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एसडीएम कोर्ट में पेश हुए मेडिकल कॉलेज के छात्र

Mon, 27 Dec 2021 11:54 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 27 Dec 2021 11:54 PM IST
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Medical college students appeared in SDM court
एसडी कार्यालय पहुंचे एमबीबीएस के छात्र - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर/सरसावा। शेखुल हिंद मौलाना महमूद हसन मेडिकल कॉलेज पिलखनी के एमबीबीएस के निलंबित छात्र सोमवार को एसडीएम कोर्ट में पेश हुए। एसडीएम ने छात्रों से शपथ पत्र लिया, जिसमें छात्रों ने भविष्य में किसी प्रकार का फसाद नहीं करने और मामले में कॉलेज प्रशासन के निर्णय का पालन करना लिखकर दिया है।
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नवंबर में वॉलीबाल खेलने को लेकर एमबीबीएस के सीनियर और जूनियर छात्रों के दो गुटों में झगड़ा हुआ था। इसके बाद कुछ छात्रों ने थाना सरसावा में तहरीर देते हुए दूसरे गुट पर कार्रवाई करने की मांग की थी, लेकिन इसके बाद भी मामला शांत नहीं हुआ था। तीसरे दिन दोनों गुटों के करीब 200 छात्र हाथों में हॉकी और डंडे लेकर आमने सामने आ गए थे। ऐसे में प्राचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी को पुलिस और पीएसी बुलानी पड़ी थी। रात में ही पुलिस और पीएसी ने दो छात्रावास खाली कराते हुए छात्रों को बाहर कर दिया था। इसके बाद वीडियो और फोटो के माध्यम से फसाद करने वाले छात्रों को चिह्नित करते हुए 27 छात्रों को निलंबित कर दिया था। कॉलेज प्रशासन के स्तर से छात्रों को अभिभावकों के साथ सुनवाई के लिए बुलाया जा चुका है। मामले में पुलिस की ओर से 107/116 में चालानी रिपोर्ट एसडीएम सदर कोर्ट में भेजी गई थी। जिससे सभी को मुचलका पाबंद किया जाए। जिसके बाद एसडीएम सदर कोर्ट ने छात्रों को नोटिस जारी किया था।
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सोमवार को उक्त छात्र एसडीएम सदर किंशुक श्रीवास्तव के समक्ष पेश हुए और अपनी बात रखी। एसडीएम ने मामले में प्राचार्य से बात की है, जिसमें उन्होंने 30 दिसंबर को मामले की सुनवाई की बात कही है। एसडीएम ने छात्रों से शपथ पत्र लिखवाकर लिया है, जिसमें भविष्य में किसी तरह का फसाद नहीं करने और 30 दिसंबर को कॉलेज प्रशासन द्वारा जो भी निर्णय लिया जाएगा उसका पालन करने की बात लिखवाई गई है।
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अभिभावकों को ही छात्रों की चिंता नहीं : प्राचार्य
निलंबित किए गए छात्र अपना पक्ष रख सकें। इसके लिए दो बार उन्हें अभिभावकों के साथ बुलाया गया है। इन छात्रों में से दस ही छात्रों के अभिभावक अभी तक सामने आए हैं। हमने शर्त रखी थी कि छात्र अपने चौपहिया वाहन लेकर कॉलेज नहीं आएंगे, साथ ही छात्रावास में अपने कमरों में लगाए गए एसी उतारेंगे। 15-15 हजार रुपये का फाइन भी लगाया गया है, लेकिन किसी भी अभिभावक ने इस शर्त पर अपनी सहमति नहीं जताई है। इससे कहीं न कहीं छात्रों को गलत करने का बल मिल रहा है।

पुलिस से 107/116 में चालानी रिपोर्ट आई थी, जिसके बाद एमबीबीएस के छात्रों को नोटिस जारी किया गया था। उक्त छात्र सोमवार को यहां आए थे, जिनसे शपथ पत्र लिया गया है। उनसे लिखवाया गया है कि वह भविष्य में दोबारा इस तरह की गलती नहीं करेंगे, साथ ही कॉलेज द्वारा दिए जाने वाले निर्णय का पालन करेंगे।
किंशुक श्रीवास्तव, एसडीएम सदर।
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