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कम नहीं हो रहा बुखार का प्रकोप, अस्पताल में मरीजों की कतार

Thu, 31 Oct 2019 12:39 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 31 Oct 2019 12:39 AM IST
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fever case not less till now
कम नहीं हो रहा बुखार का प्रकोप, अस्पताल में मरीजों की कतार
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सहारनपुर। बुखार का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। अब मौसम बदलने के साथ वायरल फीवर चरम पर है। अकेले एसबीडी जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 700 से 800 मरीज बुखार के पहुंच रहे हैं। बुधवार को भी जिला अस्पताल की ओपीडी के बाहर मरीजों की कतारें लगी नजर आईं।

जनपद में इस बार बुखार करीब 80 लोगों की जान ले चुका है। चिकित्सा विभाग की जांच में 112 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। हालांकि विभाग डेंगू से एक भी मौत नहीं होने की बात कह रहा है। मगर हकीकत यह है कि बुखार से मरने वालों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। मौसम में हल्की ठंडक आने के बाद वायरल फीवर के मरीज भी बड़ी संख्या में बढ़े हैं। एसबीडी जिला अस्पताल में ओपीडी में प्रतिदिन 700 से 800 मरीज बुखार के पहुंच रहे हैं, जिन्हें बुखार के साथ ही खांसी और जुकाम होने की भी शिकायत है। फिजीशियन डॉक्टर कुनाल जैन का कहना है कि मौसम परिवर्तन के साथ लोगों को लापरवाही भारी पड़ती है। लोगों को चाहिए कि वह मौसम परिवर्तन के साथ खानपान में परिवर्तन लाएं। ठंडी चीजों से परहेज करें। साथ ही मच्छरों से बचने के उपाय अपनाएं।
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बुखार से बचने को यह करें
-तेज बुखार होने पर पैरासिटामॉल की गोली लें, 102 से अधिक बुखार होने पर तौलिए को पानी में भिगोकर बदन को पोंछते रहें।
-डेंगू के उपचार के लिए कोई खास दवा अथवा बचाव के लिए वैक्सीन नहीं है। दवाओं का सेवन डॉक्टर की सलाह पर ही करें।
-गंभीर मामलों के लक्षण (उल्टी या पेशाब में खून आना ) होने पर चिकित्सालय में फौरन संपर्क करें।
-एस्पीरिन अथवा स्टीरॉयड आदि दवा का प्रयोग कभी ना करें।
-मच्छरों के काटने से बचें मच्छरदानी, मच्छर, अगरबत्ती या कॉयल आदि का इस्तेमाल करें।
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ऐसा ना करें
-घर के बर्तनों, कूलरों, पानी की टंकी, घरों के आस -पास पड़े टायर, टूटे लोहे व प्लास्टिक के बर्तनों में पानी इकट्ठा ना होने दें।
-मच्छर के काटने से बचने के लिऐ शरीर को अधिक से अधिक ढकने वाले कपड़े पहनें।
-रात्रि मेें सोते समय मच्छरदानी एवं मच्छरों से बचने की क्रीम /तेल का प्रयोग करें।
-झोला छाप डाक्टरों से इलाज ना कराएं।
-घर के आस पास गंदा पानी इकट्ठा न होने दें।
-इधर-उधर कूड़ा-कचरा व गंदगी न फैलाएं।
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