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आखिरकार टूटा किसानों का सब्र
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Thu, 21 Jul 2016 12:52 AM IST
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hangama
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में गन्ना भुगतान को लेकर किसानों ने विकास भवन में आयोजित किसान दिवस में जमकर हंगामा किया। किसानों ने कहागन्ना मिल मालिक दिल्ली में मजे कर रहे हैं और किसानों के बच्चे भूख से तड़प रहे हैं।
किसानों ने कहा प्रशासन हट जाए तो वह चीनी खुद ही बिकवा देंगे। विकास भवन के सभागार में मुख्य विकास अधिकारी दीपक मीणा की अध्यक्षता में आयोजित किसान दिवस हंगामे के साथ ही शुरू हुआ।
किसान पहले तो अधिकारियों के समय से न पहुंचने पर भड़के। अधिकारियों पर किसानों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। इसके बाद गन्ना भुगतान को लेकर हंगामा किया।
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किसानों ने कहा अधिकारी हर बार एक माह में गन्ना भुगतान कराने का आश्वासन दे रहे हैं, परंतु भुगतान नहीं कराया। किसानों के बच्चे भूख से तड़प रहे हैं, फीस न देने पर स्कूलों से निकाला जा रहा है, लेकिन अधिकारी किसानों का दर्द समझने का प्रयास ही नहीं कर रहे है।
अब तो मार्केट भी ठीक हो चुका है। 4000 रुपये क्विंटल चीनी बिक रही है। फिर भी भुगतान देने को तैयार नहीं है। किसानों ने विद्युत निगम, लोनिवि द्वारा सड़कों की मरम्मत न करना, रजवाहों की सफाई, पानी न होने, बैंकों द्वारा केसीसी बनाने की धांधली करने समेत 57 शिकायतें की।
सीडीओ ने अधिकारियों शिकायतों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए। सीडीअो ने किसानों की आपत्ति पर अनुपस्थित अफसरों का एक दिन का वेतन काटने और स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए।
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किसानों ने कहा प्रशासन हट जाए तो वह चीनी खुद ही बिकवा देंगे। विकास भवन के सभागार में मुख्य विकास अधिकारी दीपक मीणा की अध्यक्षता में आयोजित किसान दिवस हंगामे के साथ ही शुरू हुआ।
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किसान पहले तो अधिकारियों के समय से न पहुंचने पर भड़के। अधिकारियों पर किसानों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। इसके बाद गन्ना भुगतान को लेकर हंगामा किया।
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किसानों ने कहा अधिकारी हर बार एक माह में गन्ना भुगतान कराने का आश्वासन दे रहे हैं, परंतु भुगतान नहीं कराया। किसानों के बच्चे भूख से तड़प रहे हैं, फीस न देने पर स्कूलों से निकाला जा रहा है, लेकिन अधिकारी किसानों का दर्द समझने का प्रयास ही नहीं कर रहे है।
अब तो मार्केट भी ठीक हो चुका है। 4000 रुपये क्विंटल चीनी बिक रही है। फिर भी भुगतान देने को तैयार नहीं है। किसानों ने विद्युत निगम, लोनिवि द्वारा सड़कों की मरम्मत न करना, रजवाहों की सफाई, पानी न होने, बैंकों द्वारा केसीसी बनाने की धांधली करने समेत 57 शिकायतें की।
सीडीओ ने अधिकारियों शिकायतों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए। सीडीअो ने किसानों की आपत्ति पर अनुपस्थित अफसरों का एक दिन का वेतन काटने और स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए।