{"_id":"66008a806541e505a2052a14","slug":"official-announcement-of-majids-ticket-from-bsp-saharanpur-news-c-30-1-smrt1053-120795-2024-03-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: बसपा से माजिद के टिकट की अधिकारिक घोषणा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: बसपा से माजिद के टिकट की अधिकारिक घोषणा
Mon, 25 Mar 2024 01:48 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Mon, 25 Mar 2024 01:48 AM IST
विज्ञापन
सहारनपुर। बहुजन समाज पार्टी ने रविवार को सहारनपुर लोकसभा सीट से माजिद अली के टिकट की अधिकारिक घोषणा कर दी। इसके साथ ही उनके टिकट होने को लेकर लगाए जा रहे कयासों पर भी ब्रेक लग गया। हालाकि माजिद अली को करीब दस दिन पहले अपने टिकट होने की सूचना मिल गई थी। यही वजह है कि वह दो दिन पहले नामांकन पत्र खरीद चुके हैं और वीडियो वायरल कर 26 मार्च को नामांकन करने की घोषणा भी कर चुके हैं। यह दूसरा मौका है जब बसपा ने माजिद अली पर दांव खेला है। इससे पहले 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में भी उन्हें प्रत्याशी बनाया गया था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
सहारनपुर लोकसभा में इस बार करीब 18 लाख 44 हजार मतदाता हैं। इस सीट पर मुस्लिमों की संख्या अधिक होने के कारण मुस्लिम बाहुल्य सीट माना जाता है। इसके अलावा दलितों की संख्या भी ठीक है। मुस्लिम और दलित समीकरण को देखते हुए ही माजिद अली को प्रत्याशी बनाया है। 2019 के पिछले चुनाव की बात करें तो बसपा टिकट पर हाजी फजर्लुरहमान जीतकर संसद पहुंचे थे। यह जीत तब हुई थी जब पूरे देश में मोदी लहर चल रही थी। इस बार बसपा ने माजिद अली पर दांव खेला है। माजिद अली के राजनीतिक सफर की बात करें तो वर्तमान में वह वार्ड 32 से जिला पंचायत सदस्य हैं। उनकी पत्नी तस्मीम बानो 2016 में जिला पंचायत अध्यक्ष बनी। माजिद अली 2017 में देवबंद विधान सभा से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़े, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। 2021 में उन्होंने आजाद समाज पार्टी ज्वॉइन कर ली थी, लेकिन दिसंबर 2023 में फिर से बसपा में आए। पार्टी ने उन्हें सहारनपुर लोकसभा प्रभारी बनाया। तब से उनका टिकट पक्का ही माना जा रहा था। 24 मार्च को पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मेवालाल गौतम द्वारा जारी की गई 16 प्रत्याशियों की सूची में माजिद अली का नाम सबसे ऊपर है।
विज्ञापन
सहारनपुर लोकसभा में इस बार करीब 18 लाख 44 हजार मतदाता हैं। इस सीट पर मुस्लिमों की संख्या अधिक होने के कारण मुस्लिम बाहुल्य सीट माना जाता है। इसके अलावा दलितों की संख्या भी ठीक है। मुस्लिम और दलित समीकरण को देखते हुए ही माजिद अली को प्रत्याशी बनाया है। 2019 के पिछले चुनाव की बात करें तो बसपा टिकट पर हाजी फजर्लुरहमान जीतकर संसद पहुंचे थे। यह जीत तब हुई थी जब पूरे देश में मोदी लहर चल रही थी। इस बार बसपा ने माजिद अली पर दांव खेला है। माजिद अली के राजनीतिक सफर की बात करें तो वर्तमान में वह वार्ड 32 से जिला पंचायत सदस्य हैं। उनकी पत्नी तस्मीम बानो 2016 में जिला पंचायत अध्यक्ष बनी। माजिद अली 2017 में देवबंद विधान सभा से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़े, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। 2021 में उन्होंने आजाद समाज पार्टी ज्वॉइन कर ली थी, लेकिन दिसंबर 2023 में फिर से बसपा में आए। पार्टी ने उन्हें सहारनपुर लोकसभा प्रभारी बनाया। तब से उनका टिकट पक्का ही माना जा रहा था। 24 मार्च को पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मेवालाल गौतम द्वारा जारी की गई 16 प्रत्याशियों की सूची में माजिद अली का नाम सबसे ऊपर है।
विज्ञापन