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Saharanpur News: नगर निगम के 32 गांवों में 30 करोड़ से होगी जल निकासी की व्यवस्था
Tue, 07 Nov 2023 12:57 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Tue, 07 Nov 2023 12:57 AM IST
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सहारनपुर। नगर निगम में शामिल 32 गांवों में जल निकासी की मजबूत व्यवस्था होने जा रही है। जल निकासी पर नगर निगम 30 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इस प्रकार प्रत्येक गांव के हिस्से में लगभग 90 लाख रुपये आएंगे, जिनसे नाले, नालियों और पुलियाओं का निर्माण होगा। उसके बाद कहीं भी जलभराव की समस्या नहीं रहेगी।
नगर निगम 2009 में बना था। उस दौरान शहर के आसपास के 32 गांवों को शामिल करते हुए शहर का विस्तार किया गया था। 13 साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उक्त गांवों तक विकास पूरी तरह नहीं पहुंचा है। पथ प्रकाश की व्यवस्था को छोड़ दें तो विकास के अन्य कार्यों की अभी इन गांवों में जरूरत है। हालांकि कुछ जगहों पर नाले और नालियों का निर्माण हुआ है, लेकिन जरूरत के हिसाब से वह नाकाफी है, लेकिन अब नगर निगम 32 गांवों की जल निकासी को सुदृढ़ बनाने जा रहा है। नगर निगम ने प्रदेश सरकार से उक्त गांवों की सड़कों, नालियों और अंत्येष्टि स्थलों के लिए बजट की मांग की थी, जिनमें से नालों और नालियों के निर्माण के लिए बजट की स्वीकृति मिली है। जल निकासी के लिए करीब 30 करोड़ रुपये मिलेंगे, जिससे इन गांवों में नाले और नालियां बनेंगी। साथ ही गांवों के पानी को इधर-उधर छोड़ने की बजाय बड़े नालों से जोड़ा जाएगा।
तालाबों की भी हालत में होगा सुधार
32 गांवों में से कई गांव ऐसे हैं, जिनसे निकलने वाला पानी तालाबों में छोड़ा गया है। गांव चक देवली, हसनपुर इसका बेहतर उदाहरण हैं। गांव का पानी तालाबों में गिरने से तालाब पूरी तरह दूषित हो रहे हैं। गांव का कचरा भी नालियों के साथ बहकर तालाबों में आ गया है, लेकिन अब तालाबों में गिरने वाले पानी को रोका जाएगा। जिससे तालाब दूषित होने से बच सकें।
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महानगर में शामिल 32 गांवों में सड़क, जल निकासी और अंत्येष्टि स्थलों के निर्माण के लिए करीब डेढ वर्ष पहले शासन से बजट की मांग की गई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के दौरान भी हमने यह मांग रखी थी। पहले चरण में जल निकासी के लिए बजट की स्वीकृति मिली है। जैसे ही पैसा हमें मिल जाएगा तो संबंधित गांवों में जरूरत के हिसाब से नाले और नालियों का निर्माण कराया जाएगा। दूसरे चरण में सड़कों और अंत्येष्टि स्थलों पर काम होगा।
डॉ. अजय कुमार, महापौर
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नगर निगम 2009 में बना था। उस दौरान शहर के आसपास के 32 गांवों को शामिल करते हुए शहर का विस्तार किया गया था। 13 साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उक्त गांवों तक विकास पूरी तरह नहीं पहुंचा है। पथ प्रकाश की व्यवस्था को छोड़ दें तो विकास के अन्य कार्यों की अभी इन गांवों में जरूरत है। हालांकि कुछ जगहों पर नाले और नालियों का निर्माण हुआ है, लेकिन जरूरत के हिसाब से वह नाकाफी है, लेकिन अब नगर निगम 32 गांवों की जल निकासी को सुदृढ़ बनाने जा रहा है। नगर निगम ने प्रदेश सरकार से उक्त गांवों की सड़कों, नालियों और अंत्येष्टि स्थलों के लिए बजट की मांग की थी, जिनमें से नालों और नालियों के निर्माण के लिए बजट की स्वीकृति मिली है। जल निकासी के लिए करीब 30 करोड़ रुपये मिलेंगे, जिससे इन गांवों में नाले और नालियां बनेंगी। साथ ही गांवों के पानी को इधर-उधर छोड़ने की बजाय बड़े नालों से जोड़ा जाएगा।
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तालाबों की भी हालत में होगा सुधार
32 गांवों में से कई गांव ऐसे हैं, जिनसे निकलने वाला पानी तालाबों में छोड़ा गया है। गांव चक देवली, हसनपुर इसका बेहतर उदाहरण हैं। गांव का पानी तालाबों में गिरने से तालाब पूरी तरह दूषित हो रहे हैं। गांव का कचरा भी नालियों के साथ बहकर तालाबों में आ गया है, लेकिन अब तालाबों में गिरने वाले पानी को रोका जाएगा। जिससे तालाब दूषित होने से बच सकें।
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महानगर में शामिल 32 गांवों में सड़क, जल निकासी और अंत्येष्टि स्थलों के निर्माण के लिए करीब डेढ वर्ष पहले शासन से बजट की मांग की गई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के दौरान भी हमने यह मांग रखी थी। पहले चरण में जल निकासी के लिए बजट की स्वीकृति मिली है। जैसे ही पैसा हमें मिल जाएगा तो संबंधित गांवों में जरूरत के हिसाब से नाले और नालियों का निर्माण कराया जाएगा। दूसरे चरण में सड़कों और अंत्येष्टि स्थलों पर काम होगा।
डॉ. अजय कुमार, महापौर