{"_id":"644abf65fb9be395b10298a4","slug":"how-much-will-the-quarrel-between-qazi-and-haji-family-affect-the-election-result-saharanpur-news-c-30-1-smrt1053-1553-2023-04-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: चुनाव नतीजे को कितना प्रभावित करेगी काजी और हाजी परिवार की रार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: चुनाव नतीजे को कितना प्रभावित करेगी काजी और हाजी परिवार की रार
Fri, 28 Apr 2023 12:01 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Fri, 28 Apr 2023 12:01 AM IST
विज्ञापन
सहारनपुर। बहुजन समाज पार्टी में काजी और हाजी परिवार की दूरी की चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में जोरों पर हैं। सांसद नगर पालिकाओं और पंचायतों में तो बसपा प्रत्याशियों का प्रचार कर रहे हैं, लेकिन महानगर में महापौर पद की प्रत्याशी खतीजा मसूद के प्रचार में वह कहीं नजर नहीं आए हैं। इतना ही नहीं, बसपा की प्रचार सामग्री तक से उनका फोटो गायब है। ऐसे में हाजी और काजी परिवार की दूरी बसपा के परिणाम को प्रभावित कर सकती हैं।
दोनों परिवारों की तल्खी नई नहीं है। इमरान मसूद जब पूर्व में बसपा में शामिल होने की जुगत मेें थे, तब भी चर्चा यह थी कि सांसद हाजी फजलुर्रमान उनके पार्टी में आने का विरोध कर रहे हैं। इसकी वजह से इमरान का पार्टी में शामिल होना टल गया था, लेकिन इमरान ने दोबारा प्रयास किया और वह ससम्मान पार्टी में शामिल हुए। सांसद के विरोध के बावजूद पार्टी सुप्रीमो एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने इमरान मसूद के सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद देते हुए पार्टी में शामिल किया था। इसके बाद जब इमरान मसूद की पत्नी सायमा मसूद को महापौर पद के टिकट की घोषणा हुई तो अंबाला रोड स्थित एक होटल सभागार में पत्रकार वार्ता रखी गई। उस पत्रकार वार्ता में सांसद नहीं थे। तब जिलाध्यक्ष जनेश्वर प्रसाद ने बयान दिया था कि सांसद संसद सत्र में शामिल होने के लिए दिल्ली में हैं। इसके बाद शहर भर में सायमा मसूद के प्रचार की सामग्री लगाई गई, जिसमें छोटे से लेकर बड़े नेताओं तक के फोटो थे, लेकिन सांसद का फोटो नहीं था। जब इसकी चर्चाएं तेज हुईं तो कुछ जगहों पर होर्डिंग्स पर सांसद का फोटो अलग से चस्पा किया गया, लेकिन इसके बावजूद इमरान और हाजी फजलुर्रहमान साथ नजर नहीं आए। अब महापौर सीट का आरक्षण बदलने के बाद शादान मसूद की पत्नी खतीजा मसूद को टिकट की घोषणा हुई तो उक्त आयोजन में भी सांसद हाजी फजलुर्रहमान नजर नहीं आए। चुनाव प्रचार को करीब 15 दिन बीत चुके हैं, लेकिन सांसद हाजी फजलुर्रहमान महापौर प्रत्याशी के लिए कहीं भी प्रचार करते नजर नहीं आए हैं। दो नेताओं की व्यक्तिगत लड़ाई चुनाव परिणाम में पार्टी को नुकसान पहुंचाएगी या नहीं। यह देखने वाली बात होगी। (संवाद)
हम पूरी तरह से बसपा के साथ : सांसद
हम पूरी तरह से पार्टी के साथ हैं। सभी नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में बसपा प्रत्याशियों के समर्थन में दिन रात प्रचार किया जा रहा है। प्रयास यही है कि ज्यादा से ज्यादा निकायों में पार्टी को जीत मिले। रही बात महानगर की तो हमें लगता है कि प्रत्याशी को हमारी जरूरत नहीं है। तभी तो उनकी प्रचार सामग्री तक पर हमारा फोटो या नाम तक नहीं है। इमरान अकेले पार्टी को हाइजैक करना चाहते हैं।
