नागल (सहारनपुर)। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौ. राकेश टिकैत ने कहा कि वर्तमान में चल रही यूरिया खाद की किल्लत की वजह किसान खुद हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार किसानों ने अपनी फसलों में पिछले वर्ष की अपेक्षा अबकी बार चालीस प्रतिशत यूरिया और रासयनिक दवाइयों का इस्तेमाल ज्यादा किया है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि किसानों को फसल चक्र अपनाते हुए खेती को पुरानी पद्धति के अनुसार करना होगा।
गांव लखनौर में पत्रकारों से बातचीत में राकेश टिकैत ने कहा कि रेलवे द्वारा अधिग्रहण की गई जमीन के मुआवजे में किसानों के साथ सरकार ने दोहरी नीति अपनाई है। जब एक प्रोजेक्ट एक मकसद तो किसानों को अलग-अलग मुआवजा क्यों दिया गया। इस पर उन्होंने सरकार से बात कर सभी किसानों को एक मुआवजा दिलवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जो शुगर मिल गन्ने का भुगतान जल्द नहीं करेंगे तो किसान यूनियन उन्हें आने वाली धनतेरस व दीपावली नहीं मनाने देगी। उन्होंने शुगर मिल के संस्थानों को दीपावली पर घेरने की रणनीति बनाई है। प्रदेश उपाध्यक्ष चौ. विनय कुमार ने कहा की एनएच 344 निर्माण के दौरान गांव लखनौर में जो फ्लाईओवर बना है उसके कारण गांव की पानी की निकासी बाधित हो गई है। जल्द ही उसके लिए नाले का निर्माण हो, साथ ही जिन किसानों को अपने खेत में आने जाने के लिए रास्ते बंद हो गए हैं उन्हें प्रशासनिक अधिकारी उनकी समस्या का समाधान करें अन्यथा यूनियन पुल निर्माण का कार्य बंद करा देगी। इस अवसर पर मुकेश तोमर, राजपाल पनियाली, अमित मुखिया, संजय, गौरव चौधरी, कपिल मुखिया, मनीष चौधरी, भूपेंद्र त्यागी, अजय कांबोज, डॉ राजवीर सिंह, मास्टर देवेंद्र सिंह, उगेश कांबोज आदि रहे। इससे पहले राकेश टिकैत ने मृतक किसान दिगंबर के घर पहुंच उसके बेटों को सांत्वना दी।