{"_id":"586557364f1c1b7675eed62e","slug":"nursing-homes-raided-were-several-flaws-in","type":"story","status":"publish","title_hn":"नर्सिंग होम में छापेमारी, कई में मिलीं खामियां ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नर्सिंग होम में छापेमारी, कई में मिलीं खामियां
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Fri, 30 Dec 2016 12:21 AM IST
विज्ञापन
जानकारी लेती टीम।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर के देवबंद में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार को नगर के नर्सिंग होम में छापेमारी की। जिससे चिकित्सकों में दिनभर हड़कंप की स्थिति बनी रही। छापेमारी दौरान एक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड केंद्र पर ताला लगा मिलने तथा रिकार्ड न दिखाने पर चेतावनी देकर छोड़ा गया।
एसडीएम देवेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डा. वीके मिश्रा की टीम ने नगर के श्रीराम सेवा कैंसर हॉस्पिटल, शिफा नर्सिंग होम, तैय्यब हास्पिटल, सनावर हास्पिटल तथा मंगलौर पुलिस चौकी पर खुराना नर्सिंग होम में छापेमारी की। जिससे नगर में हड़कंप मचा रहा।
जिस नर्सिंग होम में टीम पहुंचती वहां लोगों की भीड़ जुट जाती थी। टीम ने अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर छापामारी की लेकिन वहां सीएमओ और डीएम के अनुमति पत्र भी नहीं मिले।
विज्ञापन
टीम ने पहले मुख्य मार्ग स्थित शिफा हॉस्पिटल होम में छापेमारी की। टीम को यहां अल्ट्रासाउंड केंद्र तो चलता मिला लेकिन अल्ट्रासाउंड के आवश्यक रिकार्ड नहीं मिल सके। यहां अधिकारी दिशा-निर्देश देकर लौट गए।
श्री रामकृष्ण कैंसर हॉस्पिटल में अल्ट्रासाउंड मशीन मशीन नहीं मिली लेकिन हॉस्पिटल के लाइसेंस पर अल्ट्रासाउंड मशीन कहां चल रही है। हॉस्पिटल के अध्यक्ष स्वामी परस्वरूपानंदजी ने बताया कि उन्हें मशीन किसी के द्वारा दान में दी जा रही थी।
जिसका लाइसेंस भी बन गया था लेकिन दानदाता मशीन नहीं दे पाया। रेलवे रोड पर सनावर नर्सिंग होम में रिकार्ड में एक माह में केवल पांच अल्ट्रासाउंड देख टीम का माथा पीट लिया।
अस्पताल में टीम को यहां लिंग जांच न करने का बोर्ड भी नहीं लगा मिला। जिस पर डॉक्टर को चेतावनी दी गई। तैय्यब ट्रस्ट के हास्पिटल में अल्ट्रासाउंड मशीन के रूम में ताला लटका मिला। यहां पर आवश्यक दस्तावेज भी ताले में बंद मिले। जिसके बाद एसडीएम ने कर्मचारियों को जमकर हड़काया।
मंगलौर चौकी पर डा. शालनी खुराना के नर्सिंग होम में जांच की गई। सीएचसी प्रभारी डा. वीके मिश्रा ने बताया कि अधिकांश नर्सिंग होम में अल्ट्रासाउंड मशीनें तो मिली। मशीनों के संचालन पत्र अधूरे मिले हैं।
अल्ट्रासाउंड केंद्रों के संचालकों को 15 दिन में आवश्यक कार्रवाई पूर्ण करने की चेतावनी दी गई है। एसडीएम देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि तैय्यब हॉस्पिटल की पूर्व में भी शिकायतें मिल रही हैं।
विज्ञापन
एसडीएम देवेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डा. वीके मिश्रा की टीम ने नगर के श्रीराम सेवा कैंसर हॉस्पिटल, शिफा नर्सिंग होम, तैय्यब हास्पिटल, सनावर हास्पिटल तथा मंगलौर पुलिस चौकी पर खुराना नर्सिंग होम में छापेमारी की। जिससे नगर में हड़कंप मचा रहा।
विज्ञापन
जिस नर्सिंग होम में टीम पहुंचती वहां लोगों की भीड़ जुट जाती थी। टीम ने अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर छापामारी की लेकिन वहां सीएमओ और डीएम के अनुमति पत्र भी नहीं मिले।
विज्ञापन
टीम ने पहले मुख्य मार्ग स्थित शिफा हॉस्पिटल होम में छापेमारी की। टीम को यहां अल्ट्रासाउंड केंद्र तो चलता मिला लेकिन अल्ट्रासाउंड के आवश्यक रिकार्ड नहीं मिल सके। यहां अधिकारी दिशा-निर्देश देकर लौट गए।
श्री रामकृष्ण कैंसर हॉस्पिटल में अल्ट्रासाउंड मशीन मशीन नहीं मिली लेकिन हॉस्पिटल के लाइसेंस पर अल्ट्रासाउंड मशीन कहां चल रही है। हॉस्पिटल के अध्यक्ष स्वामी परस्वरूपानंदजी ने बताया कि उन्हें मशीन किसी के द्वारा दान में दी जा रही थी।
जिसका लाइसेंस भी बन गया था लेकिन दानदाता मशीन नहीं दे पाया। रेलवे रोड पर सनावर नर्सिंग होम में रिकार्ड में एक माह में केवल पांच अल्ट्रासाउंड देख टीम का माथा पीट लिया।
अस्पताल में टीम को यहां लिंग जांच न करने का बोर्ड भी नहीं लगा मिला। जिस पर डॉक्टर को चेतावनी दी गई। तैय्यब ट्रस्ट के हास्पिटल में अल्ट्रासाउंड मशीन के रूम में ताला लटका मिला। यहां पर आवश्यक दस्तावेज भी ताले में बंद मिले। जिसके बाद एसडीएम ने कर्मचारियों को जमकर हड़काया।
मंगलौर चौकी पर डा. शालनी खुराना के नर्सिंग होम में जांच की गई। सीएचसी प्रभारी डा. वीके मिश्रा ने बताया कि अधिकांश नर्सिंग होम में अल्ट्रासाउंड मशीनें तो मिली। मशीनों के संचालन पत्र अधूरे मिले हैं।
अल्ट्रासाउंड केंद्रों के संचालकों को 15 दिन में आवश्यक कार्रवाई पूर्ण करने की चेतावनी दी गई है। एसडीएम देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि तैय्यब हॉस्पिटल की पूर्व में भी शिकायतें मिल रही हैं।