सहारनपुर। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने पाइनवुड स्कूल में आंगनबाड़ी कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने कहा कि समाज में बदलाव के लिए सबको जोड़ा जाना आवश्यक है। आंगनबाड़ी से लेकर विश्वविद्यालय तक एक कड़ी होनी चाहिए और इस कड़ी की शुरूआत आंगनबाड़ी से भी पहले बेटियों, गर्भवती महिलाओं से होनी चाहिए। यह एक सभ्य समाज का द्योतक है।
उन्होंने कहा कि हमारे गांव में संस्कृति निवास करती है। इसके विकास के लिए उत्तर प्रदेश में जितने कॉलेज हैं, यदि वे सभी एक-एक गांव को भी गोद लें तो ग्राम का विकास पूरी तरीके से किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में सामाजिक कार्य के नेक ग्रेडिंग में 250 अंक होते हैं और इन कार्यों को इसी तरीके से सामाजिक कार्य से जोड़कर ग्रेडिंग दी जाए। इस संदर्भ में भाषा विश्वविद्यालय को एक ऐसी पुस्तक बनाने के निर्देश दिए जो पुराने संस्कारों में लोरी और अन्य लोकगीतों जो कि बच्चे के अंदर एक लगाव पैदा करती थी वह खत्म हो रही है इसको पुनर्जीवित किया जाए। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों को अधिक से अधिक गोद लेने के लिए प्रोत्साहित किया। जनपद के 58 आंगनबाड़ी केंद्रों को सात संस्थानों द्वारा गोद लिया गया। 58 केंद्रों की सामग्रियों में से 10 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को राज्यपाल ने सामग्री का वितरण किया। इस दौरान कैराना सांसद प्रदीप चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष मांगेराम चौधरी, विधायक राजीव गुम्बर, मुकेश चौधरी, देवेंद्र निम, मेयर संजीव वालिया, पूर्व सांसद राघव लखनपाल शर्मा आदि मौजूद रहे।