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दिन निकलते ही जिस्म को भेद रहे लू के थपेड़े
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Thu, 19 May 2016 12:09 AM IST
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गरमी
- फोटो : अमर उजाला
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सहारनपुर में भीषण गर्मी का प्रकोप लगातार जारी है। न्यूनतम तापमान बढ़ने की वजह से लोगों को गर्मी से राहत मिलती नहीं दिख रही है। बुधवार को न्यूनतम तापमान 22 डिग्री रहा, जो मंगलवार की तुलना में एक डिग्री अधिक था।
अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस रहा। गर्मी के लगातार बढ़ने से लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। अप्रैल के महीने से गर्मी ने भीषण रूप अपनाया हुआ है। आलम यह है कि सुबह के आठ बजे ही दोहपर की गर्मी जैसा अहसास होने लगता है।
दिन में चिलचिलाती धूप और लू के पथेड़ों ने लोगों का घरों से निकलना मुश्किल किया हुआ है। दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक शहर की प्रमुख सड़कें और बाजार सूने पड़ जाते हैं। गर्मी का सबसे बुरा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। लोगों को लूजमोशन और बुखार ने अपनी चपेट में लिया हुआ है।
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फिजीशियन डॉ. संजीव मिगलानी ने बताया कि अधिक गर्मी में लोगों को हीट स्ट्रॉक होने का ऌखतीरा बढ़ जाता है। दिल के मरीजों, किडनी के मरीजों, सांस के मरीजों और डायबिटीज के मरीजों को यह खतरा अधिक रहता है।
उन्होंने गर्मी के प्रकोप से बचने के लिए लोगों को पेय पदार्थों जैसे पानी, जूस, शिकंजी, रस आदि तथा तरबूज, खरबूज और खीरा, कड़ी आदि का अधिक से अधिक सेवन करने की सलाह दी है। साथ ही वह तली हुई चीजों, फास्ट फूड और जंक फूड से बचने की सलाह भी लोगों को दे रहे हैं। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. कुनाल जैन ने बताया कि इन दिनों सबसे अधिक मरीज लूजमोशन और बुखार के ही आ रहे हैं। उन्होंने भी अहतियात बरतने की सलाह दी है।
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अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस रहा। गर्मी के लगातार बढ़ने से लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। अप्रैल के महीने से गर्मी ने भीषण रूप अपनाया हुआ है। आलम यह है कि सुबह के आठ बजे ही दोहपर की गर्मी जैसा अहसास होने लगता है।
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दिन में चिलचिलाती धूप और लू के पथेड़ों ने लोगों का घरों से निकलना मुश्किल किया हुआ है। दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक शहर की प्रमुख सड़कें और बाजार सूने पड़ जाते हैं। गर्मी का सबसे बुरा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। लोगों को लूजमोशन और बुखार ने अपनी चपेट में लिया हुआ है।
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फिजीशियन डॉ. संजीव मिगलानी ने बताया कि अधिक गर्मी में लोगों को हीट स्ट्रॉक होने का ऌखतीरा बढ़ जाता है। दिल के मरीजों, किडनी के मरीजों, सांस के मरीजों और डायबिटीज के मरीजों को यह खतरा अधिक रहता है।
उन्होंने गर्मी के प्रकोप से बचने के लिए लोगों को पेय पदार्थों जैसे पानी, जूस, शिकंजी, रस आदि तथा तरबूज, खरबूज और खीरा, कड़ी आदि का अधिक से अधिक सेवन करने की सलाह दी है। साथ ही वह तली हुई चीजों, फास्ट फूड और जंक फूड से बचने की सलाह भी लोगों को दे रहे हैं। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. कुनाल जैन ने बताया कि इन दिनों सबसे अधिक मरीज लूजमोशन और बुखार के ही आ रहे हैं। उन्होंने भी अहतियात बरतने की सलाह दी है।