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जलभराव से पैदा हो रहे मच्छर, बढ़ रही बीमारियां
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Tue, 02 Aug 2016 12:49 AM IST
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जलभराव पर हंगामा करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में अच्छे मानसून की उम्मीद भले ही किसानों के लिए राहतभरी है, लेकिन जिले भर में जगह-जगह जलभराव, पर्याप्त साफ-सफाई के अभाव और अन्य लापरवाही के चलते बीमारियों की आशंका बढ़ती जा रही है।
नालों की सफाई के बाद पड़े ढेर और बरसात के पानी का जमाव मच्छरों की तादाद बढ़ाने के लिए मुफीद माहौल दे रहा है। उधर, स्वास्थ्य विभाग भी अब तक आने वाली इन बीमारियों को लेकर संजीदा नहीं है।
बरसाती मौसम में खुद स्वास्थ्य विभाग ने जिले के नकुड़, गंगोह, सरसावा और सढ़ौली कदीम ब्लॉकों की लाखों की आबादी को अति संवेदनशील माना है। इन ब्लॉकों में मलेरिया और डेंगू अधिक कहर बरपाता रहा है।
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इस बार भी मच्छरों की फौज जान लेकर को पूरी तरह तैयार है। सरकारी अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि उनके यहां डेंगू का तो कोई मरीज अभी तक नहीं पहुंचा है, लेकिन मलेरिया के कई मरीज जरूर पहुंचे है। हालांकि निजी अस्पतालों में इस तरह के कई मामले सामने आए हैं।
- डेंगू और मलेरियां जैसी बीमारियों से बचाव के लिए विभाग अलर्ट है। गंगोह, नकुड़, सढ़ौली कदीम जैसे प्रभावित क्षेत्रों में फॉगिंग कराई जा रही है। 550 आशा कार्यकत्रियों और एएनएम को संवेदनशील इलाकों में भेजा जा रहा है। - डा. शिवांका गौड़, जिला मलेरिया अधिकारी
अगर इस मौसम में बीमारियों को रोकथाम के लिए प्रभावी प्रयास किए जाए तो काफी अच्छा होगा। इस वक्त जलभराव और गंदगी के कारण ही मच्छर फैलते हैं, जो बीमारियों का कारण बनते हैं। लोग भी जागरुक हों और अपने आसपास साफ-सफाई का ध्यान रखें। - डा. अजय सिंह, अध्यक्ष, आईएमए
नगर निगम की ओर से साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। जहां जलभराव की शिकायतें आ रही हैं, वहां तत्काल छिड़काव के साथ ही पानी निकासी की व्यवस्था कराई जाती है।
- डा. नीरज शुक्ला, नगरायुक्त
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नालों की सफाई के बाद पड़े ढेर और बरसात के पानी का जमाव मच्छरों की तादाद बढ़ाने के लिए मुफीद माहौल दे रहा है। उधर, स्वास्थ्य विभाग भी अब तक आने वाली इन बीमारियों को लेकर संजीदा नहीं है।
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बरसाती मौसम में खुद स्वास्थ्य विभाग ने जिले के नकुड़, गंगोह, सरसावा और सढ़ौली कदीम ब्लॉकों की लाखों की आबादी को अति संवेदनशील माना है। इन ब्लॉकों में मलेरिया और डेंगू अधिक कहर बरपाता रहा है।
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इस बार भी मच्छरों की फौज जान लेकर को पूरी तरह तैयार है। सरकारी अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि उनके यहां डेंगू का तो कोई मरीज अभी तक नहीं पहुंचा है, लेकिन मलेरिया के कई मरीज जरूर पहुंचे है। हालांकि निजी अस्पतालों में इस तरह के कई मामले सामने आए हैं।
- डेंगू और मलेरियां जैसी बीमारियों से बचाव के लिए विभाग अलर्ट है। गंगोह, नकुड़, सढ़ौली कदीम जैसे प्रभावित क्षेत्रों में फॉगिंग कराई जा रही है। 550 आशा कार्यकत्रियों और एएनएम को संवेदनशील इलाकों में भेजा जा रहा है। - डा. शिवांका गौड़, जिला मलेरिया अधिकारी
अगर इस मौसम में बीमारियों को रोकथाम के लिए प्रभावी प्रयास किए जाए तो काफी अच्छा होगा। इस वक्त जलभराव और गंदगी के कारण ही मच्छर फैलते हैं, जो बीमारियों का कारण बनते हैं। लोग भी जागरुक हों और अपने आसपास साफ-सफाई का ध्यान रखें। - डा. अजय सिंह, अध्यक्ष, आईएमए
नगर निगम की ओर से साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। जहां जलभराव की शिकायतें आ रही हैं, वहां तत्काल छिड़काव के साथ ही पानी निकासी की व्यवस्था कराई जाती है।
- डा. नीरज शुक्ला, नगरायुक्त