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कूड़े की समस्या से निजात दिलाने को चिलकाना में बनेगा डंपिंग यार्ड
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चिलकाना (सहारनपुर)। कस्बे में आने वाले समय में स्वच्छता अभियान के अंतर्गत डंपिंग यार्ड बनने से कूड़े की समस्या से निजात मिलेगी। साथ ही इस कूड़े से नगर पंचायत को आय भी होगी।
नगर पंचायत के चेयरमैन अकबर कुरैशी और अधिशासी अधिकारी जितेंद्र राणा ने बताया कस्बे में सफाई के बाद पड़े कूड़े को शीघ्र ही डंपिंग यार्ड में भेजा जाएगा। कूड़े के डंपिंग यार्ड में जाने से कस्बे में स्वच्छता आने लगेगी तथा जगह-जगह पड़े कूड़े के ढेर समाप्त हो जाएंगे। डंपिंग यार्ड के निर्माण के लिए टेंडर हो चुके हैं। डंपिंग यार्ड की बाउंड्री वॉल के लिए करीब 40 लाख रुपये और एमआरएफ के निर्माण के लिए 33 लाख रुपये के टेंडर हो चुके हैं। करीब 11 बीघा जमीन में डंपिंग यार्ड का निर्माण बरसात के तुरंत बाद शुरू होगा। डंपिंग यार्ड में ही एमआरएफ प्लांट लगेगा। इस प्लांट में सूखे तथा कूड़े को अलग-अलग करके मशीन में डाला जाएगा। वहां इसे परिशोधित करके खाद बनाने का कार्य होगा। कूड़े से बनने वाली खाद से नगर पंचायत को आय होगी। इस आय को स्वच्छता में प्रयोग किया जाएगा। अधिशासी अधिकारी ने बताया कि कस्बे में प्रयोग के तौर पर एक वार्ड को स्वैच्छिक संस्था को कूड़े के निस्तारण के लिए दिया जा सकता है। यह संस्था घर घर जाकर कूड़ा उठाएगी तथा उस कूड़े को डंपिंग यार्ड में ले जाकर उसे परिशोधन करेगी। यदि यह योजना कामयाब रही तो अन्य वार्डों में भी इसे प्रयोग में लाया जा सकता है। चेयरमैन ने बताया कि स्वच्छता मानव के लिए बहुत जरूरी है, इसलिए कस्बे से दूर डंपिंग यार्ड तथा एमआरएफ को स्थापित किया है।
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नगर पंचायत के चेयरमैन अकबर कुरैशी और अधिशासी अधिकारी जितेंद्र राणा ने बताया कस्बे में सफाई के बाद पड़े कूड़े को शीघ्र ही डंपिंग यार्ड में भेजा जाएगा। कूड़े के डंपिंग यार्ड में जाने से कस्बे में स्वच्छता आने लगेगी तथा जगह-जगह पड़े कूड़े के ढेर समाप्त हो जाएंगे। डंपिंग यार्ड के निर्माण के लिए टेंडर हो चुके हैं। डंपिंग यार्ड की बाउंड्री वॉल के लिए करीब 40 लाख रुपये और एमआरएफ के निर्माण के लिए 33 लाख रुपये के टेंडर हो चुके हैं। करीब 11 बीघा जमीन में डंपिंग यार्ड का निर्माण बरसात के तुरंत बाद शुरू होगा। डंपिंग यार्ड में ही एमआरएफ प्लांट लगेगा। इस प्लांट में सूखे तथा कूड़े को अलग-अलग करके मशीन में डाला जाएगा। वहां इसे परिशोधित करके खाद बनाने का कार्य होगा। कूड़े से बनने वाली खाद से नगर पंचायत को आय होगी। इस आय को स्वच्छता में प्रयोग किया जाएगा। अधिशासी अधिकारी ने बताया कि कस्बे में प्रयोग के तौर पर एक वार्ड को स्वैच्छिक संस्था को कूड़े के निस्तारण के लिए दिया जा सकता है। यह संस्था घर घर जाकर कूड़ा उठाएगी तथा उस कूड़े को डंपिंग यार्ड में ले जाकर उसे परिशोधन करेगी। यदि यह योजना कामयाब रही तो अन्य वार्डों में भी इसे प्रयोग में लाया जा सकता है। चेयरमैन ने बताया कि स्वच्छता मानव के लिए बहुत जरूरी है, इसलिए कस्बे से दूर डंपिंग यार्ड तथा एमआरएफ को स्थापित किया है।
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