हवा में घुला जहर: दिल्ली जितना ही प्रदूषित है यूपी का ये जिला, 300 के पार पहुंचा एक्यूआई
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एक्यूआई का यह स्तर खतरनाक है, खासकर दिल और सांस के मरीजों के लिए। शनिवार को सहारनपुर का एक्यूआई 320 रहा जबकि पड़ोसी जनपद मुजफ्फरनगर में 364 और दिल्ली में 348 एक्यूआई दर्ज किया गया। एक्यूआई जब 301 से 400 तक होता है तो इसे बहुत बुरी स्थिति माना जाता है।
यह हो सकती है शारीरिक समस्या
एसबीडी जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. सतीश कुमार ने बताया कि सर्दियों में हवा भारी रहती है, जिसकी वजह से उसमें घुले धूल और धुएं के कण जमीन के आसपास रहते हें जो सांस के जरिए इंसान के शरीर में प्रवेश करते हैं।
यह आम आदमी के लिए भी नुकसानदायक है। दिल और सांस के मरीजों के लिए यह बेहद खतरनाक है। इसके अलावा कुछ लोगों को आंखों में जलन की भी शिकायत रहती है। ऐसे में लोगों को घर से निकलते वक्त मास्क और चश्मे का इस्तेमाल करना चाहिए।
यह है प्रदूषण की वजह
- ठंड के कारण हवा में नमी के कारण हवा ऊपर जमीन के आसपास बने रहना।
- जर्जर सड़कों पर वाहनों के चलने से उड़ने वाली धूल।
- शहर भर में सीवर लाइन के लिए खोदकर छोड़ी गई सड़कें।
- धुुएं का जहर उगलते वाहन।
- कुछ किसानों द्वारा जलाई जा रही पराली।
- शहर में जगह-जगह कचरा जलाना
मौसम के साथ हवा के स्तर में परिवर्तन रहता है, जो कभी कम, कभी अधिक हो सकता है। सहारनपुर में एक्यूआई मापने की व्यवस्था आईपीटी (इंस्टीट्यूट ऑफ पेपर टेक्नोलॉजी) परिसर में है। वहां से प्रतिदिन डाटा उपलब्ध नहीं हो पाता है। शनिवार को एक्यूआई कितना रहा इसकी जानकारी कराई जा रही है। - एसआर मौर्य, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।
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