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नौकरी दिलाने के नाम पर आठ लाख की ठगी
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गंगोह। एक व्यक्ति ने दो लोगों पर सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर आठ लाख रुपये की ठगी करने का आरोप लगाते हुए न्यायालय से न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।
गांव बुड्ढा खेड़ा निवासी सुशील कुमार पुत्र कंवरपाल ने बताया कि उसके भाई अनिल की कलक्ट्रेट में काम करने वाले एक व्यक्ति से जान पहचान थी। उसने भाई को आठ लाख रुपये में सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उक्त रकम हड़प ली। रकम एक अधिकारी के घर में ली गई। इसके बाद आरोपी ने उनके घर राष्ट्रीय खाद्य एवं बीज भंडार परिषद लखनऊ का नियुक्ति पत्र भेजा था। उसके भाई को तीन माह का प्रशिक्षण भी दिलाया ।
आरोप है कि बाद में पता चला कि यह सब धोखा था। उन्होंने उक्त व्यक्ति से इस संबंध में बात की तो उसने अनिल को महिला एवं बाल विकास द्वारा जिला समन्वयक तथा ब्लॉक कॉर्डिनेटर के पद पर फार्म भरवा दिया। आरोप है कि यह भी फर्जी निकला। रकम वापस लौटाने का दबाव बनाने पर उसने आठ लाख रुपये का चेक उसके भाई को दिया परंतु वह बाउंस हो गया।
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पीड़ित ने बताया कि उसने इस मामले की शिकायत थाने में की परंतु सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। उधर, एसपी देहात अतुल शर्मा ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी। यदि कोर्ट से कोई आदेश पारित होता है तो उसका पालन किया जाएगा।
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गांव बुड्ढा खेड़ा निवासी सुशील कुमार पुत्र कंवरपाल ने बताया कि उसके भाई अनिल की कलक्ट्रेट में काम करने वाले एक व्यक्ति से जान पहचान थी। उसने भाई को आठ लाख रुपये में सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उक्त रकम हड़प ली। रकम एक अधिकारी के घर में ली गई। इसके बाद आरोपी ने उनके घर राष्ट्रीय खाद्य एवं बीज भंडार परिषद लखनऊ का नियुक्ति पत्र भेजा था। उसके भाई को तीन माह का प्रशिक्षण भी दिलाया ।
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आरोप है कि बाद में पता चला कि यह सब धोखा था। उन्होंने उक्त व्यक्ति से इस संबंध में बात की तो उसने अनिल को महिला एवं बाल विकास द्वारा जिला समन्वयक तथा ब्लॉक कॉर्डिनेटर के पद पर फार्म भरवा दिया। आरोप है कि यह भी फर्जी निकला। रकम वापस लौटाने का दबाव बनाने पर उसने आठ लाख रुपये का चेक उसके भाई को दिया परंतु वह बाउंस हो गया।
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पीड़ित ने बताया कि उसने इस मामले की शिकायत थाने में की परंतु सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। उधर, एसपी देहात अतुल शर्मा ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी। यदि कोर्ट से कोई आदेश पारित होता है तो उसका पालन किया जाएगा।