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बढ़ रहे टाइफाइड के रोगी, अस्पताल में जांच किट तक नहीं
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सहारनपुर। टाइफाइड के रोगी बढ़ने लगे हैं, जिसकी प्रमुख वजह दूषित खानपान है। फिजीशियन की ओपीडी में पहुंचने वाले बुखार के मरीजों में ज्यादातर टाइफाइड के निकल रहे हैं। खास बात यह है कि एसबीडी जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में टाइफाइड जांच के लिए किट तक नहीं है।
गर्मी से राहत पाने के लिए लोग बाजारों में खुले बिकने वाले शीतल पेय पदार्थों का खूब सेवन करते हैं। इन पेय पदार्थों को ठंडा करने के लिए डाली जाने वाली बर्फ दूषित होने की वजह से लोगों को बीमार बना रही है।
जिला अस्पताल में फिजीशियन की ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों में से 50 प्रतिशत में टाइफाइड के लक्षण मिल रहे हैं, लेकिन जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में टाइफाइड की जांच के लिए किट नहीं है। ऐसे में कई मरीजों को इलाज और जांच के लिए निजी चिकित्सकों और लैब में जाना पड़ रहा है।
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फिजीशियन डॉ. कलीम अहमद ने बताया कि दूषित खानपान टाइफाइड होने की मुख्य वजह है। बरसात के दिनों में भी टाइफाइड के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। लोगों को चाहिए कि वह खानपान में सफाई का विशेष ध्यान रखें। बाजारों में खुले बिकने वाले खानपान से परहेज करें।
टाइफाइड के लक्षण
टाइफाइड में मरीज को तेज बुखार आता है, जो 103 डिग्री से 104 डिग्री तक बढ़ सकता है। टाइफाइड का बुखार लगभग एक हफ्ते तक आता रहता है। मरीज को बुखार आने के साथ ही पेट दर्द, भूख नहीं लगना, सिरदर्द होना, शरीर के कई हिस्सों में दर्द होना, दस्त लगना आदि लक्षण भी पाए जाते हैं।
इन बातों का रखें ख्याल
- खाने से पहले या कुछ खाने के बाद हाथ जरूर धोने चाहिए
- खाने को हमेशा ढककर रखना चाहिए।
- दरवाजों के हैंडल, टीवी का रिमोट, मोबाइल फोन आदि को भी साफ रखें।
- मरीज के कपड़े और बिस्तर की चादर भी रोज बदलनी चाहिए
- बच्चों को हमेशा टाइफाइड के मरीजों से दूर रखना चाहिए
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गर्मी से राहत पाने के लिए लोग बाजारों में खुले बिकने वाले शीतल पेय पदार्थों का खूब सेवन करते हैं। इन पेय पदार्थों को ठंडा करने के लिए डाली जाने वाली बर्फ दूषित होने की वजह से लोगों को बीमार बना रही है।
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जिला अस्पताल में फिजीशियन की ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों में से 50 प्रतिशत में टाइफाइड के लक्षण मिल रहे हैं, लेकिन जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में टाइफाइड की जांच के लिए किट नहीं है। ऐसे में कई मरीजों को इलाज और जांच के लिए निजी चिकित्सकों और लैब में जाना पड़ रहा है।
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फिजीशियन डॉ. कलीम अहमद ने बताया कि दूषित खानपान टाइफाइड होने की मुख्य वजह है। बरसात के दिनों में भी टाइफाइड के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। लोगों को चाहिए कि वह खानपान में सफाई का विशेष ध्यान रखें। बाजारों में खुले बिकने वाले खानपान से परहेज करें।
टाइफाइड के लक्षण
टाइफाइड में मरीज को तेज बुखार आता है, जो 103 डिग्री से 104 डिग्री तक बढ़ सकता है। टाइफाइड का बुखार लगभग एक हफ्ते तक आता रहता है। मरीज को बुखार आने के साथ ही पेट दर्द, भूख नहीं लगना, सिरदर्द होना, शरीर के कई हिस्सों में दर्द होना, दस्त लगना आदि लक्षण भी पाए जाते हैं।
इन बातों का रखें ख्याल
- खाने से पहले या कुछ खाने के बाद हाथ जरूर धोने चाहिए
- खाने को हमेशा ढककर रखना चाहिए।
- दरवाजों के हैंडल, टीवी का रिमोट, मोबाइल फोन आदि को भी साफ रखें।
- मरीज के कपड़े और बिस्तर की चादर भी रोज बदलनी चाहिए
- बच्चों को हमेशा टाइफाइड के मरीजों से दूर रखना चाहिए