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नहीं रुक रहा दुर्लभ वन्य जीवों का शिकार
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Mon, 30 May 2016 12:11 AM IST
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In ward off the predator.
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर के बेहट में तकरीबन 38 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैले शिवालिक जंगल (आरक्षित वन क्षेत्र) में दुर्लभ वन्य जीवों का शिकार रोके नहीं रुक रहा है।
शरीर के अंगों के लिए तो उनका शिकार किया ही जाता रहा है, लेकिन पिछले डेढ़ दशक से शिवालिक जंगल में स्वाद और शौक पूरा करने के लिए हिरन प्रजाति पर तो मानों आफत ही टूट पड़ी है।
इन दुर्लभ जीवों का शिकार करने वालों के अड्डे है, जंगल से सटे रईसजादों और ऊंची पहुंच वालों के फार्म हाउस। शिकारी इन्हीं फार्म हाउसों पर रात के समय शरण लेकर बेजुबान जंगली जानवरों को अपनी गोली का निशाना बनाते हैं।
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इसी साल आठ जनवरी को मोंहड वन रेंज क्षेत्र के जंगल से बिहारीगढ़ थाना पुलिस द्वारा पकड़े गए शिकारियों ने दो सांभरों को मांस के लिए गोली मारकर उनका शिकार किया था।
इसमें वन विभाग की जंगल और उसमें विचरण करने वाले जीवों की सुरक्षा के दावों की तो कलई खुल ही गई थी, साथ ही यह भी खुलासा हुआ कि दुर्लभ वन्य जीवों को स्वाद और शौक के लिए मारा जा रहा है।
अब शनिवार को ताजा घटनाक्रम ने एक बार फिर वन विभाग की कार्यप्रणाली की पोल खोलकर रख दी। बेखौफ शिकारियों ने वन्य जीवों का शिकार किया और असलहों के साथ बोलेरो गाड़ी में मांस लेकर जंगल से निकल आए, लेकिन वन विभाग को इसकी खबर तक नहीं हुई। यदि चौकी पर तैनात पुलिसकर्मी हिम्मत नहीं दिखाते तो शिकारी आसानी से निकल जाते।
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शरीर के अंगों के लिए तो उनका शिकार किया ही जाता रहा है, लेकिन पिछले डेढ़ दशक से शिवालिक जंगल में स्वाद और शौक पूरा करने के लिए हिरन प्रजाति पर तो मानों आफत ही टूट पड़ी है।
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इन दुर्लभ जीवों का शिकार करने वालों के अड्डे है, जंगल से सटे रईसजादों और ऊंची पहुंच वालों के फार्म हाउस। शिकारी इन्हीं फार्म हाउसों पर रात के समय शरण लेकर बेजुबान जंगली जानवरों को अपनी गोली का निशाना बनाते हैं।
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इसी साल आठ जनवरी को मोंहड वन रेंज क्षेत्र के जंगल से बिहारीगढ़ थाना पुलिस द्वारा पकड़े गए शिकारियों ने दो सांभरों को मांस के लिए गोली मारकर उनका शिकार किया था।
इसमें वन विभाग की जंगल और उसमें विचरण करने वाले जीवों की सुरक्षा के दावों की तो कलई खुल ही गई थी, साथ ही यह भी खुलासा हुआ कि दुर्लभ वन्य जीवों को स्वाद और शौक के लिए मारा जा रहा है।
अब शनिवार को ताजा घटनाक्रम ने एक बार फिर वन विभाग की कार्यप्रणाली की पोल खोलकर रख दी। बेखौफ शिकारियों ने वन्य जीवों का शिकार किया और असलहों के साथ बोलेरो गाड़ी में मांस लेकर जंगल से निकल आए, लेकिन वन विभाग को इसकी खबर तक नहीं हुई। यदि चौकी पर तैनात पुलिसकर्मी हिम्मत नहीं दिखाते तो शिकारी आसानी से निकल जाते।