{"_id":"58975dc44f1c1b4a40e83d69","slug":"drizzle-coolness-grew-farmers-face-bloom","type":"story","status":"publish","title_hn":"बूंदाबांदी से बढ़ी ठंडक, किसानों के चेहरे खिले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बूंदाबांदी से बढ़ी ठंडक, किसानों के चेहरे खिले
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sun, 05 Feb 2017 10:48 PM IST
विज्ञापन
हवा बारिश से गिरी फसल
- फोटो : Amar Ujala
सहारनपुर में बूंदाबांदी की वजह से फिर से ठंडक लौट आई है। रविवार की तड़के शुरू हुई बूंदाबांदी दिनभर रुक-रुककर होती रही। इसकी वजह से जनजीवन भी प्रभावित रहा।
रविवार को न्यूनतम तापमान दस और अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उधर, बूंदाबांदी से किसान खुश हैं, जो और अच्छी बारिश होने की दुआ कर रहे हैं।
मौसम विभाग ने रविवार को बारिश होने की संभावना जताई थी। शनिवार को ही आसमान बादलों से घिर गया था। रातभर बादलों के जमे रहने के कारण रविवार की तड़के करीब साढ़े तीन बजे बादलों की गर्जना के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई।
विज्ञापन
दिन में रुक-रुककर बूंदाबांदी होती रही। इसकी वजह से मौसम में पिछले दो से तीन दिन की तुलना में अधिक ठंड देखने को मिली। न्यूनतम तापमान दस और अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहा।
बूंदाबांदी से गेहूं और गन्ना किसान खुश हैं। गौरतलब है कि जनपद में 70 से 80 फीसदी किसानों ने गेहूं की बुआई की हुई है, जिसे इन दिनों पानी की सख्त जरूरत है।
किसानों का मानना है कि इन दिनों की बारिश गेहूं की फसल के लिए वरदान होती है। बारिश के पानी से गेहूं का पौधा अच्छा मैढ़ा यानी जड़ पकड़ता है, जिससे उत्पादन भी बेहतर रहता है।
विज्ञापन
रविवार को न्यूनतम तापमान दस और अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उधर, बूंदाबांदी से किसान खुश हैं, जो और अच्छी बारिश होने की दुआ कर रहे हैं।
विज्ञापन
मौसम विभाग ने रविवार को बारिश होने की संभावना जताई थी। शनिवार को ही आसमान बादलों से घिर गया था। रातभर बादलों के जमे रहने के कारण रविवार की तड़के करीब साढ़े तीन बजे बादलों की गर्जना के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई।
विज्ञापन
दिन में रुक-रुककर बूंदाबांदी होती रही। इसकी वजह से मौसम में पिछले दो से तीन दिन की तुलना में अधिक ठंड देखने को मिली। न्यूनतम तापमान दस और अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहा।
बूंदाबांदी से गेहूं और गन्ना किसान खुश हैं। गौरतलब है कि जनपद में 70 से 80 फीसदी किसानों ने गेहूं की बुआई की हुई है, जिसे इन दिनों पानी की सख्त जरूरत है।
किसानों का मानना है कि इन दिनों की बारिश गेहूं की फसल के लिए वरदान होती है। बारिश के पानी से गेहूं का पौधा अच्छा मैढ़ा यानी जड़ पकड़ता है, जिससे उत्पादन भी बेहतर रहता है।