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उर्स में देश- विदेश से उमड़े जायरीन
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Mon, 20 Mar 2017 11:46 PM IST
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जियारत करते जायरीन।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर के गंगोह में सोमवार को कुल शरीफ और पवित्र कुरान पाठ के साथ हजरत कुतबे आलम का 493वां और हजरत मामू मोलाबख्श का 472वां उर्स आरंभ हो गया।
इसके साथ ही देश विदेश से जायरीनों का आना शुरूहो गया है। सज्जादानशीनों और नगर वासियों द्वारा उनके ठहरने के बेहतर इंतजाम किये गये है। उर्स में रविवार सायं से ही हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली आदि प्रदेशों और पाकिस्तान सहित कई मुल्कों से श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया है।
विभिन्न धर्मशालाओं सहित जायरीनों के ठहरने के अधिकांश ठिकानों और दरगाहों में भंडारे चल रहे हैं। मेला रोड पर भी हलुआ पराठा, चाट पकोड़ों, झूलों और खेल तमाशों के बाजार सज गए हैं।
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नगरपालिका ने सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने, पुलिस प्रशासन ने छेड़छाड़ और जेबकतरों पर लगाम लगाने एवं स्वास्थ्य के दृष्टिगत सीएचसी द्वारा अस्थाई कैं प लगाए गए हैं।
उर्स की रस्मों रवायतों का होगा कार्यक्रम, 20 मार्च की रात में दरगाह हजरत कुतबे आलम, हजरत शेख सादिक, शेख दाउद और मामू आलाबख्श सहित तमाम दरगाहों पर रोशनी उपरांत कव्वालियों का आयोजन किया जाएगा।
दरगाह मामू आलाबख्श पर रात में गुस्सल उपरांत सरकारी चादर सज्जादानशीं हाजी इरशाद रब्बानी के जेरे साया जुलूस की शक्ल में चढ़ाई जाएगी। रात में शाह अता मंजिल में भी कुल शरीफ के उपरांत कव्वालियाें का आयोजन होगा।
सोमवार से ही विभिन्न धर्मशालाओं में गद्दीनशीनों की चौकियों और भंडारों का दौर शुरू हो जाएगा। 21 मार्च मंगलवार को शाह अता मंजिल से सज्जादानशीं हकीम शाह मोहम्मद जफर कुद्दुसी और नायब सज्जादानशीं आशिम कुद्दुसी के नेतृत्व में मामू की दरगाह तक जुलूस चादर शरीफ निकलेगा।
रात में ही दरगाह हजरत कुतुबे-ए-आलम परिसर में कुल शरीफ के बाद कव्वालियों का दौर शुरू होगा जो सुबह की अजान तक जारी रहेगा। इसमें दूर-दराज से आए विख्यात कव्वाल अपनी-अपनी कव्वालियां पेश करेंगे।
बुधवार 22 मार्च को हजरत कुतुबे-ए-आलम शेख अब्दुल कुद्दुस के उर्स का मुख्य कार्यक्रम जुलूस झुब्बा शरीफ और गुरुवार 23 मार्च को दरगाह परिसर में सज्जादानशीं शाह मेहताब आलम द्वारा हजरत कुतुब-ए-आलम सहित अनेक पीर औलियाओं व सिलसिलों की संग्रहित तब्बर्रुकातों की जियारत व दुआ कराई जाएगी। 24 मार्च को सलातो सलाम के साथ उर्स का समापन होगा।
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इसके साथ ही देश विदेश से जायरीनों का आना शुरूहो गया है। सज्जादानशीनों और नगर वासियों द्वारा उनके ठहरने के बेहतर इंतजाम किये गये है। उर्स में रविवार सायं से ही हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली आदि प्रदेशों और पाकिस्तान सहित कई मुल्कों से श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया है।
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विभिन्न धर्मशालाओं सहित जायरीनों के ठहरने के अधिकांश ठिकानों और दरगाहों में भंडारे चल रहे हैं। मेला रोड पर भी हलुआ पराठा, चाट पकोड़ों, झूलों और खेल तमाशों के बाजार सज गए हैं।
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नगरपालिका ने सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने, पुलिस प्रशासन ने छेड़छाड़ और जेबकतरों पर लगाम लगाने एवं स्वास्थ्य के दृष्टिगत सीएचसी द्वारा अस्थाई कैं प लगाए गए हैं।
उर्स की रस्मों रवायतों का होगा कार्यक्रम, 20 मार्च की रात में दरगाह हजरत कुतबे आलम, हजरत शेख सादिक, शेख दाउद और मामू आलाबख्श सहित तमाम दरगाहों पर रोशनी उपरांत कव्वालियों का आयोजन किया जाएगा।
दरगाह मामू आलाबख्श पर रात में गुस्सल उपरांत सरकारी चादर सज्जादानशीं हाजी इरशाद रब्बानी के जेरे साया जुलूस की शक्ल में चढ़ाई जाएगी। रात में शाह अता मंजिल में भी कुल शरीफ के उपरांत कव्वालियाें का आयोजन होगा।
सोमवार से ही विभिन्न धर्मशालाओं में गद्दीनशीनों की चौकियों और भंडारों का दौर शुरू हो जाएगा। 21 मार्च मंगलवार को शाह अता मंजिल से सज्जादानशीं हकीम शाह मोहम्मद जफर कुद्दुसी और नायब सज्जादानशीं आशिम कुद्दुसी के नेतृत्व में मामू की दरगाह तक जुलूस चादर शरीफ निकलेगा।
रात में ही दरगाह हजरत कुतुबे-ए-आलम परिसर में कुल शरीफ के बाद कव्वालियों का दौर शुरू होगा जो सुबह की अजान तक जारी रहेगा। इसमें दूर-दराज से आए विख्यात कव्वाल अपनी-अपनी कव्वालियां पेश करेंगे।
बुधवार 22 मार्च को हजरत कुतुबे-ए-आलम शेख अब्दुल कुद्दुस के उर्स का मुख्य कार्यक्रम जुलूस झुब्बा शरीफ और गुरुवार 23 मार्च को दरगाह परिसर में सज्जादानशीं शाह मेहताब आलम द्वारा हजरत कुतुब-ए-आलम सहित अनेक पीर औलियाओं व सिलसिलों की संग्रहित तब्बर्रुकातों की जियारत व दुआ कराई जाएगी। 24 मार्च को सलातो सलाम के साथ उर्स का समापन होगा।