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किसानों को दुर्घटना बीमा के तौर पर मिलेंगे पांच लाख
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Fri, 30 Dec 2016 12:21 AM IST
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बैठक लेते कमिश्नर।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए समाजवादी किसान एवं सर्वहित बीमा दुर्घटना योजना शुरू की है। इसमें किसानों की दुर्घटना में मौत होने, दिव्यांग होने या दो अंगों के स्थाई नुकसान पर पांच लाख तक की आर्थिक मदद मिलेेगी।
कमिश्नर ने सर्किट हाउस में हुई बैठक के दौरान अधिकारियों को यह जानकारी दी। कमिश्नर एमपी अग्रवाल ने कहा कि ऐसे किसान जिनकी आयु 18 से 70 वर्ष के बीच हो तथा उनकी सालाना आय 75 हजार रुपये से अधिक न हो, योजना के लिए पात्र माने जाएंगे।
उन्होंने अधिकारियों को विस्तार से योजना की जानकारी दी। उन्होंने इसे सरकार की महत्वाकांक्षी योजना बताते हुए पात्रों को लाभ दिलाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
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बैठक में डीएम मोहम्मद शफकत कमाल, सुजीत कुमार, सीडीओ दीपक मीणा, ईशु रस्तोगी समेत तीनों जिलों के एसडीएम भी मौजूद रहे।
परिजनों को भी मिलेगा चिकित्सा लाभ
कमिश्नर ने बताया कि योजना के तहत लाभ पाने वाले किसान की दुर्घटना में मौत होने पर बीमा लाभ के साथ ही परिवार के सभी सदस्यों को चिकित्सा लाभ भी दिया जाएगा।
इसके लिए बीमित व्यक्ति की फौरी तौर पर नजदीक के कम से कम दस बेड वाले अस्पतालों में 25 हजार तक का भुगतान करने पर क्लेम फार्म भरने के 15 दिनों में कर दिया जाएगा। बड़े अस्पतालों में ढाई लाख रुपये तक की अगली चिकित्सा सुविधा और एक लाख तक के कृत्रिम अंग प्राप्त कर सकेंगे।
योजना के सही क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर डीएम की अध्यक्षता में 11 सदस्यीय कमेटी बनी है। इसमें एडीएम-वित्त एवं राजस्व, सीडीओ, एसएसपी, एसपी, सीएमओ, सभी उप अधिकारी, बेसिक और माध्यमिक शिक्षा अधिकारी, पंचायत, सहकारिता, समाज कल्याण एवं ग्राम्य विकास विभाग के जनपदीय
अधिकारी, जनपदीय कार्यालयाध्यक्ष, राष्ट्रीय बचत, संबंधित बीमा कंपनी के प्रतिनिधि, केयर कार्ड बनाने वाली कंपनी के प्रतिनिधि और सेवा प्रदाता कंपनी के प्रतिनिध शामिल होंगे। प्रदेश स्तर पर अनुश्रवण के लिए कमेटी बनी है।
योजना के तहत स्थाई या अस्थाई विकलांगता पर अधिकतम पांच लाख रुपये, दोनों कानों से बहरेपन की स्थिति में तीन लाख 75 हजार रुपये, एक अंग की स्थाई नुकसान पर एक लाख रुपये, दृष्टि हानि का स्थाई नुकसान होने पर ढाई लाख रुपये का भुगतान किया जाएगा।
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कमिश्नर ने सर्किट हाउस में हुई बैठक के दौरान अधिकारियों को यह जानकारी दी। कमिश्नर एमपी अग्रवाल ने कहा कि ऐसे किसान जिनकी आयु 18 से 70 वर्ष के बीच हो तथा उनकी सालाना आय 75 हजार रुपये से अधिक न हो, योजना के लिए पात्र माने जाएंगे।
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उन्होंने अधिकारियों को विस्तार से योजना की जानकारी दी। उन्होंने इसे सरकार की महत्वाकांक्षी योजना बताते हुए पात्रों को लाभ दिलाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
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बैठक में डीएम मोहम्मद शफकत कमाल, सुजीत कुमार, सीडीओ दीपक मीणा, ईशु रस्तोगी समेत तीनों जिलों के एसडीएम भी मौजूद रहे।
परिजनों को भी मिलेगा चिकित्सा लाभ
कमिश्नर ने बताया कि योजना के तहत लाभ पाने वाले किसान की दुर्घटना में मौत होने पर बीमा लाभ के साथ ही परिवार के सभी सदस्यों को चिकित्सा लाभ भी दिया जाएगा।
इसके लिए बीमित व्यक्ति की फौरी तौर पर नजदीक के कम से कम दस बेड वाले अस्पतालों में 25 हजार तक का भुगतान करने पर क्लेम फार्म भरने के 15 दिनों में कर दिया जाएगा। बड़े अस्पतालों में ढाई लाख रुपये तक की अगली चिकित्सा सुविधा और एक लाख तक के कृत्रिम अंग प्राप्त कर सकेंगे।
योजना के सही क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर डीएम की अध्यक्षता में 11 सदस्यीय कमेटी बनी है। इसमें एडीएम-वित्त एवं राजस्व, सीडीओ, एसएसपी, एसपी, सीएमओ, सभी उप अधिकारी, बेसिक और माध्यमिक शिक्षा अधिकारी, पंचायत, सहकारिता, समाज कल्याण एवं ग्राम्य विकास विभाग के जनपदीय
अधिकारी, जनपदीय कार्यालयाध्यक्ष, राष्ट्रीय बचत, संबंधित बीमा कंपनी के प्रतिनिधि, केयर कार्ड बनाने वाली कंपनी के प्रतिनिधि और सेवा प्रदाता कंपनी के प्रतिनिध शामिल होंगे। प्रदेश स्तर पर अनुश्रवण के लिए कमेटी बनी है।
योजना के तहत स्थाई या अस्थाई विकलांगता पर अधिकतम पांच लाख रुपये, दोनों कानों से बहरेपन की स्थिति में तीन लाख 75 हजार रुपये, एक अंग की स्थाई नुकसान पर एक लाख रुपये, दृष्टि हानि का स्थाई नुकसान होने पर ढाई लाख रुपये का भुगतान किया जाएगा।