढ़ चौकियां स्थापित करने को भी कहा है।
शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता ने बताया कि वर्ष 2011 और 2013 में जिले में आई बाढ़ का कारण यमुना नदी का जलस्तर बढ़ना और हथिनी कुंड बैराज से पानी का छोड़ना था। इससे बेहट और नकुड़ तहसील के गांव प्रभावित हुए थे। इस पर डीएम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ चौकियां स्थापित करने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि संबंधित विभाग शासन के निर्देशानुसार स्थलीय भ्रमण कर तीन दिनों में अपनी कार्ययोजना उपलब्ध करा दें। एसपी देहात जगदीश शर्मा ने बताया कि जिले में दो नाव और लाइफ जैकेट पुलिस लाइन में हैं।
विज्ञापन
डीएम ने सिंचाई, जल निगम और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को बाढ़ से क्षतिग्रस्त बंधों, ठोकरों, सड़कों, पुल और पुलियाओं की मरम्मत और स्कूलों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की मरम्मत का कार्य वर्षा पूर्व करने के लिए निर्देशित किया।
उन्होंने पूर्ति विभाग के अधिकारियों से कहा कि बरसात के मौसम में खराब खाद्य पदार्थों और कटे-फटे फल एवं सब्जियां बिकनी नहीं चाहिए, क्योंकि इनसे बीमारियों के फैलने का डर रहता है। स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया गया कि वे दवाइयों का पूरा स्टाक सुनिश्चित कराएं। उन्होंने पशुपालन विभाग को कहा कि हरे चारे की समस्या होने पर भूसे आदि की व्यवस्था कराई जाए।
तालाबों पर अवैध कब्जा हटवाने के निर्देश करते हुए डीएम ने कहा कि प्रत्येक उप जिलाधिकारी अपनी तहसील के कम से कम 20 तालाबों से कब्जा हटवाते हुए दो दिन में आख्या प्रस्तुत करें। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी दीपक मीणा, एसपी देहात जगदीश शर्मा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन ओपी वर्मा, डीएफओ विजय सिंह के अलावा सभी एसडीएम, तहसीलदार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता ने बताया कि वर्ष 2011 और 2013 में जिले में आई बाढ़ का कारण यमुना नदी का जलस्तर बढ़ना और हथिनी कुंड बैराज से पानी का छोड़ना था। इससे बेहट और नकुड़ तहसील के गांव प्रभावित हुए थे। इस पर डीएम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ चौकियां स्थापित करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
डीएम ने कहा कि संबंधित विभाग शासन के निर्देशानुसार स्थलीय भ्रमण कर तीन दिनों में अपनी कार्ययोजना उपलब्ध करा दें। एसपी देहात जगदीश शर्मा ने बताया कि जिले में दो नाव और लाइफ जैकेट पुलिस लाइन में हैं।
विज्ञापन
डीएम ने सिंचाई, जल निगम और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को बाढ़ से क्षतिग्रस्त बंधों, ठोकरों, सड़कों, पुल और पुलियाओं की मरम्मत और स्कूलों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की मरम्मत का कार्य वर्षा पूर्व करने के लिए निर्देशित किया।
उन्होंने पूर्ति विभाग के अधिकारियों से कहा कि बरसात के मौसम में खराब खाद्य पदार्थों और कटे-फटे फल एवं सब्जियां बिकनी नहीं चाहिए, क्योंकि इनसे बीमारियों के फैलने का डर रहता है। स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया गया कि वे दवाइयों का पूरा स्टाक सुनिश्चित कराएं। उन्होंने पशुपालन विभाग को कहा कि हरे चारे की समस्या होने पर भूसे आदि की व्यवस्था कराई जाए।
तालाबों पर अवैध कब्जा हटवाने के निर्देश करते हुए डीएम ने कहा कि प्रत्येक उप जिलाधिकारी अपनी तहसील के कम से कम 20 तालाबों से कब्जा हटवाते हुए दो दिन में आख्या प्रस्तुत करें। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी दीपक मीणा, एसपी देहात जगदीश शर्मा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन ओपी वर्मा, डीएफओ विजय सिंह के अलावा सभी एसडीएम, तहसीलदार आदि मौजूद रहे।