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सहारनपुर में जानलेवा बुखार से पांच और मौत
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Five more killed due to fatal fever
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जानलेवा बुखार से पांच और लोगों की मौत पर हड़कंप
सहारनपुर। जिले में जानलेवा बुखार ने पांच और लोगों की जान लील ली। बुखार से अनेकोें ग्रामीण पीड़ित है और अस्पतालों में अपना इलाज करा रहे हैं।
सरसावा के ग्राम अगवानहेड़ा की निवासी सुरेशो (50 वर्ष) पत्नी विक्रम के परिजनों के अनुसार सुरेशो को कई दिन से बुखार था। जिसका इलाज यमुनानगर के एक नर्सिंग होम में चल रहा था, लेकिन मंगलवार को उसकी हालत बिगड़ने पर जब परिजन महिला को हायर सेंटर ले जाने लगे तो रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। दूसरी मौत ग्राम गदरहेड़ी में हुई। शिक्षक दिनेश चौधरी (40 वर्ष) के परिजनों का कहना है कि दिनेश को कई दिन पहले बुखार आया तो उन्हें सरसावा के एक निजी चिकित्सक के यहां दिखाया गया। कोई राहत नहीं मिलने के कारण शिक्षक दिनेश को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां मंगलवार सुबह चार बजे उनकी मौत हो गई। मंगलवार को बेहद गमगीन माहौल में गांव में शिक्षक का अंतिम संस्कार कर दिया गया। सरसावा सीएचसी अधीक्षक डाक्टर राजेश शर्मा का कहना है कि दिनेश कुमार की मौत हृदयगति रुकने से हुई है, जबकि महिला सुरेशो की मौत ब्रेन हेमरेज से हुई है। बुखार से किसी भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई है।
देवबंद के खेड़ामुगल में मंगलवार को एक महिला की मौत हो गई। महिला वायरल बुखार से पीड़ित थी जिसका देहरादून स्थित दून हॉस्पिटल में उपचार चल रहा था। मृतका के चारों बच्चे भी बुखार से पीड़ित बताए जा रहे हैं। सुलेमान की पत्नी मेहरूनिसां (38) का शव मंगलवार को जैसे ही खेड़ामुगल पहुंचा मातम पसर गया। मेहरूनिसां की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सुलेमान ने बताया कि मेहरूनिसां को पिछले करीब 15 दिन से बुखार आ रहा था। जिसे सबसे पहले सहारनपुर स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। जहां चिकित्सकों ने वायरल बुखार होना बताया, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर ऋषिकेश स्थित एम्स हास्पिटल में भर्ती कराया गया, लेकिन यहां भी उसकी स्थिति में कोई सुधार नहीं आने पर दो दिन पूर्व देहरादून के दून हास्पिटल में भर्ती कराया गया था। जहां मंगलवार की सुबह उसकी मौत हो गई। चिकित्सकों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद उसके परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने बताया कि सुलेमान के चार बच्चे हैं। इनमें सादिक (18), फरहाना (16), मरियम (14) और शाकिर (11) भी पिछले कई दिनों से बुखार से पीड़ित हैं। जिनका प्राइवेट अस्पताल में उपचार चल रहा है। बता दें कि दो दिन पूर्व नूनाबड़ी और कुलसत गांव में दो लोगों की बुखार से मौत हो गई थी। क्षेत्र में पिछले चार दिन के भीतर बुखार से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। जिससे लोगों में दहशत है। चिकित्सक अधीक्षक डा. इंद्राज सिंह ने बताया कि जिन गांवों में बुखार से मौत हुई है वहां पर स्वास्थ्य विभाग की टीमों को भेजकर लोगों को बुखार से बचने संबंधी जानकारी दी जाएगी।
रामपुर मनिहारान के नाई नगली उर्फ माजरी में एक सात वर्षीय बालक की बुखार से मौत हो गई। मृतक बच्चे के परिवार में कोहराम मचा है। जबकि एक और बालक को तेज बुखार के चलते सहारनपुर के नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है। नकुड़ सीएचसी के गांव नाई नगली उर्फ माजरी में सात वर्षीय हरश पुत्र साबिर को दो दिन पूर्व बुखार आया था। बालक का इलाज एक प्राइवेट चिकित्सक के यहां चल रहा था कि रात में उसकी हालत खराब होने से उसे जिला चिकित्सालय में जाया गया। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। गांव के ही एक अन्य 10 वर्षीय मोनिस पुत्र इसरार को बुखार के कारण हालत खराब होने पर सहारनपुर में एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है। नकुड़ सीएचसी चिकित्सा प्रभारी डा अमन ने बताया कि गांव में टीम भेज कर जांच कराई जाएगी।
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बेहट के गांव बुबका में बुखार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को भी इस गांव की बुखार से पीड़ित एक महिला की देहरादून के एक अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। इसी के साथ यहां मरने वालों की संख्या पांच पर पहुंच गई है। बता दें, कि दयालपुर ग्राम पंचायत के गांव बुबका में पिछले 10 दिन से बुखार जबरदस्त तरीके से पैर पसारे हुए है। मंगलवार को भी इस गांव में सीमा (30) पत्नी संजू की बुखार सर मौत हो गई। सीमा पिछले कई दिन से बुखार से पीड़ित थी और सोमवार को हालत गंभीर होने पर उसे सहारनपुर प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से हालत अधिक गंभीर होने पर उसे हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया। परिजन उसे देहरादून ले गए और वहां के एक अस्पताल में भर्ती करा दिया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। अब तक इस गांव में बुखार से 5 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें तीन महिलाएं शामिल है। मृतक सीमा की सास बती देवी की भी 4 दिन पहले बुखार से ही मौत हो गई थी। गांव में बुखार को लेकर दहशत का माहौल है। अभी भी 100 से अधिक लोग बुखार से पीड़ित है। मंगलवार को भी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में कैंप कर बुखार पीड़ितों कि खून के सैंपल लिए और उन्हें दवाइयां वितरण की। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी मुजफ्फराबाद डॉ. मीनू गोयल ने बताया, कि गांव में फॉगिंग कराई गई है और ग्रामीणों को साफ-सफाई रखने और बुखार होने पर सरकारी अस्पताल या फिर डिग्री धारक डॉक्टरों से ही इलाज कराने की सलाह दी गई है।
