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शतरंज प्रतियोगिता का आगाज, मुकाबले शुरू
ब्यूरो/ अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Thu, 10 Sep 2015 12:27 AM IST
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सहारनपुर ऑल इंडिया फिडे रेटिंग शतरंज प्रतियोगिता बुधवार से डॉ. अंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम में शुरू हो गई। प्रतियोगिता में देश और विदेश के 500 से अधिक खिलाड़ी प्रतिभाग कर रहे हैं। प्रथम दिन पहले राउंड के मुकाबले कराए गए, जो देर रात तक चले।
प्रतियोगिता का उद्घाटन प्रदेश के खेल राज्य मंत्री रामकरन आर्य ने दीप प्रज्ज्वलित कर और चाल चलकर किया। उन्होंने प्रतियोगिता के आयोजन पर आयोजकों को बधाई दी। कहा कि प्रतियोगिता से देशभर में सहारनपुर के लिए अच्छा संदेश जाएगा।
उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता कर रहे पूर्व राज्य मंत्री और शतरंज खेल संघ सहारनपुर के अध्यक्ष संजय गर्ग ने कहा कि प्रतियोगिता को आयोजित कराने के पीछे उनका प्रयास शहर में खेल के लिए अच्छा माहौल तैयार करना है। उन्होंने सभी से प्रतियोगिता के सफल आयोजन में सहयोग की अपील की। इस दौरान नगरायुक्त डॉ. नीरज शुक्ला, मजाहिर हसन मुखिया, मुख्य निर्णायक धर्मेंद्र कुमार, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी अजय सेठी, एके गुप्ता, आनंद श्रीवास्तव, अब्दुल अहद, लाल धर्मेंद्र प्रताप आदि थे।
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मंत्री ने ली समीक्षा बैठक
सहारनपुर पहुंचे खेल राज्य मंत्री ने स्टेडियम पहुंचने से पहले सर्किट हाउस में मंडल के खेल अधिकारियों और प्रशिक्षकों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने समस्याएं सुनने के साथ ही सुधार के लिए जरूरी दिशा निर्देश भी दिए। बताया कि ओलंपिक में स्वर्ण पदक प्राप्त करने वालों के लिए प्रदेश सरकार ने छह करोड़ रुपये ईनाम देने की घोषणा की है। रजत पदक के लिए ईनाम की राशि चार करोड़, जबकि कांस्य पदक के लिए तीन करोड़ रुपये रहेगी। इसका मकसद खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देना है। बैठक में खेल अधिकारियों के साथ ही सभी खेल प्रशिक्षक भी थे।
वेन्यू बदलने से हुई खिलाड़ी को परेशानी
शतरंज प्रतियोगिता को पहले अग्रवाल धर्मशाला में आयोजित कराने की बात कही जा रही थी, मगर आयोजकों ने बाद में इसका वेन्यू बदलकर डॉ. अंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम कर दिया। ऐसे में अन्य राज्यों से आने चाले खिलाड़ियों को परेशान होना पड़ा। पंजाब से आए जसप्रीत सिंह, अजय सिंह राणा और कुमार तुलानी पंजाब से आकर सीधे अग्रवाल धर्मशाला पहुुंच गए। वहां प्रतियोगिता न होने का पता चलने पर वह भटकते हुए स्टेडियम पहुंचे। अन्य खिलाड़ियों के साथ ही यही स्थिति बनी। इसके अलावा खिलाड़ियों ने स्टेडियम में इंक्वायरी यानी पूछताछ केंद्र भी स्थापित करने की मांग की है।
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प्रतियोगिता का उद्घाटन प्रदेश के खेल राज्य मंत्री रामकरन आर्य ने दीप प्रज्ज्वलित कर और चाल चलकर किया। उन्होंने प्रतियोगिता के आयोजन पर आयोजकों को बधाई दी। कहा कि प्रतियोगिता से देशभर में सहारनपुर के लिए अच्छा संदेश जाएगा।
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उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता कर रहे पूर्व राज्य मंत्री और शतरंज खेल संघ सहारनपुर के अध्यक्ष संजय गर्ग ने कहा कि प्रतियोगिता को आयोजित कराने के पीछे उनका प्रयास शहर में खेल के लिए अच्छा माहौल तैयार करना है। उन्होंने सभी से प्रतियोगिता के सफल आयोजन में सहयोग की अपील की। इस दौरान नगरायुक्त डॉ. नीरज शुक्ला, मजाहिर हसन मुखिया, मुख्य निर्णायक धर्मेंद्र कुमार, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी अजय सेठी, एके गुप्ता, आनंद श्रीवास्तव, अब्दुल अहद, लाल धर्मेंद्र प्रताप आदि थे।
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मंत्री ने ली समीक्षा बैठक
सहारनपुर पहुंचे खेल राज्य मंत्री ने स्टेडियम पहुंचने से पहले सर्किट हाउस में मंडल के खेल अधिकारियों और प्रशिक्षकों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने समस्याएं सुनने के साथ ही सुधार के लिए जरूरी दिशा निर्देश भी दिए। बताया कि ओलंपिक में स्वर्ण पदक प्राप्त करने वालों के लिए प्रदेश सरकार ने छह करोड़ रुपये ईनाम देने की घोषणा की है। रजत पदक के लिए ईनाम की राशि चार करोड़, जबकि कांस्य पदक के लिए तीन करोड़ रुपये रहेगी। इसका मकसद खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देना है। बैठक में खेल अधिकारियों के साथ ही सभी खेल प्रशिक्षक भी थे।
वेन्यू बदलने से हुई खिलाड़ी को परेशानी
शतरंज प्रतियोगिता को पहले अग्रवाल धर्मशाला में आयोजित कराने की बात कही जा रही थी, मगर आयोजकों ने बाद में इसका वेन्यू बदलकर डॉ. अंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम कर दिया। ऐसे में अन्य राज्यों से आने चाले खिलाड़ियों को परेशान होना पड़ा। पंजाब से आए जसप्रीत सिंह, अजय सिंह राणा और कुमार तुलानी पंजाब से आकर सीधे अग्रवाल धर्मशाला पहुुंच गए। वहां प्रतियोगिता न होने का पता चलने पर वह भटकते हुए स्टेडियम पहुंचे। अन्य खिलाड़ियों के साथ ही यही स्थिति बनी। इसके अलावा खिलाड़ियों ने स्टेडियम में इंक्वायरी यानी पूछताछ केंद्र भी स्थापित करने की मांग की है।