{"_id":"586941944f1c1b7675eef5e1","slug":"mahapanchayat-municipality-announced-lockout","type":"story","status":"publish","title_hn":"महापंचायत में पालिका की तालाबंदी का एलान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महापंचायत में पालिका की तालाबंदी का एलान
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Mon, 02 Jan 2017 12:03 AM IST
विज्ञापन
देवस्थान में भरा दूषित पानी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर के गंगोह में एसडीएम द्वारा आश्वासन दिए जाने के बावजूद वार्ड 18 में प्राचीन शिवमंदिर और देव स्थानों के जलमग्न होने सहित अन्य समस्याओं का समाधान नहीं होने पर गंगोह विकास संघर्ष समिति द्वारा रविवार को महापंचायत आहूत की गई।
पंचायत में प्रशासन को 24 जनवरी तक का समय देते हुए नगर पालिका की तालाबंदी और धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी गई है। चेतावनी और मांगपत्र मुख्यमंत्री सहित संबंधित विभागों को प्रेषित कर दिया गया।
बता दें कि गत माह समिति ने मोहल्ला गुजरान स्थित प्राचीन शिव मंदिर एवं देव स्थानों और हिंदू मृत बच्चों के कब्रिस्तान सहित जलमग्न हुई किसानों की करीब 3000 बीघा कृषि भूमि, ईदगाह की प्रस्तावित दीवार का निर्माण कराने, तालाब पर कब्जा कर प्रतिबंधित मछली पालन होने सहित क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर आंदोलन चलाया था।
विज्ञापन
13 दिसंबर को नगर पालिका पर धरने और तालाबंदी के प्रस्तावित कार्यक्रम को एसडीएम शमशाद हुसैन आश्वासन देकर स्थगित कराने में कामयाब हो गए थे। समिति के अनुसार इसके बाद प्रशासन ने फिर से आंखें मूंद ली। इसके विरोध में रविवार को शिव चौक स्थित पंचायती धर्मशाला में महापंचायत आहूत की गई।
वक्ताओं ने कहा कि धीमी गति से ईदगाह की दीवार के निर्माण का कार्य आरंभ कराया गया। अन्य किसी समस्या के समाधान का नगर पालिका अथवा प्रशासन ने प्रयास तक नही किया।
प्रशासन की वादाखिलाफी से समिति और नागरिक खुद को ठगा महसूस कर रहे है। पंचायत में हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदायों के लोग शामिल हुए। नगर पालिका और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर रोष जताया गया।
बाद में प्रशासन को 24 जनवरी तक का समय देते हुए समाधान ना होने पर 25 जनवरी को नगर पालिका कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन एवं तालाबंदी करने की चेतावनी दी गई।
वक्ताओं में इरफान अलीम कुरैशी, सभासद हारून चौधरी, गयूर चौधरी, हाजी इलियास कुरैशी, सुरेशपाल राणा, हितेष मित्तल, चौधरी शिवकुमार, इरशाद चौधरी रहे। संचालन चौधरी मुस्तकीम और वासिल खान ने किया। सितारा बेगम, इरफाना खलील, शादाब मलिक, देवीचंद मनोज गोयल मौजूद रहे।
उधर, समिति द्वारा महापंचायत किए जाने की सूचना से प्रशासन में एक बार फिर हड़कंप मच गया। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर तहसीलदार राकेश शर्मा लेखपालों की टीम के साथ मोहल्ला गुजरान पहुंचे।
उन्होंने जलमग्न प्राचीन शिव मंदिर, तालाब, कब्रिस्तान और देव स्थानों का निरीक्षण किया और समिति को जल्द ही समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
जलमग्न प्राचीन शिव मंदिर, देवस्थान और मृत हिंदू बच्चों के कब्रिस्तान की समस्या के समाधान को मुस्लिम समुदाय के लोगों के आगे आने का सर्वत्र स्वागत किया जा रहा है। इससे गांव में सदभाव भी बना हुआ है। समिति में भी अधिकांश सदस्य मुस्लिम समुदाय से ही है।
विज्ञापन
पंचायत में प्रशासन को 24 जनवरी तक का समय देते हुए नगर पालिका की तालाबंदी और धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी गई है। चेतावनी और मांगपत्र मुख्यमंत्री सहित संबंधित विभागों को प्रेषित कर दिया गया।
विज्ञापन
बता दें कि गत माह समिति ने मोहल्ला गुजरान स्थित प्राचीन शिव मंदिर एवं देव स्थानों और हिंदू मृत बच्चों के कब्रिस्तान सहित जलमग्न हुई किसानों की करीब 3000 बीघा कृषि भूमि, ईदगाह की प्रस्तावित दीवार का निर्माण कराने, तालाब पर कब्जा कर प्रतिबंधित मछली पालन होने सहित क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर आंदोलन चलाया था।
विज्ञापन
13 दिसंबर को नगर पालिका पर धरने और तालाबंदी के प्रस्तावित कार्यक्रम को एसडीएम शमशाद हुसैन आश्वासन देकर स्थगित कराने में कामयाब हो गए थे। समिति के अनुसार इसके बाद प्रशासन ने फिर से आंखें मूंद ली। इसके विरोध में रविवार को शिव चौक स्थित पंचायती धर्मशाला में महापंचायत आहूत की गई।
वक्ताओं ने कहा कि धीमी गति से ईदगाह की दीवार के निर्माण का कार्य आरंभ कराया गया। अन्य किसी समस्या के समाधान का नगर पालिका अथवा प्रशासन ने प्रयास तक नही किया।
प्रशासन की वादाखिलाफी से समिति और नागरिक खुद को ठगा महसूस कर रहे है। पंचायत में हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदायों के लोग शामिल हुए। नगर पालिका और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर रोष जताया गया।
बाद में प्रशासन को 24 जनवरी तक का समय देते हुए समाधान ना होने पर 25 जनवरी को नगर पालिका कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन एवं तालाबंदी करने की चेतावनी दी गई।
वक्ताओं में इरफान अलीम कुरैशी, सभासद हारून चौधरी, गयूर चौधरी, हाजी इलियास कुरैशी, सुरेशपाल राणा, हितेष मित्तल, चौधरी शिवकुमार, इरशाद चौधरी रहे। संचालन चौधरी मुस्तकीम और वासिल खान ने किया। सितारा बेगम, इरफाना खलील, शादाब मलिक, देवीचंद मनोज गोयल मौजूद रहे।
उधर, समिति द्वारा महापंचायत किए जाने की सूचना से प्रशासन में एक बार फिर हड़कंप मच गया। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर तहसीलदार राकेश शर्मा लेखपालों की टीम के साथ मोहल्ला गुजरान पहुंचे।
उन्होंने जलमग्न प्राचीन शिव मंदिर, तालाब, कब्रिस्तान और देव स्थानों का निरीक्षण किया और समिति को जल्द ही समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
जलमग्न प्राचीन शिव मंदिर, देवस्थान और मृत हिंदू बच्चों के कब्रिस्तान की समस्या के समाधान को मुस्लिम समुदाय के लोगों के आगे आने का सर्वत्र स्वागत किया जा रहा है। इससे गांव में सदभाव भी बना हुआ है। समिति में भी अधिकांश सदस्य मुस्लिम समुदाय से ही है।