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शौचालय के लिए अनुदान बंद
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Fri, 27 May 2016 12:57 AM IST
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शौचालय
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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लोगों को खुले में शौच नहीं करने दिया जाएगा और अपने घरों में भी बिना अनुदान के खुद ही शौचालय बनवाने होंगे। प्रशासनिक अधिकारियों ने बजट के अभाव में शौचालयों का निर्माण कराने से हाथ खड़े कर दिए हैं। साथ ही कहा जा रहा है कि अनुदान की उम्मीद भी न करें। अपनी व्यवस्था स्वयं करें।
प्रशासनिक अधिकारियों ने गांवों में खुले में शौच न करने देने के लिए 20 गांवों में अभियान चलाया है। जिसमें अधिकारी सुबह तड़के 5 बजे ही गांवों में पहुंचकर लोगों को खुले में शौच करने जाने से रोक रहे हैं। जिनके घरों में शौचालय हैं उनको शौचालय में ही जाने पर मजबूर किया जा रहा है, लेकिन जिनके घरों में शौचालय नहीं हैं, उन्हें अपने घर में ही शौचालय बनवाने के लिए कहा जा रहा है।
साथ ही नसीहत दी जा रही है कि सरकार के भरोसे न रहें, शासन से कोई बजट नहीं मिलेगा। अपनी व्यवस्था खुद ही करें। गरीब भी है तो भी फिलहाल खुद ही शौचालय बनवाएं, शासन से अभी कोई बजट नहीं है। यहां तक कि ग्राम प्रधानों को शौचालय विहीन लोगों की सूची तैयार कराने एवं उनके शौचालय का निर्माण शुरू कराने के लिए कहा गया है।
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मुख्य विकास अधिकारी दीपक मीणा का कहना है कि सक्षम लोग भी अनुदान का इंतजार कर रहे हैं। लोगों को अब खुद ही शौचालय बनाने पड़ेंगे। शौचालय के लिए फिलहाल कोई बजट नहीं है। न ही अभी कोई बजट मिलने की उम्मीद है। लोगों को जागरूक होकर इसे अपनी विशेष जरूरत मानकर पूरा करना होगा। खुले में शौच कतई नहीं करने दिया जाएगा। सरकार के स्वच्छता मिशन का पूरा पालन कराया जाएगा।
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प्रशासनिक अधिकारियों ने गांवों में खुले में शौच न करने देने के लिए 20 गांवों में अभियान चलाया है। जिसमें अधिकारी सुबह तड़के 5 बजे ही गांवों में पहुंचकर लोगों को खुले में शौच करने जाने से रोक रहे हैं। जिनके घरों में शौचालय हैं उनको शौचालय में ही जाने पर मजबूर किया जा रहा है, लेकिन जिनके घरों में शौचालय नहीं हैं, उन्हें अपने घर में ही शौचालय बनवाने के लिए कहा जा रहा है।
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साथ ही नसीहत दी जा रही है कि सरकार के भरोसे न रहें, शासन से कोई बजट नहीं मिलेगा। अपनी व्यवस्था खुद ही करें। गरीब भी है तो भी फिलहाल खुद ही शौचालय बनवाएं, शासन से अभी कोई बजट नहीं है। यहां तक कि ग्राम प्रधानों को शौचालय विहीन लोगों की सूची तैयार कराने एवं उनके शौचालय का निर्माण शुरू कराने के लिए कहा गया है।
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मुख्य विकास अधिकारी दीपक मीणा का कहना है कि सक्षम लोग भी अनुदान का इंतजार कर रहे हैं। लोगों को अब खुद ही शौचालय बनाने पड़ेंगे। शौचालय के लिए फिलहाल कोई बजट नहीं है। न ही अभी कोई बजट मिलने की उम्मीद है। लोगों को जागरूक होकर इसे अपनी विशेष जरूरत मानकर पूरा करना होगा। खुले में शौच कतई नहीं करने दिया जाएगा। सरकार के स्वच्छता मिशन का पूरा पालन कराया जाएगा।