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सर्जरी करा ली थी, पर नहीं बची जान

Fri, 16 Jul 2021 11:36 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 16 Jul 2021 11:36 PM IST
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Had surgery, but did not survive
सहारनपुर। ब्लैक फंगस (म्यूकॉरमायकोसिस) के लक्षण मिलने पर अंबेहटा की महिला को सहारनपुर जिला अस्पताल से मेरठ रेफर कर दिया गया था। इसके बाद परिजनों ने महिला को ऋषिकेश एम्स में भर्ती करा दिया था। पता चला है कि वहां कुछ दिन पहले ही महिला की सर्जरी भी हो गई थी, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
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दरअसल, अंबेहटा निवासी महिला गत 21 मई को शहर के बाजोरिया रोड स्थित दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. समित जैन के यहां उपचार कराने आई थी। महिला की दाहिनी आंख पर सूजन और ऊपरी जबड़े में भी निशान थे। इसके बाद महिला को परिजन जिला अस्पताल की इमरजेंसी ले गए थे, जहां डॉ. बीडी शर्मा ने ब्लैक फंगस की संदिग्ध मरीज मानते हुए जांच कराए जाने की बात कही थी और महिला को मेरठ जांच के लिए भेजा था। इसके बाद परिजनों ने महिला को ऋषिकेश एम्स में भर्ती करा दिया था। डॉक्टर समित जैन ने बताया कि एम्स में ही महिला की सर्जरी हुई थी, जिसके बाद परिजनों ने उनसे फोन पर बात की थी। वह कह रहे थे कि अब उपचार सहारनपुर में ही कराएंगे, लेकिन बृहस्पतिवार को महिला की मौत हो गई। उधर, सीएमओ डॉ. संजीव मांगलिक का कहना है कि ब्लैक फंगस से महिला की मौत के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है।
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अब भी सामने आ रहे ब्लैक फंगस के मरीज
जिले में ब्लैक फंगस के मरीज लगातार सामने आ रहे हैं। दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. समित जैन के यहां शुक्रवार को भी एक महिला पहुंची, जिसमें ब्लैक फंगस के लक्षण हैं।
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ब्लैक फंगस के लक्षण
- बुखार आ रहा हो, सिर दर्द हो रहा हो, खांसी हो या सांस फूल रही हो।
- नाक बंद हो, नाक में म्यूकस के साथ खून आ रहा हो।
- आंख में दर्द हो, आंख फूल जाए, एक चीज दो दिख रही हों या दिखना बंद हो जाएं।
- चेहरे में एक तरफ दर्द हो, सूजन हो या सुन्न हो।
- दांत में दर्द हो, दांत हिलने लगें, चबाने में दांत दर्द करे।
- उल्टी में या खांसने पर बलगम में खून आए।
सावधानियां
- किसी के कहने पर स्टेरॉयड दवा कतई शुरू न करें।
- लक्षण के पहले 5 से 7 दिनों में स्टेरॉयड देने के दुष्परिणाम हो सकते हैं।
- इलाज शुरू होने पर डॉक्टर से पूछें की इन दवाओं में स्टेरॉयड तो नहीं है।
- स्टेरॉयड शुरू होने पर विशेषज्ञ डॉक्टर के नियमित संपर्क में रहें।
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