विज्ञापन
विरोध कर रहे हैं सांसद : इमरान
बसपा के पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी इमरान मसूद का कहना है कि सांसद हाजी फजलुर्रहमान साथ खड़ा होने की बजाय प्रत्याशी का विरोध कर रहे हैं। जिस प्रकार से हमें जनता का समर्थन मिल रहा है। उससे साफ है कि इस प्रकार के विरोध का कोई असर नहीं पड़ेगा।
विज्ञापन
दोनों परिवारों की तल्खी नई नहीं है। इमरान मसूद जब पूर्व में बसपा में शामिल होने की जुगत मेें थे, तब भी चर्चा यह थी कि सांसद हाजी फजलुर्रमान उनके पार्टी में आने का विरोध कर रहे हैं। इसकी वजह से इमरान का पार्टी में शामिल होना टल गया था, लेकिन इमरान ने दोबारा प्रयास किया और वह ससम्मान पार्टी में शामिल हुए। सांसद के विरोध के बावजूद पार्टी सुप्रीमो एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने इमरान मसूद के सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद देते हुए पार्टी में शामिल किया था। इसके बाद जब इमरान मसूद की पत्नी सायमा मसूद को महापौर पद के टिकट की घोषणा हुई तो अंबाला रोड स्थित एक होटल सभागार में पत्रकार वार्ता रखी गई। उस पत्रकार वार्ता में सांसद नहीं थे। तब जिलाध्यक्ष जनेश्वर प्रसाद ने बयान दिया था कि सांसद संसद सत्र में शामिल होने के लिए दिल्ली में हैं। इसके बाद शहर भर में सायमा मसूद के प्रचार की सामग्री लगाई गई, जिसमें छोटे से लेकर बड़े नेताओं तक के फोटो थे, लेकिन सांसद का फोटो नहीं था। जब इसकी चर्चाएं तेज हुईं तो कुछ जगहों पर होर्डिंग्स पर सांसद का फोटो अलग से चस्पा किया गया, लेकिन इसके बावजूद इमरान और हाजी फजलुर्रहमान साथ नजर नहीं आए। अब महापौर सीट का आरक्षण बदलने के बाद शादान मसूद की पत्नी खतीजा मसूद को टिकट की घोषणा हुई तो उक्त आयोजन में भी सांसद हाजी फजलुर्रहमान नजर नहीं आए। चुनाव प्रचार को करीब 15 दिन बीत चुके हैं, लेकिन सांसद हाजी फजलुर्रहमान महापौर प्रत्याशी के लिए कहीं भी प्रचार करते नजर नहीं आए हैं। दो नेताओं की व्यक्तिगत लड़ाई चुनाव परिणाम में पार्टी को नुकसान पहुंचाएगी या नहीं। यह देखने वाली बात होगी। (संवाद)
विज्ञापन
हम पूरी तरह से बसपा के साथ : सांसद
हम पूरी तरह से पार्टी के साथ हैं। सभी नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में बसपा प्रत्याशियों के समर्थन में दिन रात प्रचार किया जा रहा है। प्रयास यही है कि ज्यादा से ज्यादा निकायों में पार्टी को जीत मिले। रही बात महानगर की तो हमें लगता है कि प्रत्याशी को हमारी जरूरत नहीं है। तभी तो उनकी प्रचार सामग्री तक पर हमारा फोटो या नाम तक नहीं है। इमरान अकेले पार्टी को हाइजैक करना चाहते हैं।
विज्ञापन
विरोध कर रहे हैं सांसद : इमरान
बसपा के पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी इमरान मसूद का कहना है कि सांसद हाजी फजलुर्रहमान साथ खड़ा होने की बजाय प्रत्याशी का विरोध कर रहे हैं। जिस प्रकार से हमें जनता का समर्थन मिल रहा है। उससे साफ है कि इस प्रकार के विरोध का कोई असर नहीं पड़ेगा।