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बेड पड़े कम, मरीजों का फर्श पर इलाज
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sat, 10 Sep 2016 12:56 AM IST
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जिला अस्पताल में एक बैड पर तीन लोग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में बुखार के प्रकोप के चलते जिला अस्पताल में बैड कम पड़ गए हैं। बड़ी संख्या में मरीजों को फर्श पर लिटाकर इलाज किया जा रहा है। पिछले करीब एक महीने से फिजिशियन की ओपीडी में प्रतिदिन 500 से 600 मरीज पहुंच रहे हैं,
जिनमें से गंभीर मरीजों के खून के नमूने जांच के लिए भेजने का सिलसिला जारी है, जिनमे मलेरिया की पुष्टि हो रही है। देवबंद में पिछले दो दिन में चार लोगों की मौत के बाद प्रशासन और चिकित्सा विभाग की नींद टूटी तथा प्रशासन और चिकित्सा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
देवबंद में दो दिन में चार लोगों की मौत हो जाने के बाद प्रशासन जागा है। डीएम शफक्कत कमाल ने मुख्य चिकित्साधिकारी को जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। मगर शहर या शहर के आसपास के देहात क्षेत्र की बात करें तो वहां भी बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
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विभागीय सूत्रों ने बताया कि जनपद में अगस्त महीने से बुखार का प्रकोप फैला हुआ है। इसका बेहतर उदाहरण जिला अस्पताल में फिजिशियन की ओपीडी में प्रतिदिन 500 से अधिक मरीजों का पहुंचना है, जिनमें से ज्यादातर में मलेरिया के लक्षण पाए जा रहे हैं।
इसके अलावा इमरजेंसी में पहुंचने वाले मरीजों में भी बुखार के मरीजों की संख्या सैकड़ों में है। बृहस्पतिवार की पूरी रहत इमरजेंसी में बुखार के मरीजों का आना जारी रहा। रात दस बजे से सुबह आठ बजे तक डेढ सौ से अधिक बुखार के मरीज इमरजेंसी में पहुंचे थे।
गंभीर मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। मरीजों की संख्या अधिक होने की वजह से अस्पताल में बैड कम पड़ गए हैं। ज्यादातर मरीज फर्श पर लेटेकर इलाज कराने को मजबूर हैं। गंभीर मरीजों को रेफर किया जा रहा है।
देवबंद में बुखार का कहर हैरान करने वाला ः पिछले कुछ वर्षों में आजकल के दिनों में खादर क्षेत्र के ब्लॉकों जैसे गंगोह, साढौली कदीम, नकुड़ और मुजफ्फराबाद में बुखार का प्रकोप फैलता आया है। शायद पहली बार देवबंद में बुखार लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है।
ऐसे में चिकित्सा विभाग और चिकित्सक भी हैरान हैं। प्रशासन के सख्त निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने देवबंद में डेरा डाल लिया है, जो मरीजों के खून के नमूने लेकर जांच के लिए भेज रहे हैं।
प्रतिदिन मिल रहे गंभीर मरीज ः जिला अस्पताल में प्रतिदिन 15 से 20 मरीज ऐसे पहुंच रहे हैं, जिनमें डेंगू के लक्षण पाए जा रहे हैं। ऐसे मरीजों के खून के नमूने लेकर शेखुल हिन्दी मौलाना महमूद हसन मेडिकल कॉलेज भेजा जा रहा है। गंभीर मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है। ज्यादातर देहरादून में इलाज करा रहे हैं।
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जिनमें से गंभीर मरीजों के खून के नमूने जांच के लिए भेजने का सिलसिला जारी है, जिनमे मलेरिया की पुष्टि हो रही है। देवबंद में पिछले दो दिन में चार लोगों की मौत के बाद प्रशासन और चिकित्सा विभाग की नींद टूटी तथा प्रशासन और चिकित्सा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
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देवबंद में दो दिन में चार लोगों की मौत हो जाने के बाद प्रशासन जागा है। डीएम शफक्कत कमाल ने मुख्य चिकित्साधिकारी को जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। मगर शहर या शहर के आसपास के देहात क्षेत्र की बात करें तो वहां भी बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
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विभागीय सूत्रों ने बताया कि जनपद में अगस्त महीने से बुखार का प्रकोप फैला हुआ है। इसका बेहतर उदाहरण जिला अस्पताल में फिजिशियन की ओपीडी में प्रतिदिन 500 से अधिक मरीजों का पहुंचना है, जिनमें से ज्यादातर में मलेरिया के लक्षण पाए जा रहे हैं।
इसके अलावा इमरजेंसी में पहुंचने वाले मरीजों में भी बुखार के मरीजों की संख्या सैकड़ों में है। बृहस्पतिवार की पूरी रहत इमरजेंसी में बुखार के मरीजों का आना जारी रहा। रात दस बजे से सुबह आठ बजे तक डेढ सौ से अधिक बुखार के मरीज इमरजेंसी में पहुंचे थे।
गंभीर मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। मरीजों की संख्या अधिक होने की वजह से अस्पताल में बैड कम पड़ गए हैं। ज्यादातर मरीज फर्श पर लेटेकर इलाज कराने को मजबूर हैं। गंभीर मरीजों को रेफर किया जा रहा है।
देवबंद में बुखार का कहर हैरान करने वाला ः पिछले कुछ वर्षों में आजकल के दिनों में खादर क्षेत्र के ब्लॉकों जैसे गंगोह, साढौली कदीम, नकुड़ और मुजफ्फराबाद में बुखार का प्रकोप फैलता आया है। शायद पहली बार देवबंद में बुखार लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है।
ऐसे में चिकित्सा विभाग और चिकित्सक भी हैरान हैं। प्रशासन के सख्त निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने देवबंद में डेरा डाल लिया है, जो मरीजों के खून के नमूने लेकर जांच के लिए भेज रहे हैं।
प्रतिदिन मिल रहे गंभीर मरीज ः जिला अस्पताल में प्रतिदिन 15 से 20 मरीज ऐसे पहुंच रहे हैं, जिनमें डेंगू के लक्षण पाए जा रहे हैं। ऐसे मरीजों के खून के नमूने लेकर शेखुल हिन्दी मौलाना महमूद हसन मेडिकल कॉलेज भेजा जा रहा है। गंभीर मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है। ज्यादातर देहरादून में इलाज करा रहे हैं।