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हिंदी हमारी राष्ट्रीय भाषा ही नहीं बल्कि धरोहर भी: डॉ. नवाज
Sun, 15 Sep 2024 02:28 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sun, 15 Sep 2024 02:28 AM IST
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देवबंद(सहारनपुर)। हिंदी दिवस पर प्रसिद्ध शायर डॉ. नवाज देवबंदी ने कहा कि हिंदी हमारी राष्ट्रीय भाषा ही नहीं बल्कि धरोहर भी है। जिस देश के नागरिक अपनी धरोहर की रक्षा करते हैं वो ही बुलंदियों को छूते हैं।
उर्दू और हिंदी भाषा को सगी बहने बताने वाले शायर डॉ. नवाज देवबंदी ने कहा कि काफी समय पूर्व वे मास्को यात्रा पर गए थे। जहां उन्हें जगह-जगह साइन बोर्ड लगे मिले। अंग्रेजी जानने के बावजूद वहां साइन बोर्ड रशियन भाषा में लिखे थे और रशियन भाषा में ही बात कर रहे थे। देवबंदी ने कहा कि आज हमारे देश में यह परंपरा बना ली गई है कि अगर हम अपनी मातृभाषा हिंदी में बात करेंगे तो सामने वाला हमें पिछड़ा हुआ न समझ ले।
उन्होंने कहा कि किसी भी भाषा का ज्ञान बुरा नहीं होता, लेकिन सबसे पहले हमें अपनी मातृ भाषा को तवज्जो देनी होगी। क्योंकि जिस देश के नागरिक अपनी धरोहर की सुरक्षा करते हैं वो ही बुलंदियों को छूते हैं। डॉ. नवाज ने कहा कि सभी की जिम्मेदारी बनती है कि अन्य भाषाओं के साथ अपने बच्चों को हिंदी भाषा का ज्ञान जरूर दें। नहीं तो आने वाले नस्लें अपनी परंपराओं को भूलने लगेंगी।
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हिंदी में महारत हासिल करें: सिद्दीकी
देवबंद। हिंदी दिवस के अवसर पर पब्लिक गर्ल्स इंटर कॉलेज में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें छात्राओं को शिक्षा का महत्व बताया गया। इस दौरान बच्चों के बीच हिंदी निबंध प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इसमें कक्षा 6 से 12वीं कक्षा तक की छात्राओं ने हिस्सा लिया। प्रधानाचार्य सबा हसीब सिद्दीकी ने छात्राओं को हिंदी भाषा के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां देते हुए कहा कि हिंदी हमारी मातृ और राष्ट्रीय भाषा है हमें इसमें खूब महारत हासिल करनी चाहिए।
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उर्दू और हिंदी भाषा को सगी बहने बताने वाले शायर डॉ. नवाज देवबंदी ने कहा कि काफी समय पूर्व वे मास्को यात्रा पर गए थे। जहां उन्हें जगह-जगह साइन बोर्ड लगे मिले। अंग्रेजी जानने के बावजूद वहां साइन बोर्ड रशियन भाषा में लिखे थे और रशियन भाषा में ही बात कर रहे थे। देवबंदी ने कहा कि आज हमारे देश में यह परंपरा बना ली गई है कि अगर हम अपनी मातृभाषा हिंदी में बात करेंगे तो सामने वाला हमें पिछड़ा हुआ न समझ ले।
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उन्होंने कहा कि किसी भी भाषा का ज्ञान बुरा नहीं होता, लेकिन सबसे पहले हमें अपनी मातृ भाषा को तवज्जो देनी होगी। क्योंकि जिस देश के नागरिक अपनी धरोहर की सुरक्षा करते हैं वो ही बुलंदियों को छूते हैं। डॉ. नवाज ने कहा कि सभी की जिम्मेदारी बनती है कि अन्य भाषाओं के साथ अपने बच्चों को हिंदी भाषा का ज्ञान जरूर दें। नहीं तो आने वाले नस्लें अपनी परंपराओं को भूलने लगेंगी।
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हिंदी में महारत हासिल करें: सिद्दीकी
देवबंद। हिंदी दिवस के अवसर पर पब्लिक गर्ल्स इंटर कॉलेज में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें छात्राओं को शिक्षा का महत्व बताया गया। इस दौरान बच्चों के बीच हिंदी निबंध प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इसमें कक्षा 6 से 12वीं कक्षा तक की छात्राओं ने हिस्सा लिया। प्रधानाचार्य सबा हसीब सिद्दीकी ने छात्राओं को हिंदी भाषा के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां देते हुए कहा कि हिंदी हमारी मातृ और राष्ट्रीय भाषा है हमें इसमें खूब महारत हासिल करनी चाहिए।