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बिजलीकर्मियों की हड़ताल आज, आपूर्ति को लगेगा झटका
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- संविदा और सहायक कर्मचारियों के हवाले होंगे बिजलीघर
- साढ़े छह लाख उपभोक्ताओं को परेशानी से बचाने में जुटा प्रशासन
- विरोध, हंगामे से बचने और सुरक्षा के लिए पुलिस टीमें होंगी तैनात
अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। विद्युत निगम में निजीकरण के विरोध में सोमवार को जिले के बिजली कर्मचारी हड़ताल पर जाएंगे। वे पूरे दिन कार्य बहिष्कार करेंगे। अभी तक कर्मचारी रोजाना तीन घंटे का ही कार्य बहिष्कार कर रहे थे। इन हालात में ब्रेकडाउन, लाइन में फॉल्ट, ओवरलोड और ट्रांसफार्मर की खराबी से बिजली आपूर्ति बाधित हुई तो उसे दुरुस्त कराना मुश्किल होगा। इसके बावजूद जिले के छह लाख से अधिक उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए जिला प्रशासन भी व्यवस्था में जुट गया है।
जिले में 132केवी और 220केवी श्रेणी सहित शहर से देहात तक कुल 135 बिजलीघर स्थित हैं। इन्हीं से 496 पोषक केंद्रों के माध्यम से बिजली आपूर्ति दी जाती है। अभियंताओं सहित जिले में 1300 से अधिक कर्मचारी हैं। इनके हड़ताल पर जाने के बाद महज 1100 संविदा कर्मचारियों के भरोसे ही बिजली आपूर्ति की व्यवस्था रहेगी। हालात नियंत्रित रखने के लिए राजस्व विभाग, पंचायत राज विभाग के कर्मचारियों के अलावा पूर्व सैनिकों, आईटीआई और तकनीकी संस्थानों के विशेषज्ञों की भी मदद मांगी गई है। ऐसा इसलिए कि हड़ताल लंबी चली या आपात स्थिति आ जाए तो बिजली आपूर्ति को नियमित रूप से सुचारु रखा जा सके।
हड़ताल के दौरान विरोध, हंगामे या प्रदर्शन की स्थिति में सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस विभाग से मदद मांगी गई है। बड़े बिजलीघरों पर तीन से पांच और छोटे बिजलीघरों पर दो से तीन पुलिस कर्मचारियों की तैनाती की तैयारी है। डीएम अखिलेश सिंह और एसएसपी डॉ. एस चनप्पा ने बताया कि हड़ताल से पूर्व ही जरूरी व्यवस्थाएं कराई जा रही हैं।
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ये है जिले में बिजलीघरों, कर्मचारियों की स्थिति
-जिले में बिजलीघरों की संख्या 135
- संविदा कर्मचारियों की संख्या 1100
- अभियंताओं सहित नियमित कर्मचारी 1300 से अधिक
-11 केवी पोषक केंद्र 496
- कुल उपभोक्ताओं की संख्या 6.5 लाख
- शहर में उपभोक्ताओं की संख्या 1.5 लाख
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इन प्रमुख प्रतिष्ठानों पर आपूर्ति की होगी प्राथमिकता
- जिला अस्पताल, राजकीय मेडिकल कालेज
- सरकारी और निजी स्तर के बड़े बैंक
- दिल्ली रोड और पिलखनी स्थित औद्योगिक क्षेत्र
- रेलवे स्टेशन, रोडवेज और निजी बस अड्डे
- बड़े निजी अस्पताल और लैबों का संचालन
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- साढ़े छह लाख उपभोक्ताओं को परेशानी से बचाने में जुटा प्रशासन
- विरोध, हंगामे से बचने और सुरक्षा के लिए पुलिस टीमें होंगी तैनात
अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। विद्युत निगम में निजीकरण के विरोध में सोमवार को जिले के बिजली कर्मचारी हड़ताल पर जाएंगे। वे पूरे दिन कार्य बहिष्कार करेंगे। अभी तक कर्मचारी रोजाना तीन घंटे का ही कार्य बहिष्कार कर रहे थे। इन हालात में ब्रेकडाउन, लाइन में फॉल्ट, ओवरलोड और ट्रांसफार्मर की खराबी से बिजली आपूर्ति बाधित हुई तो उसे दुरुस्त कराना मुश्किल होगा। इसके बावजूद जिले के छह लाख से अधिक उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए जिला प्रशासन भी व्यवस्था में जुट गया है।
जिले में 132केवी और 220केवी श्रेणी सहित शहर से देहात तक कुल 135 बिजलीघर स्थित हैं। इन्हीं से 496 पोषक केंद्रों के माध्यम से बिजली आपूर्ति दी जाती है। अभियंताओं सहित जिले में 1300 से अधिक कर्मचारी हैं। इनके हड़ताल पर जाने के बाद महज 1100 संविदा कर्मचारियों के भरोसे ही बिजली आपूर्ति की व्यवस्था रहेगी। हालात नियंत्रित रखने के लिए राजस्व विभाग, पंचायत राज विभाग के कर्मचारियों के अलावा पूर्व सैनिकों, आईटीआई और तकनीकी संस्थानों के विशेषज्ञों की भी मदद मांगी गई है। ऐसा इसलिए कि हड़ताल लंबी चली या आपात स्थिति आ जाए तो बिजली आपूर्ति को नियमित रूप से सुचारु रखा जा सके।
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हड़ताल के दौरान विरोध, हंगामे या प्रदर्शन की स्थिति में सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस विभाग से मदद मांगी गई है। बड़े बिजलीघरों पर तीन से पांच और छोटे बिजलीघरों पर दो से तीन पुलिस कर्मचारियों की तैनाती की तैयारी है। डीएम अखिलेश सिंह और एसएसपी डॉ. एस चनप्पा ने बताया कि हड़ताल से पूर्व ही जरूरी व्यवस्थाएं कराई जा रही हैं।
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ये है जिले में बिजलीघरों, कर्मचारियों की स्थिति
-जिले में बिजलीघरों की संख्या 135
- संविदा कर्मचारियों की संख्या 1100
- अभियंताओं सहित नियमित कर्मचारी 1300 से अधिक
-11 केवी पोषक केंद्र 496
- कुल उपभोक्ताओं की संख्या 6.5 लाख
- शहर में उपभोक्ताओं की संख्या 1.5 लाख
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इन प्रमुख प्रतिष्ठानों पर आपूर्ति की होगी प्राथमिकता
- जिला अस्पताल, राजकीय मेडिकल कालेज
- सरकारी और निजी स्तर के बड़े बैंक
- दिल्ली रोड और पिलखनी स्थित औद्योगिक क्षेत्र
- रेलवे स्टेशन, रोडवेज और निजी बस अड्डे
- बड़े निजी अस्पताल और लैबों का संचालन