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बच्चे स्कूल भेजने को दो से पांच फीसदी अभिभावक राजी

Wed, 23 Sep 2020 11:24 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 23 Sep 2020 11:24 PM IST
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- शिक्षा विभाग ने माध्यमिक विद्यालयों को अभिभावकों से लिखित सहमति लेने को कहा
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- कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए आंशिक रूप से विद्यालय खोलने की तैयारी
फोटो समाचार
जगदीप कुमार
सहारनपुर। सरकार माध्यमिक विद्यालयों को कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए आंशिक रूप से खोलने का मन बना चुकी है। बच्चों को विद्यालय भेजना है या नहीं इसका फैसला अभिभावकों पर छोड़ा गया है। माध्यमिक विद्यालयों को अभिभावकों से लिखित सहमति लेने को कहा गया है। अमर उजाला टीम ने बुधवार को इसकी पड़ताल की। मात्र दो से पांच फीसदी ही अभिभावक अपने बच्चों को विद्यालय भेजने को राजी हैं, वह भी कभी-कभी। अभिभावकों ने शर्त रखी है कि वह अपने बच्चों को तभी विद्यालय भेजेंगे, जब विद्यालयों में कोरोना से बचाव के सभी इंतजाम होंगे।
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पड़ताल में यह आंकड़ा आया सामने
विद्यालय का नाम---------पंजीकृत छात्र--------सहमति
बाजोरिया इंटर कॉलेज---972-------------------02
एसडी इंटर कॉलेज--------811-------------------45
आर्य कन्या इंटर कॉलेज--1325------------------25
एसएएम इंटर कॉलेज-----780-------------------52
सियाराम इंटर कॉलेज-----1200-----------------50
एसडी कन्या इंटर कॉलेज--260------------------50
एचएवी इंटर कॉलेज-------400-------------------40
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यह है आदेश
केंद्र सरकार ने आठ सितंबर को गाइड लाइन जारी की थी, जिसमें कंटेनमेंट जोन के बाहर के स्कूलों को आंशिक रूप से खोलने को कहा गया था। छात्रों और अभिभावकों से स्वैच्छिक आधार पर मार्गदर्शन के लिए छात्रों को विद्यालय भेजने के लिए जागरूकता फैलाने को भी कहा था। इसके बाद माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने 20 सितंबर को सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को आदेश जारी कर अभिभावकों से लिखित सहमति प्राप्त करने को कहा है।
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प्रधानाचार्यों की बात
फोटो समाचार
- बीडी बाजोरिया इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य राजीव रंजन का कहना है कि वह शासन के आदेश के अनुपालन के लिए तैयार हैं, मगर यदि छात्रों को विद्यालय बुलाया जाता है तो उसके लिए हमें बचाव के लिए कड़े प्रबंधन करने होंगे, जिसके लिए प्रशासन का सहयोग जरूरी है।
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- एसडी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. धर्मेंद्र शर्मा का कहना है कि काफी कम संख्या में सहमति आई है। इतने कम बच्चों के लिए विद्यालय खोलने से शेष बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी। हमें सावधानियों के साथ विद्यालय खोलने होंगे।
- आर्य कन्या इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य संतोष का कहना है कि जिन 25 अभिभावकों ने सहमति जताई है उनकी शर्तें भी हैं कि बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेेदारी विद्यालयों को लेनी होगी। हालांकि विद्यालय अब भी अपने स्तर से सावधानी बरत रहे हैं।

- एसएएम इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य मनोज कुमार काकरान ने बताया कि 780 में से मात्र 52 अभिभावकों की सहमति काफी कम संख्या है। अभिभावक कोरोना को लेकर डरे हुए हैं।
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