{"_id":"6abc17e42a1de1828a063bd1","slug":"inspection-of-buses-in-the-district-begins-after-greater-noida-bus-fire-saharanpur-news-c-30-1-sah1001-184774-2026-09-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: ग्रेटर नोएडा बस अग्निकांड के बाद जिले में बसों की जांच शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: ग्रेटर नोएडा बस अग्निकांड के बाद जिले में बसों की जांच शुरू
विज्ञापन
ग्रेटर नोएडा बस अग्निकांड के बाद स्लीपर बस में अग्निशमन यंत्र की जांच करती यातायात पुलिस। स्त्र
- परिवहन विभाग, यातायात व पुलिस ने बसों की चेकिंग कर सुरक्षा इंतजामों को परखा
- स्लीपर व डबल डेकर बसों में यात्रियों को इमरजेंसी गेट के इस्तेमाल की दी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में आग लगने से नौ यात्रियों की मौत के बाद जिले में परिवहन, यातायात और पुलिस ने बसों की जांच शुरू कर दी है। पहले दिन टीम ने बसों की चेकिंग कर सुरक्षा इंतजामों को परखा। इसके साथ ही बस में सवार यात्रियों को इमरजेंसी गेट के इस्तेमाल की जानकारी दी गई।
23 सितंबर की देर रात यमुना एक्सप्रेसवे पर चलती स्लीपर बस में आग लगने से नौ यात्रियों की मौत हो गई थी। इस हादसे का हाईकोर्ट ने भी संज्ञान लिया और जांच के आदेश दिए। शासन से पत्र मिलने के बाद मंगलवार से जिले में मीट एंड ग्रीट अभियान शुरू कर दिया है। परिवहन विभाग, यातायात और संबंधित थाना क्षेत्र की पुलिस ने अभियान के तहत रोडवेज, स्लीपर और डबल डेकर बसों की चेकिंग की।
इस दौरान बसों में सुरक्षा मानकों की जांच के साथ यात्रियों को आपात स्थिति में बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। टीमों ने बसों में उपलब्ध अग्निशमन उपकरणों की जांच की। यह भी देखा गया कि उपकरण निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं या नहीं। आपात स्थिति में उपयोग के लिए सही हालत में हैं या नहीं। इसके अलावा बसों में चालक ड्राउजनेस अलर्ट सिस्टम की उपलब्धता भी परखी गई। पुलिस ने चालक और परिचालक के ड्राइविंग लाइसेंस समेत अन्य जरूरी दस्तावेजों की भी जांच की। बसों में निर्धारित मानकों के अनुसार इमरजेंसी गेट की स्थिति देखी गई। यात्रियों को बताया गया कि किसी अप्रिय घटना या आपात स्थिति में इमरजेंसी गेट का इस्तेमाल किस तरह किया जा सकता है। चेकिंग के दौरान बसों के अंदर किसी संदिग्ध या ज्वलनशील वस्तु की की भी जांच की गई।
विज्ञापन
-- वर्जन
बसों की जांच के आदेश मिले हैं। जांच शुरू कर दी गई है। पहले दिन कोई कमी नहीं मिली। अभियान का उद्देश्य बसों में सफर के दौरान यात्रियों को सुरक्षित यात्रा कराना और चालकों को सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक करना है। - शैलेंद्र कुमार श्रीवास्तव, एसपी यातायात
विज्ञापन
- स्लीपर व डबल डेकर बसों में यात्रियों को इमरजेंसी गेट के इस्तेमाल की दी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में आग लगने से नौ यात्रियों की मौत के बाद जिले में परिवहन, यातायात और पुलिस ने बसों की जांच शुरू कर दी है। पहले दिन टीम ने बसों की चेकिंग कर सुरक्षा इंतजामों को परखा। इसके साथ ही बस में सवार यात्रियों को इमरजेंसी गेट के इस्तेमाल की जानकारी दी गई।
23 सितंबर की देर रात यमुना एक्सप्रेसवे पर चलती स्लीपर बस में आग लगने से नौ यात्रियों की मौत हो गई थी। इस हादसे का हाईकोर्ट ने भी संज्ञान लिया और जांच के आदेश दिए। शासन से पत्र मिलने के बाद मंगलवार से जिले में मीट एंड ग्रीट अभियान शुरू कर दिया है। परिवहन विभाग, यातायात और संबंधित थाना क्षेत्र की पुलिस ने अभियान के तहत रोडवेज, स्लीपर और डबल डेकर बसों की चेकिंग की।
विज्ञापन
इस दौरान बसों में सुरक्षा मानकों की जांच के साथ यात्रियों को आपात स्थिति में बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। टीमों ने बसों में उपलब्ध अग्निशमन उपकरणों की जांच की। यह भी देखा गया कि उपकरण निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं या नहीं। आपात स्थिति में उपयोग के लिए सही हालत में हैं या नहीं। इसके अलावा बसों में चालक ड्राउजनेस अलर्ट सिस्टम की उपलब्धता भी परखी गई। पुलिस ने चालक और परिचालक के ड्राइविंग लाइसेंस समेत अन्य जरूरी दस्तावेजों की भी जांच की। बसों में निर्धारित मानकों के अनुसार इमरजेंसी गेट की स्थिति देखी गई। यात्रियों को बताया गया कि किसी अप्रिय घटना या आपात स्थिति में इमरजेंसी गेट का इस्तेमाल किस तरह किया जा सकता है। चेकिंग के दौरान बसों के अंदर किसी संदिग्ध या ज्वलनशील वस्तु की की भी जांच की गई।
विज्ञापन
बसों की जांच के आदेश मिले हैं। जांच शुरू कर दी गई है। पहले दिन कोई कमी नहीं मिली। अभियान का उद्देश्य बसों में सफर के दौरान यात्रियों को सुरक्षित यात्रा कराना और चालकों को सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक करना है। - शैलेंद्र कुमार श्रीवास्तव, एसपी यातायात