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Saharanpur News: अब पार्षद मनोनीत होने के लिए मचेगा घमासान
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दस कार्यकर्ताओं के शासन को भेजे जाएंगे नाम
अभिमन्यु वालिया
सहारनपुर। दूसरी बार भी भाजपा ने नगर निगम की सीट पर जीत का परचम लहराया है। इस बार 70 वार्डों में 38 पार्षद विजयी हुए हैं। जल्द ही पार्टी की और से 10 मनोनीत पार्षद बनाए जाएंगे। इसको लेकर संगठन में घमासान मचेगा। क्योंकि, कई कार्यकर्ता ऐसे हैं, जिनको टिकट नहीं मिला है। वह अब पार्षद मनोनीत होने की जुगत में जुटेंगे।
पिछले चुनाव में संजीव वालिया महापौर बने थे ताे इस बार डाॅ. अजय कुमार ने जीत को बरकरार रखते हुए मेयर सीट कब्जाई र्है। इसके साथ ही भाजपा के लिए अच्छी बात यह है कि इस बार 38 पार्षद जीते हैं, जबकि पिछली बार 28 पार्षद ही जीत पाए थे। इस बोर्ड का बहुमत के साथ बोर्ड का गठन होगा। अब संगठन की और से दस पार्षद मनोनीत किए जाएंगे। इनमें वरिष्ठ और सक्रिय कार्यकर्ताओं के नाम भेजे जाएंगे, लेकिन संगठन में इसको लेकर भी घमासान मचेगा। क्योंकि, कई कार्यकर्ता ऐसे हैं, जो पार्षद पद की दावेदारी कर रहे थे, लेकिन इनको टिकट नहीं मिला है, जिसकी वजह से इनमें नाराजगी भी है। यह कार्यकर्ता पार्षद मनोनीत होने की कोशिश में लग गए हैं। पार्टी जल्द ही दस कार्यकर्ताओं के नाम शासन को भेजेगी। सरकार के माध्यम से यह नाम राज्यपाल को जाएंगे। राज्यपाल के हस्ताक्षर के बाद ही पार्षद मनोनीत होंगे। महानगर अध्यक्ष राकेश जैन का कहना है कि नगर निगम बोर्ड गठित होने के बाद दस कार्यकर्ताओं के नाम भेजे जाएंगे। संवाद
कई निर्दलीय हो सकते हैं शामिल
भाजपा पार्षदों की संख्या बढ़ सकती है। क्योंकि, कई निर्दलीय पार्षद भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं। पिछली बार पांच निर्दलीय पार्षदों ने भाजपा का दामन थाम लिया था। इस बार कई पार्षदों ने पार्टी में आने की कवायद शुरू कर दी है।
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बागी नहीं बिगाड़ सके खेल, अब झेलना होगा निष्कासन
भाजपा में कई कार्यकर्ता बागी हुए और पार्टी के पार्षद प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव भी लड़ा। ऐसी ही स्थिति नगर पालिकाओं में भी देखने को मिली है। बागी हुए ज्यादा कार्यकर्ता पार्टी का खेल तो नहीं बिगाड़ सकें, लेकिन इन्हें अब निष्कासन झेलना होगा। हालांकि, अभी इस पर कोई पार्टी पदाधिकारी बोलने को तैयार नहीं है, लेकिन सूत्र बताते हैं कि करीब 35 बागियों की सूची बनाई गई है, जिनको छह साल के लिए निष्कासित किया जाएगा।
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अभिमन्यु वालिया
सहारनपुर। दूसरी बार भी भाजपा ने नगर निगम की सीट पर जीत का परचम लहराया है। इस बार 70 वार्डों में 38 पार्षद विजयी हुए हैं। जल्द ही पार्टी की और से 10 मनोनीत पार्षद बनाए जाएंगे। इसको लेकर संगठन में घमासान मचेगा। क्योंकि, कई कार्यकर्ता ऐसे हैं, जिनको टिकट नहीं मिला है। वह अब पार्षद मनोनीत होने की जुगत में जुटेंगे।
पिछले चुनाव में संजीव वालिया महापौर बने थे ताे इस बार डाॅ. अजय कुमार ने जीत को बरकरार रखते हुए मेयर सीट कब्जाई र्है। इसके साथ ही भाजपा के लिए अच्छी बात यह है कि इस बार 38 पार्षद जीते हैं, जबकि पिछली बार 28 पार्षद ही जीत पाए थे। इस बोर्ड का बहुमत के साथ बोर्ड का गठन होगा। अब संगठन की और से दस पार्षद मनोनीत किए जाएंगे। इनमें वरिष्ठ और सक्रिय कार्यकर्ताओं के नाम भेजे जाएंगे, लेकिन संगठन में इसको लेकर भी घमासान मचेगा। क्योंकि, कई कार्यकर्ता ऐसे हैं, जो पार्षद पद की दावेदारी कर रहे थे, लेकिन इनको टिकट नहीं मिला है, जिसकी वजह से इनमें नाराजगी भी है। यह कार्यकर्ता पार्षद मनोनीत होने की कोशिश में लग गए हैं। पार्टी जल्द ही दस कार्यकर्ताओं के नाम शासन को भेजेगी। सरकार के माध्यम से यह नाम राज्यपाल को जाएंगे। राज्यपाल के हस्ताक्षर के बाद ही पार्षद मनोनीत होंगे। महानगर अध्यक्ष राकेश जैन का कहना है कि नगर निगम बोर्ड गठित होने के बाद दस कार्यकर्ताओं के नाम भेजे जाएंगे। संवाद
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कई निर्दलीय हो सकते हैं शामिल
भाजपा पार्षदों की संख्या बढ़ सकती है। क्योंकि, कई निर्दलीय पार्षद भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं। पिछली बार पांच निर्दलीय पार्षदों ने भाजपा का दामन थाम लिया था। इस बार कई पार्षदों ने पार्टी में आने की कवायद शुरू कर दी है।
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बागी नहीं बिगाड़ सके खेल, अब झेलना होगा निष्कासन
भाजपा में कई कार्यकर्ता बागी हुए और पार्टी के पार्षद प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव भी लड़ा। ऐसी ही स्थिति नगर पालिकाओं में भी देखने को मिली है। बागी हुए ज्यादा कार्यकर्ता पार्टी का खेल तो नहीं बिगाड़ सकें, लेकिन इन्हें अब निष्कासन झेलना होगा। हालांकि, अभी इस पर कोई पार्टी पदाधिकारी बोलने को तैयार नहीं है, लेकिन सूत्र बताते हैं कि करीब 35 बागियों की सूची बनाई गई है, जिनको छह साल के लिए निष्कासित किया जाएगा।