फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Electricity Corporation owes Rs 46.51 crore to government departments

Saharanpur News: सरकारी विभागों पर विद्युत निगम का 46.51 करोड़ रुपये बकाया

Sun, 18 Feb 2024 02:42 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Sun, 18 Feb 2024 02:42 AM IST
विज्ञापन
Electricity Corporation owes Rs 46.51 crore to government departments
सहारनपुर। आम उपभोक्ता का मामूली बिजली बिल भी बकाया हो जाए तो विद्युत निगम कनेक्शन काटने में देर नहीं लगाता, लेकिन सरकारी विभागों पर 46.51 करोड़ रुपये से अधिक होने के बावजूद कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। सबसे ज्यादा ग्राम पेयजल योजना समिति पर 18.09 करोड़ रुपये का बकाया है। ऐसे में सरकारी विभागों से बकाया जमा कराना विद्युत निगम के सामने चुनौती बनी हुई है।
विज्ञापन

घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर विद्युत निगम बकाया को लेकर लगातार शिकंजा कसता जा रहा है। 500 रुपये का बिल बकाया होने पर भी उसका कनेक्शन काट दिया जाता है। समय-समय पर कनेक्शन काटने और एफआईआर दर्ज कराने का अभियान चलता रहता है। भले ही सरकारी विभागों पर बकाया बिजली बिल का भुगतान शासन से होता हो, लेकिन बकाये की राशि करोड़ों में पहुंच गई। ग्राम पेयजल योजना समिति, प्राथमिक शिक्षा, पुलिस, पंचायती राज, एलोपैथिक चिकित्सा और ग्राम प्रधान स्वजल धारा ऐसे हैं, जिन पर करोड़ों रुपये का बकाया है। इसके बाद भी विद्युत निगम इन विभागों पर कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहा है।
विज्ञापन

-------
-- 52 विभागों पर नहीं कोई बकाया
जिले में खादी एवं ग्रामोद्योग, विद्युत निगम, दुग्धशाला विकास, सहकारिता, चीनी उद्योग, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण सहित 52 विभाग ऐसे हैं, जिन पर विद्युत निगम का कोई बकाया है। इससे साफ है कि इनका बिजली बिल का बकाया समय पर जमा हो रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

-------
-- किस विभाग पर कितना बकाया
ग्राम पेयजल योजना समिति 18.09 करोड़
प्राथमिक शिक्षा - 9.58 करोड़
एलोपैथिक चिकित्सा - 4.07 करोड़
ग्राम प्रधान स्वजल धारा - 3.97 करोड़
पुलिस विभाग - 3.36 करोड़
पंचायती राज विभाग - 2.04 करोड़
जिला कारागार - 69.70 लाख
मंडी समिति - 34.64 लाख
माध्यमिक शिक्षा - 28 लाख
नगर विकास - 25.76 लाख
पशु चिकित्सालय - 33.06 लाख
मुख्य विकास अधिकारी - 27.69 लाख
खंड विकास अधिकारी - 29.08 लाख
(नोट : यह आंकड़े विद्युत निगम द्वारा दिए गए।)
-------
-- वर्जन
अब शासन स्तर से ही सरकारी विभागों के बिजली बिलों का भुगतान होता है। जिन सरकारी विभागों पर बकाया है, उन्हें जमा कराने के लिए पत्र लिखते हैं, ताकि वह समय पर बकाया जमा कर सकें।

- आदर्श कुमार कौशल, अधीक्षण अभियंता, विद्युत निगम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed