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तीसरी बार हुई जांच में भी मिला गड़बड़झाला

Thu, 07 Nov 2019 08:57 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 07 Nov 2019 08:57 PM IST
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fraud prooved
तीसरी बार हुई जांच में भी मिला गड़बड़झाला
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सहारनपुर। मदरसा संचालन करने के नाम पर 58 लाख रुपये के छात्रवृत्ति गबन के मामले में तीसरी बार हुई जांच में भी गड़बड़झाला सामने आया है, जिसकी गोपनीय रिपोर्ट जांच समिति ने जिलाधिकारी को सौंप दी है। रिपोर्ट के अनुसार कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने अनियमितता बरती हैं, जिनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
बता दें कि बेहट क्षेत्र के बादशाही बाग में कादरिया उल उलमा एंग्लो मदरसा संचालित होना दिखाया गया था। इसमें बच्चों का दाखिला और हॉस्टल होना भी बताया गया। शिकायत पर जांच हुई तो मदरसा कागजों में ही संचालित मिला था, जिस व्यक्ति के नाम यह मदरसा संचालित हो रहा था, उसने उच्चाधिकारियों को शपथ पत्र देकर बताया कि वर्ष 2012 में मदरसा बंद कर दिया था, लेकिन इसके बाद भी कागजों में मदरसा संचालित रहा। वर्ष 2016 और 2017 में छात्रवृत्ति के नाम पर सरकार से प्राप्त 58 लाख रुपये विभिन्न खातों के माध्यम से हड़प लिए गए थे। इस मामले की सबसे पहले तहसील द्वारा जांच की गई थी, जिसमें क्लीन चिट दे दी गई थी। चार माह पूर्व मंडलायुक्त के निर्देशानुसार जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी शरद कुमार श्रीवास्तव ने जांच कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी थी, जिसमें सामने आया था कि अल्पसंख्यक विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से ही घोटाला हुआ है। इसके बाद से तीसरी बार जांच कराई, जिसके लिए समिति का गठन किया गया, जिसमें डीडीओ को नोडल अधिकारी, एडीएम (जे) को अध्यक्ष और डीआईओएस को शामिल किया गया। इस समिति ने मामले की जांच जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंप दी है।
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विभागीय सूत्रों के मुताबिक जांच में तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक विभाग के अधिकारी और कर्मचारी फंस रहे हैं। गोपनीय रिपोर्ट में उनके नामों का उल्लेख किया गया है। इसके साथ ही मौके पर जाकर अधिकारियों ने लोगों के ब्यान भी दर्ज किए, जिसमें लोगों ने बताया कि यहां मदरसा 2012 में ही बंद कर दिया गया था। सूत्रों का दावा है कि इस मामले में संलिप्त अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ प्रशासन ने एफआईआर कराने की तैयारी कर ली है। उधर, समिति की अध्यक्ष और एडीएम (जे) शेरी का कहना है कि गोपनीय जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी गई है।
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