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डेंगू, मलेरिया से निपटने की तैयारी शुरू
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Fri, 31 Mar 2017 12:41 AM IST
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Dengue
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सहारनपुर में गर्मी की दस्तक के साथ ही डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से बचाव को लेकर नगर निगम ने तैयारियां शुरू कर दीं। अधिकारियों एवं पार्षदों को डेंगू और मलेरिया से बचाव एवं उपचार के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।
नगर निगम सभागार में नगर आयुक्त ओपी वर्मा की अध्यक्षता में निगम के सेक्टर सुपरवाइजरों एवं पार्षदों के साथ बैठक की गई। नगर स्वास्थ्य अधिकारी ओपी गुप्ता, जिला मलेरिया अधिकारी शिवांका गौड़, डॉ. शमशेर आलम, एमआई मनोज कौशिक, धर्मेंद्र पाल सिंह, राजेष रोहिला ने डेंगू से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां बताईं।
जिला मलेरिया अधिकारी शिवांका गौड़ ने कहा कि डेंगू एक वायरल बुखार है। इसमें प्लेटलेट्स कम होने पर घबराने की जरूरत नहीं है। डेंगू मच्छर के प्रजनन स्थानों को लोगों की सक्रिय भागेदारी से नष्ट किया जा सकता है।
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डेंगू रोग के कारण, स्रोत, बचाव, उपचार के बारे में समाज को जागरूक करने के लिये सुपरवाइजरों से सहयोग की अपील की गई। पार्षदों से कहा गया कि अपने-अपने वार्डों में सफाई व्यवस्था को गंभीरता से देखें।
कहीं भी जल इकट्ठा न होने दें और गड्ढों को समय से भरवाएं। कूलर, ओवरहैड टैंक, टायर आदि की सफाई पर भी जोर दिया गया। तेज बुखार होने पर पेरासीटामोल की गोली लें।
ठंडे पानी से शरीर को पोंछें। डेंगू उपचार के लिये कोई खास दवा अथवा बचाव के लिये कोई वैक्सीन नहीं है। चिकित्सकों की सलाह से ही दवा लें। गंभीर मामलों के लक्षण जैसे खून आने पर तुरंत डाक्टर को दिखाएं। एस्प्रीन जैसी दवाएं कदापि न लें। मच्छरदानी का प्रयोग कराएं।
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नगर निगम सभागार में नगर आयुक्त ओपी वर्मा की अध्यक्षता में निगम के सेक्टर सुपरवाइजरों एवं पार्षदों के साथ बैठक की गई। नगर स्वास्थ्य अधिकारी ओपी गुप्ता, जिला मलेरिया अधिकारी शिवांका गौड़, डॉ. शमशेर आलम, एमआई मनोज कौशिक, धर्मेंद्र पाल सिंह, राजेष रोहिला ने डेंगू से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां बताईं।
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जिला मलेरिया अधिकारी शिवांका गौड़ ने कहा कि डेंगू एक वायरल बुखार है। इसमें प्लेटलेट्स कम होने पर घबराने की जरूरत नहीं है। डेंगू मच्छर के प्रजनन स्थानों को लोगों की सक्रिय भागेदारी से नष्ट किया जा सकता है।
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डेंगू रोग के कारण, स्रोत, बचाव, उपचार के बारे में समाज को जागरूक करने के लिये सुपरवाइजरों से सहयोग की अपील की गई। पार्षदों से कहा गया कि अपने-अपने वार्डों में सफाई व्यवस्था को गंभीरता से देखें।
कहीं भी जल इकट्ठा न होने दें और गड्ढों को समय से भरवाएं। कूलर, ओवरहैड टैंक, टायर आदि की सफाई पर भी जोर दिया गया। तेज बुखार होने पर पेरासीटामोल की गोली लें।
ठंडे पानी से शरीर को पोंछें। डेंगू उपचार के लिये कोई खास दवा अथवा बचाव के लिये कोई वैक्सीन नहीं है। चिकित्सकों की सलाह से ही दवा लें। गंभीर मामलों के लक्षण जैसे खून आने पर तुरंत डाक्टर को दिखाएं। एस्प्रीन जैसी दवाएं कदापि न लें। मच्छरदानी का प्रयोग कराएं।