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...कोई गद्दार न हो मेरे पावन देश में
ब्यूरो/अमर उजाला, देवबंद
Updated Sun, 07 Aug 2016 01:59 AM IST
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ंकवियत्री गौरी मिश्रा को सम्मानित करते पदाधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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साहित्यिक और सामाजिक संस्था चेतना के द्वारा कवियत्री गौरी मिश्रा के सम्मान में एक काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ। इसमें कवियों ने काव्य पाठ करते हुए श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
गांधी कॉलोनी में शनिवार को कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि श्री त्रिपुर मां बाला सुंदरी मंदिर सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष पं. सतेंद्र शर्मा ने किया। दीप प्रज्ज्वलित सभासद हरिओम सिंघल, अध्यक्षता मनोज बंसल और संचालन गुलजार देवबंदी ने किया। गोष्ठी का शुभारंभ कुनाल धीमान की सरस्वती वंदना से किया गया।
पं. सतेंद्र शर्मा ने कहा इतना प्यार करेगा कौन जितना मां करती है, बेटा जब प्रदेश का जाय मां रोया करती है। नईम अख्तर ने कहा मैं तेरी मोहब्बत में दुनिया को भुला बैठा, सब लोग कह रहे हैं मुझको दीवाना दीवाना है। महताब आजाद ने कहा कोई गद्दार न हो मेरे पावन देश में, तिरंगा सबकों हो जान से प्यार।
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डॉ. दिवाकर गर्ग ने कहा सत्ता सच्ची हो तो रामायण बनती है, अन्यथा लंका की तरह जलती है। जावेद आसी ने कहा सियासत का महल है झूठ की बुनियाद पर कायम, तवायफ नाच गाना छोड़ दे ये गैर मुमकिन है। गौरी मिश्रा ने कहा ये गुलशन की महकती खुशबू ए कहती है जमाने से, जहां पर बेटियां होती है वहीं पर स्वर्ग होता है। इनके अलावा जाहिद देवबंदी, डॉ. सुधीर कोरी, राशिद कमाल, चांद देवबंदी आदि ने भी काव्य पाठ किया।
गौरी मिश्रा को संस्था की ओर से साहित्यिक एवार्ड और शाल देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर गौरव विवेक, आदेश चौहान, बिट्टू चौधरी, प्रवीण देशवाल, मनोज बंसल, राजेश शर्मा, प्रधान धन्नजय, रीतिष धीमान, मोहित शर्मा आदि मौजूद रहे।
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गांधी कॉलोनी में शनिवार को कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि श्री त्रिपुर मां बाला सुंदरी मंदिर सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष पं. सतेंद्र शर्मा ने किया। दीप प्रज्ज्वलित सभासद हरिओम सिंघल, अध्यक्षता मनोज बंसल और संचालन गुलजार देवबंदी ने किया। गोष्ठी का शुभारंभ कुनाल धीमान की सरस्वती वंदना से किया गया।
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पं. सतेंद्र शर्मा ने कहा इतना प्यार करेगा कौन जितना मां करती है, बेटा जब प्रदेश का जाय मां रोया करती है। नईम अख्तर ने कहा मैं तेरी मोहब्बत में दुनिया को भुला बैठा, सब लोग कह रहे हैं मुझको दीवाना दीवाना है। महताब आजाद ने कहा कोई गद्दार न हो मेरे पावन देश में, तिरंगा सबकों हो जान से प्यार।
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डॉ. दिवाकर गर्ग ने कहा सत्ता सच्ची हो तो रामायण बनती है, अन्यथा लंका की तरह जलती है। जावेद आसी ने कहा सियासत का महल है झूठ की बुनियाद पर कायम, तवायफ नाच गाना छोड़ दे ये गैर मुमकिन है। गौरी मिश्रा ने कहा ये गुलशन की महकती खुशबू ए कहती है जमाने से, जहां पर बेटियां होती है वहीं पर स्वर्ग होता है। इनके अलावा जाहिद देवबंदी, डॉ. सुधीर कोरी, राशिद कमाल, चांद देवबंदी आदि ने भी काव्य पाठ किया।
गौरी मिश्रा को संस्था की ओर से साहित्यिक एवार्ड और शाल देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर गौरव विवेक, आदेश चौहान, बिट्टू चौधरी, प्रवीण देशवाल, मनोज बंसल, राजेश शर्मा, प्रधान धन्नजय, रीतिष धीमान, मोहित शर्मा आदि मौजूद रहे।