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एमएलसी की गिरफ्तारी स्टे की याचिका हाइकोर्ट में खारिज
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। कोतवाली बेहट में 750 बीघा भूमि आवंटित पट्टों का कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर बैनामा कराने के दर्ज मामले में एमएलसी महमूद अली की गिरफ्तारी के स्टे की याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है।
इस मामले में तत्कालीन रजिस्ट्रार कानूनगो दिनेश कुमार की ओर से सितंबर माह में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जांच में सामने आया था कि आवंटित पट्टों को कूटरचित दस्तावेज बनाकर बैनामा करा दिया गया है। मामले में गांव असलमपुर बरथा निवासी रणवीर सिंह ने अधिकारियों से शिकायत की थी और अवैध कब्जे का आरोप लगाया था। इसकी जांच एसडीएम बेहट ने की थी, जिसमें पता चला था कि जिन लोगों के नाम पट्टे आवंटित हुए हैं, उन्होंने जमीन बेची है, जबकि जमीन बेचने का उन्हें अधिकार नहीं था। चूंकि यह भूमि 113 पट्टाधारकों को उपयोग के लिए आवंटित की थी। इसके बावजूद जमीन को संक्रमणीय भूमिधर तक घोषित करा लिया था। इस मामले में एमएलसी महमूद अली ने हाईकोर्ट में गिरफ्तारी पर स्टे के लिए याचिका लगाई थी, जिसके कोर्ट ने खारिज कर दिया है।
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सहारनपुर। कोतवाली बेहट में 750 बीघा भूमि आवंटित पट्टों का कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर बैनामा कराने के दर्ज मामले में एमएलसी महमूद अली की गिरफ्तारी के स्टे की याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है।
इस मामले में तत्कालीन रजिस्ट्रार कानूनगो दिनेश कुमार की ओर से सितंबर माह में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जांच में सामने आया था कि आवंटित पट्टों को कूटरचित दस्तावेज बनाकर बैनामा करा दिया गया है। मामले में गांव असलमपुर बरथा निवासी रणवीर सिंह ने अधिकारियों से शिकायत की थी और अवैध कब्जे का आरोप लगाया था। इसकी जांच एसडीएम बेहट ने की थी, जिसमें पता चला था कि जिन लोगों के नाम पट्टे आवंटित हुए हैं, उन्होंने जमीन बेची है, जबकि जमीन बेचने का उन्हें अधिकार नहीं था। चूंकि यह भूमि 113 पट्टाधारकों को उपयोग के लिए आवंटित की थी। इसके बावजूद जमीन को संक्रमणीय भूमिधर तक घोषित करा लिया था। इस मामले में एमएलसी महमूद अली ने हाईकोर्ट में गिरफ्तारी पर स्टे के लिए याचिका लगाई थी, जिसके कोर्ट ने खारिज कर दिया है।
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