{"_id":"689cd651c2c2ff13710e11e8","slug":"notice-issued-to-two-parties-which-have-not-contesnotice-issued-to-two-parties-which-have-not-contested-elections-for-six-yearsted-elections-for-six-years-saharanpur-news-c-30-1-sha1004-156369-2025-08-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: छह वर्षों से चुनाव न लड़ने वाली दो पार्टियों को नोटिस जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: छह वर्षों से चुनाव न लड़ने वाली दो पार्टियों को नोटिस जारी
विज्ञापन
सहारनपुर। छह वर्षों से कोई भी चुनाव न लड़ने वाली पार्टियों को नोटिस जारी किया है। पार्टी 21 अगस्त तक मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश को अपना प्रत्यावेदन और हलफनामा जमा करा सकते हैं। जिले की दो राजनैतिक पार्टियों को नोटिस जारी किए गए हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष बंसल ने बताया कि चुनाव आयोग ने इंडिया समाधान पार्टी कार्यालय चौरादेव गागलहेड़ी और जनहित विकास पार्टी कार्यालय गांव हसनपुर बलियाखेड़ी को नोटिस जारी किया है। जारी में नोटिस में कहा गया है कि पार्टी के अध्यक्ष, महासचिव अपना प्रत्यावेदन, अभिलेखों के साथ 21 अगस्त को उपस्थित हो सकते हैं। सुनवाई की तिथि दो सितंबर एवं तीन सितंबर को कार्यालय अवधि में मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष उपस्थित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी की ओर से कारण बताओं नोटिस के संबंध में निर्धारित तिथि तक प्रत्यावेदन उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो यह माना जाएगा कि पार्टी को इस मामले में कुछ नहीं कहना है। ऐसे में पार्टी को राजनैतिक दलों की सूची से हटाये जाने के संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश की ओर से संस्तुति सहित प्रस्ताव भारत निर्वाचन आयोग को भेजा जाएगा।
विज्ञापन
जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष बंसल ने बताया कि चुनाव आयोग ने इंडिया समाधान पार्टी कार्यालय चौरादेव गागलहेड़ी और जनहित विकास पार्टी कार्यालय गांव हसनपुर बलियाखेड़ी को नोटिस जारी किया है। जारी में नोटिस में कहा गया है कि पार्टी के अध्यक्ष, महासचिव अपना प्रत्यावेदन, अभिलेखों के साथ 21 अगस्त को उपस्थित हो सकते हैं। सुनवाई की तिथि दो सितंबर एवं तीन सितंबर को कार्यालय अवधि में मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष उपस्थित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी की ओर से कारण बताओं नोटिस के संबंध में निर्धारित तिथि तक प्रत्यावेदन उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो यह माना जाएगा कि पार्टी को इस मामले में कुछ नहीं कहना है। ऐसे में पार्टी को राजनैतिक दलों की सूची से हटाये जाने के संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश की ओर से संस्तुति सहित प्रस्ताव भारत निर्वाचन आयोग को भेजा जाएगा।
विज्ञापन