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सहारनपुर। जिले में जानलेवा बुखार ने पांच और लोगों की जान लील ली। बुखार से अनेकोें ग्रामीण पीड़ित है और अस्पतालों में अपना इलाज करा रहे हैं।
सरसावा के ग्राम अगवानहेड़ा की निवासी सुरेशो (50 वर्ष) पत्नी विक्रम के परिजनों के अनुसार सुरेशो को कई दिन से बुखार था। जिसका इलाज यमुनानगर के एक नर्सिंग होम में चल रहा था, लेकिन मंगलवार को उसकी हालत बिगड़ने पर जब परिजन महिला को हायर सेंटर ले जाने लगे तो रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। दूसरी मौत ग्राम गदरहेड़ी में हुई। शिक्षक दिनेश चौधरी (40 वर्ष) के परिजनों का कहना है कि दिनेश को कई दिन पहले बुखार आया तो उन्हें सरसावा के एक निजी चिकित्सक के यहां दिखाया गया। कोई राहत नहीं मिलने के कारण शिक्षक दिनेश को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां मंगलवार सुबह चार बजे उनकी मौत हो गई। मंगलवार को बेहद गमगीन माहौल में गांव में शिक्षक का अंतिम संस्कार कर दिया गया। सरसावा सीएचसी अधीक्षक डाक्टर राजेश शर्मा का कहना है कि दिनेश कुमार की मौत हृदयगति रुकने से हुई है, जबकि महिला सुरेशो की मौत ब्रेन हेमरेज से हुई है। बुखार से किसी भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई है।
देवबंद के खेड़ामुगल में मंगलवार को एक महिला की मौत हो गई। महिला वायरल बुखार से पीड़ित थी जिसका देहरादून स्थित दून हॉस्पिटल में उपचार चल रहा था। मृतका के चारों बच्चे भी बुखार से पीड़ित बताए जा रहे हैं। सुलेमान की पत्नी मेहरूनिसां (38) का शव मंगलवार को जैसे ही खेड़ामुगल पहुंचा मातम पसर गया। मेहरूनिसां की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सुलेमान ने बताया कि मेहरूनिसां को पिछले करीब 15 दिन से बुखार आ रहा था। जिसे सबसे पहले सहारनपुर स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। जहां चिकित्सकों ने वायरल बुखार होना बताया, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर ऋषिकेश स्थित एम्स हास्पिटल में भर्ती कराया गया, लेकिन यहां भी उसकी स्थिति में कोई सुधार नहीं आने पर दो दिन पूर्व देहरादून के दून हास्पिटल में भर्ती कराया गया था। जहां मंगलवार की सुबह उसकी मौत हो गई। चिकित्सकों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद उसके परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने बताया कि सुलेमान के चार बच्चे हैं। इनमें सादिक (18), फरहाना (16), मरियम (14) और शाकिर (11) भी पिछले कई दिनों से बुखार से पीड़ित हैं। जिनका प्राइवेट अस्पताल में उपचार चल रहा है। बता दें कि दो दिन पूर्व नूनाबड़ी और कुलसत गांव में दो लोगों की बुखार से मौत हो गई थी। क्षेत्र में पिछले चार दिन के भीतर बुखार से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। जिससे लोगों में दहशत है। चिकित्सक अधीक्षक डा. इंद्राज सिंह ने बताया कि जिन गांवों में बुखार से मौत हुई है वहां पर स्वास्थ्य विभाग की टीमों को भेजकर लोगों को बुखार से बचने संबंधी जानकारी दी जाएगी।
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बेहट के गांव बुबका में बुखार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को भी इस गांव की बुखार से पीड़ित एक महिला की देहरादून के एक अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। इसी के साथ यहां मरने वालों की संख्या पांच पर पहुंच गई है। बता दें, कि दयालपुर ग्राम पंचायत के गांव बुबका में पिछले 10 दिन से बुखार जबरदस्त तरीके से पैर पसारे हुए है। मंगलवार को भी इस गांव में सीमा (30) पत्नी संजू की बुखार सर मौत हो गई। सीमा पिछले कई दिन से बुखार से पीड़ित थी और सोमवार को हालत गंभीर होने पर उसे सहारनपुर प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से हालत अधिक गंभीर होने पर उसे हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया। परिजन उसे देहरादून ले गए और वहां के एक अस्पताल में भर्ती करा दिया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। अब तक इस गांव में बुखार से 5 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें तीन महिलाएं शामिल है। मृतक सीमा की सास बती देवी की भी 4 दिन पहले बुखार से ही मौत हो गई थी। गांव में बुखार को लेकर दहशत का माहौल है। अभी भी 100 से अधिक लोग बुखार से पीड़ित है। मंगलवार को भी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में कैंप कर बुखार पीड़ितों कि खून के सैंपल लिए और उन्हें दवाइयां वितरण की। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी मुजफ्फराबाद डॉ. मीनू गोयल ने बताया, कि गांव में फॉगिंग कराई गई है और ग्रामीणों को साफ-सफाई रखने और बुखार होने पर सरकारी अस्पताल या फिर डिग्री धारक डॉक्टरों से ही इलाज कराने की सलाह दी गई है।