{"_id":"68fa73af5a2e4ff5a5043420","slug":"government-medicines-were-found-buried-in-three-sacks-in-the-village-of-dabhera-saharanpur-news-c-30-1-sha1002-161469-2025-10-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: गांव दभेड़ा में तीन बोरों में जमीन में दबी मिलीं सरकारी दवाइयां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: गांव दभेड़ा में तीन बोरों में जमीन में दबी मिलीं सरकारी दवाइयां
Thu, 23 Oct 2025 11:57 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 23 Oct 2025 11:57 PM IST
विज्ञापन
गॉव दभेड़ा स्थित खेत में दबी मिली सरकारी दवाइयां।
चिलकाना। क्षेत्र के गांव दभेड़ा में एक खेत से सरकारी अस्पतालों में उपयोग की जाने वाली भारी मात्रा में दवाइयां जमीन में दबी हुई मिली हैं। ग्रामीणों ने इन दवाइयों के मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विभागीय कर्मचारी ग्रामीणों को दवाइयां नहीं देते और जब दवाइयों की एक्सपायरी डेट नजदीक आ जाती है तो उन्हें नष्ट कर देते हैं।
यह दवाइयां गांव प्रधान के खेत में मिली है। प्रधान प्रतिनिधि चौधरी हारून ने बताया कि करीब तीन वर्ष पहले गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की शुरुआत की गई थी। यह केंद्र गांव के ही एक व्यक्ति के घेर के हिस्से में संचालित किया जा रहा था। हालांकि, यहां नियुक्त डॉक्टर बहुत कम आते थे, जिसके कारण ग्रामीणों को उपचार और दवाइयों के लिए परेशान होना पड़ता था।
धीरे-धीरे लोगों को यह पता चल गया कि केंद्र में कोई डॉक्टर नियमित रूप से नहीं आता, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप पड़ गईं। कुछ दिन पहले केंद्र में एक नए डॉक्टर की नियुक्ति हुई। बताया जा रहा है कि नए डॉक्टर के आने के बाद केंद्र में रखी पुरानी दवाइयों को छिपाने के लिए उन्हें पास के खेत में दबा दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
यह दवाइयां गांव प्रधान के खेत में मिली है। प्रधान प्रतिनिधि चौधरी हारून ने बताया कि करीब तीन वर्ष पहले गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की शुरुआत की गई थी। यह केंद्र गांव के ही एक व्यक्ति के घेर के हिस्से में संचालित किया जा रहा था। हालांकि, यहां नियुक्त डॉक्टर बहुत कम आते थे, जिसके कारण ग्रामीणों को उपचार और दवाइयों के लिए परेशान होना पड़ता था।
विज्ञापन
धीरे-धीरे लोगों को यह पता चल गया कि केंद्र में कोई डॉक्टर नियमित रूप से नहीं आता, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप पड़ गईं। कुछ दिन पहले केंद्र में एक नए डॉक्टर की नियुक्ति हुई। बताया जा रहा है कि नए डॉक्टर के आने के बाद केंद्र में रखी पुरानी दवाइयों को छिपाने के लिए उन्हें पास के खेत में दबा दिया गया।
विज्ञापन