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भ्रांतियों से घिरे लोग, देहात में टीकाकरण धीमा

Wed, 09 Jun 2021 11:04 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 09 Jun 2021 11:04 PM IST
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People surrounded by misconceptions, vaccination slow in the countryside
छुटमलपुर। कोरोनारोधी टीका सबके लिए जरूरी है, यह सरकार कहती है और स्वास्थ्य विभाग भी। बावजूद इसके देहात क्षेत्र में टीकाकरण रफ्तार नहीं पकड़ रहा। टीका लगने पर बुखार आने जैसी भ्रांतियों से ग्रामीण घिरे हैं, जबकि सरकार और चिकित्सकों की स्पष्ट राय है कि वैक्सीन लगवाने से कोई खतरा नहीं, बल्कि यह सुरक्षा कवच है, जब पुंवारका विकास खंड के गांवों में टीकाकरण की स्थिति जानी तो पाया कि गंदेवड़ा, संभालकी गुर्जर और नानका के ग्रामीण टीकाकरण में खास रुचि नहीं ले रहे हैं।
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पुंवारका ब्लाक मुख्यालय से उपलब्ध आंकड़ों पर गौर करें तो 45 से ज्यादा उम्र वालों के लिए गंदेवड़ा में निर्धारित लक्ष्य 1027 है, जिसके सापेक्ष अब तक 127 ने ही टीका लगवाया है। इस गांव की आबादी 6500 है। यह हालात तब हैं, जबकि इसी गांव के रकबे में स्थित राष्ट्रीय विद्या पीठ छुटमलपुर को टीकाकरण केंद्र बनाया गया है। जहां पिछले एक माह से नियमित टीकाकरण हो रहा है।
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इसी ब्लॉक के दूसरे गांव संभालकी गुर्जर में 45 साल से ऊपर के 283 लोगों के सापेक्ष अभी तक 43 लोगों ने ही टीकाकरण कराया है। गांव नानका में भी 454 के सापेक्ष 178 लोगों ने ही टीका लगवाया है। ऐसा तब है जब 45 वर्ष से अधिक आयु वालों को कोविन साइट पर स्लॉट भी बुक करने की आवश्यकता नहीं है।
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---- ऐसी भ्रांतियां हैं गांवों में
गंदेवड़ा निवासी इमरान कुरैशी कहते हैं कि कोविड वैक्सीन लगवाने से बुखार चढ़ने की बात सुनी है। फिलहाल उनका सीजन चल रहा है। अभी तक वैक्सीन नहीं लगवाई है। आम की फसल का सीजन समाप्त होने पर वैक्सीन लगवाएंगे।
-- प्रधान भी कर रहे प्रयास
गंदेवड़ा की प्रधान खुर्शिदा के पति साजिद अख्तर बताते हैं कि पहले लोगों में टीके को लेकर कुछ भ्रांतियां थीं, लेकिन वे धीरे धीरे अब दूर हो रही है। वे भी घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। वे अपने प्रयास से बृहस्पतिवार को गांव में कैंप लगवा रहे हैं। इसमें 100 लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा रखा गया है।
दो बार केंद्र पर गए, नहीं लगा टीका
नानका के पूर्व प्रधान जाकिर अंसारी ने बताया कि वे दो बार समय निकाल कर टीकाकरण केंद्र पर गए, लेकिन दोनों ही बार इत्तेफाक से वैक्सीन खत्म थी। ऐसे में वे अब तक टीकाकरण नहीं करा सके हैं। हालांकि उनका मानना है कि मुस्लिम समाज में अभी टीके को लेकर कुछ भ्रांतियां हैं, लेकिन समाज के जिम्मेदार लोग इसे दूर करने का काम कर रहे हैं। आने वाले समय में टीकाकरण तेजी से होगा।
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मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में टीके को लेकर कुछ भ्रांतियां हैं। एएनएम और आशा महिला कार्यकर्ताओं के साथ ही लेखपालों की मदद से भी ऐसे गांवों में लोगों को जागरूक करने का काम किया जा रहा है। गांवों में कैंप लगवाए जा रहे हैं। पूरा प्रयास है कि टीकाकरण को रफ्तार देकर शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जाए। -- पूजा शर्मा, ब्लाक कार्यक्रम प्रबंधक (कोविड), पुवांरका
----- जिले में अब तक टीकाकरण
438641 लोगों को टीका लगा है।
380658 पहली डोज लगी है
57983 लोगों को दोनों डोज लग चुकी हैं।
इनसे सीखें
ऐसे भी गांव हैं, जहां लोग कोरोनारोधी टीका लगवाने को जागरूक है। नकुड़ क्षेत्र के गांव खडलाना में 45 वर्ष से ऊपर आयु वाले शत प्रतिशत लोगों ने वैक्सीन लगवा ली है। अभी तक यह पहला गांव है, जहां लोगों ने इतनी जागरूकता दिखाई है।

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कैंप में लगाया 196 लोगों को कोविड टीका
छुटमलपुर। बुधवार को राष्ट्रीय विद्या पीठ वैक्सीनेशन सेंटर पर 18 साल से अधिक उम्र वाले 164 और 45 से ज्यादा उम्र वाले 32 लोगों का टीकाकरण किया गया। इस दौरान कैंप पर मौजूद भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिला संयोजक डा सुखपाल सिंह और मंडल संयोजक डा विनोद मित्तल ने लोगों से आह्वान किया कि वे टीका लगवाने के बाद भी दो गज की दूरी और मास्क पहनने के नियम का पालन जरूर करें। साबुन से बार बार हाथों को धोना ही संक्रमण से बचाव का एक मात्र उपाय है। केंद्र पर व्यवस्था बनाने में महेश कांबोज, नगर संपर्क प्रमुख भूपेंद्र कुमार, सुमित बंसल आदि की टीम का सहयोग रहा।
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