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हाईटेक बनेगी जिला पंचायत, पीओएस से होगी वसूली
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जिला पंचायत अध्यक्ष मांगेराम चौधरी
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। जिला पंचायत को हाईटेक किया जा रहा है। इसके तहत जिला पंचायत के करों एवं लाइसेंस फीस की वसूली पीओएस ( प्वाईंट ऑफ सेल) मशीन के जरिए की जाएगी। इससे कर की रकम सीधे जिला पंचायत के बैंक खाते में जमा हो जाएगी। इसके लिए जिला पंचायत ने 11 पीओएस मशीनें खरीद ली हैं।
जिला पंचायत ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित दुकानों, उद्योगों, ईंट भट्ठों, बैंक्वेट हॉल, कोल्हू, चक्की, आरा मशीन आदि से कर एवं लाइसेंस फीस की वसूली करता है। इसके अलावा जिला पंचायत की दुकानों सहित अन्य संपत्तियों से भी किराए की वसूली होती है। जिले में कर वसूलने के लिए दस कर निरीक्षक एवं अमीन कार्यरत हैं। अब तक वे करदाताओं और किराएदारों से कर एवं किराया वसूलकर उन्हें हर दस दिन में होने वाली बैठक में उसे जमा कराते थे। इसमें कर की वसूली नकद ही होती थी।
अब जिला पंचायत ने पीओएस मशीन के माध्यम से कर वसूलने का निर्णय लिया है। इससे करदाता क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, पेटीएम और गूगल पे आदि के माध्यम से सीधे भुगतान कर सकते हैं। यह धनराशि सीधे जिला पंचायत के बैंक खाते में स्थानांतरित हो जाएगी। इससे न सिर्फ लेनदेन में पारदर्शिता आएगी बल्कि कर संग्रह में भी आसानी होगी। कर्मचारियों को इस मशीन को चलाने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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सीधे जिला पंचायत के खाते में जाएगी धनराशि
अब तक अमीनों और कर निरीक्षकों द्वारा वसूले गए कर की धनराशि को प्रत्येक दस दिन में जिला पंचायत कार्यालय में होने वाली बैठक में जमा कराया जाता रहा है। नई व्यवस्था के लागू होने से वसूली होते ही कर की धनराशि सीधे जिला पंचायत के बैंक खाते में जमा हो जाएगी। इससे किसी प्रकार की संभावित गड़बड़ी पर भी अंकुश लग सकेगा। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी बाबूराम ने बताया कि यह जिला पंचायत को हाईटेक करने की शुरूआत है। इसके बाद इस कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा।
जिला पंचायत के कर्मचारी अब पीओएस मशीन के माध्यम से करों की वसूली करेंगे। इससे कर वसूली में पारदर्शिता आएगी और कर सीधे ही जिला पंचायत के बैंक खाते में जमा होगा। इसके लिए 11 पीओएस (प्वाईंट ऑफ सेल) मशीनें खरीदी गई हैं। इसके लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षित भी किया जा रहा है। --- मांगेराम चौधरी, अध्यक्ष, जिला पंचायत।
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जिला पंचायत ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित दुकानों, उद्योगों, ईंट भट्ठों, बैंक्वेट हॉल, कोल्हू, चक्की, आरा मशीन आदि से कर एवं लाइसेंस फीस की वसूली करता है। इसके अलावा जिला पंचायत की दुकानों सहित अन्य संपत्तियों से भी किराए की वसूली होती है। जिले में कर वसूलने के लिए दस कर निरीक्षक एवं अमीन कार्यरत हैं। अब तक वे करदाताओं और किराएदारों से कर एवं किराया वसूलकर उन्हें हर दस दिन में होने वाली बैठक में उसे जमा कराते थे। इसमें कर की वसूली नकद ही होती थी।
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अब जिला पंचायत ने पीओएस मशीन के माध्यम से कर वसूलने का निर्णय लिया है। इससे करदाता क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, पेटीएम और गूगल पे आदि के माध्यम से सीधे भुगतान कर सकते हैं। यह धनराशि सीधे जिला पंचायत के बैंक खाते में स्थानांतरित हो जाएगी। इससे न सिर्फ लेनदेन में पारदर्शिता आएगी बल्कि कर संग्रह में भी आसानी होगी। कर्मचारियों को इस मशीन को चलाने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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सीधे जिला पंचायत के खाते में जाएगी धनराशि
अब तक अमीनों और कर निरीक्षकों द्वारा वसूले गए कर की धनराशि को प्रत्येक दस दिन में जिला पंचायत कार्यालय में होने वाली बैठक में जमा कराया जाता रहा है। नई व्यवस्था के लागू होने से वसूली होते ही कर की धनराशि सीधे जिला पंचायत के बैंक खाते में जमा हो जाएगी। इससे किसी प्रकार की संभावित गड़बड़ी पर भी अंकुश लग सकेगा। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी बाबूराम ने बताया कि यह जिला पंचायत को हाईटेक करने की शुरूआत है। इसके बाद इस कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा।
जिला पंचायत के कर्मचारी अब पीओएस मशीन के माध्यम से करों की वसूली करेंगे। इससे कर वसूली में पारदर्शिता आएगी और कर सीधे ही जिला पंचायत के बैंक खाते में जमा होगा। इसके लिए 11 पीओएस (प्वाईंट ऑफ सेल) मशीनें खरीदी गई हैं। इसके लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षित भी किया जा रहा है। --- मांगेराम चौधरी, अध्यक्ष, जिला पंचायत।