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अव्यवस्थित रूप से लगाए ट्रैफिक सिग्नल
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बाजोरिया पुल पर सड़क पर लगे सिग्नल
- फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। महानगर की यातायात व्यवस्था सुधारने और जाम से निजात दिलाने को लगाए ट्रैफिक सिग्नल एक बार फिर अव्यवस्थित तरीके से लगाए गए हैं। इसी वजह से पूर्व में भी दो बार ट्रैफिक सिग्नल लगाए जाने की योजना फेल हो चुकी है और सरकारी पैसे की बर्बादी हुई है। वहीं, लोगों का कहना है कि नागरिकों की राय लेकर सिग्नल लगाने चाहिए।
दरअसल, जाम की परेशानी से महानगर दो दशक से जूझ रहा है। राजनीतिक दलों के लिए यह चुनावी मुद्दा भी रहा है। बाईपास बनने के बाद कुछ हद तक यातायात व्यवस्था में सुधार हुआ, लेकिन इसके बाद भी घंटाघर, नवाबगंज, जिला अस्पताल पुल और कोर्ट रोड सहित अनेक इलाकों में जाम लगता है, जिससे लोगों को दिक्कत उठानी पड़ती है। इसी के मद्देनजर एक बार फिर स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहर में ट्रैफिक सिग्नल लगाए गए हैं, लेकिन इस बार भी ये अव्यवस्थित हैं। जिला अस्पताल पुल की ढलान पर विश्वकर्मा चौक की तरफ ट्रैफिक सिग्नल लगाया। यहां पर एक तरफ पुल से तेजी से वाहन उतरे हैं और दूसरी तरफ पेपर मिल रोड का मोड़ है। ऐसे में तेज रफ्तार से आने वाले वाहनों को पुल की ढलान पर रोकना मुश्किल होगा और हादसा हो सकता है। इसी तरह नवाबगंज चौक और पुरानी चुंगी पर सड़क के बीच ट्रैफिक सिग्नल लगाए गए हैं, जबकि यह सड़क छोटी है। सड़क के दोनों तरफ अतिक्रमण है। यहां भी वाहनों को रोकने के लिए यातायात पुलिस को मशक्कत करनी पड़ेगी। इसके अलावा घंटाघर, हसनपुर चौक और जनकपुरी चौक पर भी ट्रैफिक सिग्नल लगाए जाने की योजना है, लेकिन जिन जगहों को चिह्नित किया जा रहा है, उनमें सुधार की जरूरत है।
नागरिकों की लेनी चाहिए राय, न हो सरकारी धन की बर्बादी
कोर्ट रोड के कारोबारी हरिओम प्रकाश आहलूवालिया, भूतेश्वनगर निवासी दीपक गुप्ता व हकीकतनगर निवासी विरेंद्र बहल का कहना है कि जाम की समस्या दो दशक पुरानी है। पूर्व में भी ट्रैफिक सिग्नल के जरिए यातायात संचालन की योजना अव्यवस्था की वजह से असफल हो चुकी है। इस बार भी अव्यवस्थित तरीके से सिग्नल लगाए हैं। नगर निगम को जनता की राय लेनी चाहिए।
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इंजीनियरों के निर्देशन में लगे सिग्नल
एसपी यातायात प्रेमचंद का कहना है कि नगर निगम के इंजीनियरों के निर्देशन में सिग्नल लगे हैं, लेकिन कुछ जगहों पर अव्यवस्था नजर आ रही है। इसको लेकर संबंधित अधिकारियों से वार्ता की जाएगी। ताकि जनता व यातायात पुलिस को परेशानी न हो।
नहीं होने देंगे परेेशानी
नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि सर्वे कर प्लानिंग के हिसाब से स्मार्ट सिटी के मॉडल के तहत सिग्नल लगाए गए हैं। नागरिकों को किसी तरह की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। कहीं, परेशानी आई तो व्यवस्था में बदलाव किया जा सकता है।
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दरअसल, जाम की परेशानी से महानगर दो दशक से जूझ रहा है। राजनीतिक दलों के लिए यह चुनावी मुद्दा भी रहा है। बाईपास बनने के बाद कुछ हद तक यातायात व्यवस्था में सुधार हुआ, लेकिन इसके बाद भी घंटाघर, नवाबगंज, जिला अस्पताल पुल और कोर्ट रोड सहित अनेक इलाकों में जाम लगता है, जिससे लोगों को दिक्कत उठानी पड़ती है। इसी के मद्देनजर एक बार फिर स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहर में ट्रैफिक सिग्नल लगाए गए हैं, लेकिन इस बार भी ये अव्यवस्थित हैं। जिला अस्पताल पुल की ढलान पर विश्वकर्मा चौक की तरफ ट्रैफिक सिग्नल लगाया। यहां पर एक तरफ पुल से तेजी से वाहन उतरे हैं और दूसरी तरफ पेपर मिल रोड का मोड़ है। ऐसे में तेज रफ्तार से आने वाले वाहनों को पुल की ढलान पर रोकना मुश्किल होगा और हादसा हो सकता है। इसी तरह नवाबगंज चौक और पुरानी चुंगी पर सड़क के बीच ट्रैफिक सिग्नल लगाए गए हैं, जबकि यह सड़क छोटी है। सड़क के दोनों तरफ अतिक्रमण है। यहां भी वाहनों को रोकने के लिए यातायात पुलिस को मशक्कत करनी पड़ेगी। इसके अलावा घंटाघर, हसनपुर चौक और जनकपुरी चौक पर भी ट्रैफिक सिग्नल लगाए जाने की योजना है, लेकिन जिन जगहों को चिह्नित किया जा रहा है, उनमें सुधार की जरूरत है।
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नागरिकों की लेनी चाहिए राय, न हो सरकारी धन की बर्बादी
कोर्ट रोड के कारोबारी हरिओम प्रकाश आहलूवालिया, भूतेश्वनगर निवासी दीपक गुप्ता व हकीकतनगर निवासी विरेंद्र बहल का कहना है कि जाम की समस्या दो दशक पुरानी है। पूर्व में भी ट्रैफिक सिग्नल के जरिए यातायात संचालन की योजना अव्यवस्था की वजह से असफल हो चुकी है। इस बार भी अव्यवस्थित तरीके से सिग्नल लगाए हैं। नगर निगम को जनता की राय लेनी चाहिए।
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इंजीनियरों के निर्देशन में लगे सिग्नल
एसपी यातायात प्रेमचंद का कहना है कि नगर निगम के इंजीनियरों के निर्देशन में सिग्नल लगे हैं, लेकिन कुछ जगहों पर अव्यवस्था नजर आ रही है। इसको लेकर संबंधित अधिकारियों से वार्ता की जाएगी। ताकि जनता व यातायात पुलिस को परेशानी न हो।
नहीं होने देंगे परेेशानी
नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि सर्वे कर प्लानिंग के हिसाब से स्मार्ट सिटी के मॉडल के तहत सिग्नल लगाए गए हैं। नागरिकों को किसी तरह की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। कहीं, परेशानी आई तो व्यवस्था में बदलाव किया जा सकता है।

बेहट रोड़ पर सड़क पर लगे सिग्नल- फोटो : SAHARANPUR

नवाबगंज चौक पर सड़क पर लगे सिग्नल- फोटो : SAHARANPUR