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Saharanpur News: एसडीएम से धक्कामुक्की, आचार संहिता उल्लंघन मामले विधायक उमर अली समेत 19 दोषमुक्त
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अदालत से
अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। अदालत ने लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान एसडीएम के साथ धक्का मुक्की और आचार संहिता उल्लंघन के मामले में अदालत ने बेहट विधायक उमर अली खान समेत 19 आरोपियों को दोषमुक्त किया है।
वादी तत्कालीन उप जिलाधिकारी ने थाना बेहट में तहरीर दी थी। चार अप्रैल 2019 को बिना अनुमति जुलूस निकालने को लेकर तहसील गेट पर हंगामा हुआथा। आरोप था कि सैकड़ों की भीड़ नारेबाजी और आतिशबाजी करते हुए पहुंची और प्रशासन द्वारा रोके जाने पर उग्र हो गई। इस दौरान तत्कालीन एसडीएम के साथ धक्का-मुक्की, अभद्रता और सरकारी कार्य में बाधा भी डाली गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर अली खान, अमजद उर्फ मुरसद, वसीम, माजिद, जाबिर, नजाकत, साजिद नसीम उर्फ पिन्नी, टीपू सुल्तान, कादिर, मारूफ, सैफुल्ला, गुड्डू, हारुन, राशिद, अबरार, कलीम व अजीम के खिलाफ मामला दर्ज किया।
पुलिस ने विवेचना के बाद मामले को अदालत में दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एमपी एमएलए अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चतुर्थ की अदालत में जारी थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन द्वारा अदालत में गवाह पेश किए। प्रत्यक्षदर्शी गवाहों की अदालत में हुई गवाही में विरोधाभास मिला। गवाह आरोपियों की पहचान नहीं कर सके। अभियोजन पक्ष कोई ठोस भौतिक साक्ष्य जैसे वीडियो, फोटो या स्वतंत्र गवाह भी पेश नहीं कर सका, जिससे आरोपों की पुष्टि हो सके। अदालत में पत्रावलियों पर आए साक्ष्यों और गवाहों को सुनने के बाद सभी आरोपियों को दोषमुक्त किया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। अदालत ने लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान एसडीएम के साथ धक्का मुक्की और आचार संहिता उल्लंघन के मामले में अदालत ने बेहट विधायक उमर अली खान समेत 19 आरोपियों को दोषमुक्त किया है।
वादी तत्कालीन उप जिलाधिकारी ने थाना बेहट में तहरीर दी थी। चार अप्रैल 2019 को बिना अनुमति जुलूस निकालने को लेकर तहसील गेट पर हंगामा हुआथा। आरोप था कि सैकड़ों की भीड़ नारेबाजी और आतिशबाजी करते हुए पहुंची और प्रशासन द्वारा रोके जाने पर उग्र हो गई। इस दौरान तत्कालीन एसडीएम के साथ धक्का-मुक्की, अभद्रता और सरकारी कार्य में बाधा भी डाली गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर अली खान, अमजद उर्फ मुरसद, वसीम, माजिद, जाबिर, नजाकत, साजिद नसीम उर्फ पिन्नी, टीपू सुल्तान, कादिर, मारूफ, सैफुल्ला, गुड्डू, हारुन, राशिद, अबरार, कलीम व अजीम के खिलाफ मामला दर्ज किया।
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पुलिस ने विवेचना के बाद मामले को अदालत में दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एमपी एमएलए अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चतुर्थ की अदालत में जारी थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन द्वारा अदालत में गवाह पेश किए। प्रत्यक्षदर्शी गवाहों की अदालत में हुई गवाही में विरोधाभास मिला। गवाह आरोपियों की पहचान नहीं कर सके। अभियोजन पक्ष कोई ठोस भौतिक साक्ष्य जैसे वीडियो, फोटो या स्वतंत्र गवाह भी पेश नहीं कर सका, जिससे आरोपों की पुष्टि हो सके। अदालत में पत्रावलियों पर आए साक्ष्यों और गवाहों को सुनने के बाद सभी आरोपियों को दोषमुक्त किया है।
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