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Kanwar Yatra 2022: शिवरात्रि पर हादसे में एक कांवड़िए की मौत, मचा कोहराम और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
Wed, 27 Jul 2022 01:22 AM IST
मेरठ ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, सहारनपुर
अमर उजाला ब्यूरो, सहारनपुर
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 27 Jul 2022 01:22 AM IST
सार
शिवरात्रि के दिन हादसे में मौत हुई तो परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया गया कि मृतक राजबीर गंगाजल लेकर हरिद्वार से लौट रहे थे।
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कांवड़िए की मौत।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
सहारनपुर जनपद के गंगोह में शिवरात्रि के दिन एक दर्दनाक हादसा हो गया। हादसे में एक कांवड़िए की मौत हो गई, जबकि तीन गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया गया कि दो कांवड़िए गंगाजल लेकर लौट रहे थे इसी दौरान एक अन्य बाइक से टक्कर हो गई।
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हरियाणा के करनाल निवासी सतपाल (54) एवं राजबीर (60) मंगलवार दोपहर भगवान भोलनाथ का जलाभिषेक करने के लिए गंगाजल लेकर बाइक से करनाल वापस जा रहे थे। जेहरा निवासी अंकित व सविता बाइक से गंगोह के लिए आ रहे थे। बताया गया कि बाइकों पर सवार लोगों में किसी के पास हेलमेट नहीं था। जिस समय यह दूधला गांव स्थित पेट्रोल पंप के नजदीक पहुंचे तो दोनों बाइकों में आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर में बाइकों पर सवार चारों लोग सड़क पर गिरकर घायल हो गए।
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वहीं आसपास के लोगों ने घायलों को तुरंत सीएचसी भिजवाया। सीएचसी में सभी घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया। गंभीर रूप से घायल राजबीर एवं अंकित को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। सविता और सतपाल को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। नाजुक हालत में राजबीर को मेडिकल कॉलेज पिलखनी भेज दिया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
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उपचार में देरी के चलते दम तोड़ रहे मरीज
गंगोह सीएचसी को एफआरयू का दर्जा प्राप्त होने के बावजूद यहां ना तो सर्जन की तैनाती है और ना ही यहां एक्सरे की सुविधा है। दुर्घटना अथवा अन्य मामलों में घायल मरीज को यहां से प्राथमिक उपचार देकर रेफर करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। इसके चलते उपचार में देरी के कारण अधिकांश मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। नागरिक जनहित में अनेक बार जनप्रतिनिधियों के माध्यम से शासन-प्रशासन से यहां उक्त सुविधाओं की मांग कर चुके है, लेकिन स्थिति जस की तस है।