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सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से कैसा हो गया सहारनपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sun, 31 Dec 2017 12:03 AM IST
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सहारनपुर में हड़ताल पर सफाई कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में महिला सफाईकर्मी के साथ बदसलूकी करने के आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से गुस्साए सफाईकर्मियों ने शनिवार को नगर निगम के तमाम कार्यालयों पर तालाबंदी करते हुए प्रदर्शन किया।
तालाबंदी करने के बाद सफाईकर्मियों ने पार्षद का पुतला फूंक कर विरोध जताया।
उन्होंने निगम परिसर में दरी डालकर धरना शुरू कर दिया है। चेतावनी दी है कि जब तक बदसलूकी करने वाले जेल नहीं जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। शनिवार की सुबह नौ बजे सभी सफाईकर्मी गांधी पार्क में इकट्ठा हुए। गैराज पर ताला जड़ने के बाद सफाईकर्मी नारेबाजी करते नगर निगम पहुंचे, जहां पहले गृह कर विभाग में कर्मचारियों को बाहर करते हुए ताला जड़ दिया।
इसके बाद उन्होंने जल कल अनुभाग और उसके बाद पथ प्रकाश अनुभाग में ताला जड़ा। महापौर कार्यालय पर निगम ने खुद ही ताला लगा दिया। भीड़ को अपने कार्यालय की ओर आता देख नगरायुक्त गौरव वर्मा तुरंत गाड़ी में बैठकर बाहर निकल गए।
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गाड़ी को स्टेडियम की साइड खड़ा कराकर छोटे गेट पर खड़े होकर नारेबाजी और प्रदर्शन देखते नजर आए। सफाईकर्मियों ने आरोपी पार्षद संजय गर्ग का पुतला फूंका। इसके बाद निगम में ही दरियां बिछाकर और लाउड स्पीकर लगाकर निगम परिसर में धरना शुरू कर दिया।
सोनी आजाद और बृजमोहन चिनालिनया ने आरोप लगाया कि दुकानदार ने महिला सफाईकर्मी को न केवल जातिसूचक शब्द कहे, बल्कि उसका दुपट्टा भी खींचने का प्रयास किया। इससे पूरे वाल्मीकि समाज का अपमान हुआ है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कोतवाली सदर में नामजद तहरीर दी गई है। मगर पुलिस दबाव में दोषियों पर कार्रवाई नहीं कर रही है। इसे लेकर वाल्मीकि समाज में भारी रोष है। जब तक बदसलूकी करने वाले गिरफ्तार नहीं हो जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
धरने में राधेश्याम बबलू बौहत, धीरज आजाद, सुरजीत घाघट, सतीश ढिलोड, राजकमल गहलौत, सपना सिंह, अमित आदिवाल, कुलदीप, गौरव, सोमपाल, सुनील, भारतराज, रोहित पेहवाल, प्रवीणराज, जोनी टांक आदि मौजूद रहे।
तालाबंदी करने के बाद सफाईकर्मियों ने पार्षद का पुतला फूंक कर विरोध जताया।
उन्होंने निगम परिसर में दरी डालकर धरना शुरू कर दिया है। चेतावनी दी है कि जब तक बदसलूकी करने वाले जेल नहीं जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। शनिवार की सुबह नौ बजे सभी सफाईकर्मी गांधी पार्क में इकट्ठा हुए। गैराज पर ताला जड़ने के बाद सफाईकर्मी नारेबाजी करते नगर निगम पहुंचे, जहां पहले गृह कर विभाग में कर्मचारियों को बाहर करते हुए ताला जड़ दिया।
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इसके बाद उन्होंने जल कल अनुभाग और उसके बाद पथ प्रकाश अनुभाग में ताला जड़ा। महापौर कार्यालय पर निगम ने खुद ही ताला लगा दिया। भीड़ को अपने कार्यालय की ओर आता देख नगरायुक्त गौरव वर्मा तुरंत गाड़ी में बैठकर बाहर निकल गए।
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गाड़ी को स्टेडियम की साइड खड़ा कराकर छोटे गेट पर खड़े होकर नारेबाजी और प्रदर्शन देखते नजर आए। सफाईकर्मियों ने आरोपी पार्षद संजय गर्ग का पुतला फूंका। इसके बाद निगम में ही दरियां बिछाकर और लाउड स्पीकर लगाकर निगम परिसर में धरना शुरू कर दिया।
सोनी आजाद और बृजमोहन चिनालिनया ने आरोप लगाया कि दुकानदार ने महिला सफाईकर्मी को न केवल जातिसूचक शब्द कहे, बल्कि उसका दुपट्टा भी खींचने का प्रयास किया। इससे पूरे वाल्मीकि समाज का अपमान हुआ है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कोतवाली सदर में नामजद तहरीर दी गई है। मगर पुलिस दबाव में दोषियों पर कार्रवाई नहीं कर रही है। इसे लेकर वाल्मीकि समाज में भारी रोष है। जब तक बदसलूकी करने वाले गिरफ्तार नहीं हो जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
धरने में राधेश्याम बबलू बौहत, धीरज आजाद, सुरजीत घाघट, सतीश ढिलोड, राजकमल गहलौत, सपना सिंह, अमित आदिवाल, कुलदीप, गौरव, सोमपाल, सुनील, भारतराज, रोहित पेहवाल, प्रवीणराज, जोनी टांक आदि मौजूद रहे।